Ram Mandir Chadhawa Chori: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान की गिनती की व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए जा रहे हैं। कथित चढ़ावा चोरी के मामले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गिनती केंद्र से लेकर बैंक तक नकदी पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी मजबूत करने का फैसला लिया है।
नई व्यवस्था में कर्मचारियों की यूनिफॉर्म, एंट्री-एग्जिट जांच, CCTV रिकॉर्डिंग, कैमरों की तकनीक, बैंक कर्मचारियों की भूमिका और नकदी को बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में बदलाव शामिल हैं। ट्रस्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चढ़ावे की रकम की गिनती से लेकर उसके बैंक में जमा होने तक हर चरण में सुरक्षा और जवाबदेही बनी रहे।
अब कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में नहीं होंगी जेबें
दान की गिनती में शामिल कर्मचारियों के लिए नई यूनिफॉर्म पहले ही लागू की जा चुकी है। इस वर्दी की सबसे खास बात यह है कि इसमें जेब नहीं होगी। इसका उद्देश्य गिनती के दौरान नकदी या किसी अन्य सामग्री को छिपाकर बाहर ले जाने की संभावना को कम करना है।
इसके साथ ही गिनती केंद्र में कर्मचारियों की एंट्री और एग्जिट, दोनों स्थानों पर सख्त तलाशी की व्यवस्था की गई है। यानी गिनती में शामिल कर्मचारियों की आवाजाही पर पहले के मुकाबले ज्यादा कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
45 दिन नहीं, अब 180 दिन तक सुरक्षित रहेगा CCTV फुटेज
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की अवधि भी बढ़ाई गई है। पहले गिनती वाले कमरे की CCTV रिकॉर्डिंग 45 दिनों तक सुरक्षित रखी जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया है।
इसका मतलब है कि किसी कथित गड़बड़ी, चोरी या अन्य घटना की जांच के दौरान करीब छह महीने तक पुरानी रिकॉर्डिंग की मदद ली जा सकेगी। लंबे समय तक फुटेज उपलब्ध रहने से किसी घटना की जांच और जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
साधारण कैमरों की जगह लगाए जाएंगे PTZ कैमरे
गिनती केंद्र की निगरानी के लिए कैमरों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। मौजूदा फिक्स्ड CCTV कैमरों की जगह PTZ यानी Pan-Tilt-Zoom कैमरे लगाए जाएंगे।
PTZ कैमरों को जरूरत के अनुसार अलग-अलग दिशाओं में घुमाया जा सकता है और किसी खास स्थान या गतिविधि को जूम करके देखा जा सकता है। इससे गिनती केंद्र में होने वाली गतिविधियों पर ज्यादा प्रभावी तरीके से नजर रखने में मदद मिलेगी।
दान की गिनती में SBI के कर्मचारियों पर जोर
ट्रस्ट ने भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI के सामने यह सुझाव भी रखा है कि दान की गिनती जैसे संवेदनशील काम में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के बजाय बैंक के अपने कर्मचारियों को लगाया जाए।
ट्रस्ट का मानना है कि इस तरह की संवेदनशील प्रक्रिया में अनुभवी और बैंक के नियमित कर्मचारियों की भूमिका बढ़ाने से जवाबदेही को और मजबूत किया जा सकता है। इसके साथ ही इस काम में लगाए जाने वाले कर्मचारियों को बेहतर पारिश्रमिक देने का सुझाव भी दिया गया है।
गिनती की प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में ट्रस्ट की निगरानी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि रकम की गिनती और रिकॉर्डिंग से लेकर आगे की प्रक्रिया तक किसी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश कम हो।
मंदिर से बैंक तक नकदी ले जाने का तरीका भी बदलेगा
दान की रकम को मंदिर परिसर से SBI की शाखा तक पहुंचाने की व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है। नई व्यवस्था में नोटों के बंडलों को सुरक्षित तरीके से पैक करने के बाद उन्हें मंदिर परिसर के अंदर ही SBI के वाहन में लोड किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर से बैंक तक नकदी ले जाने के दौरान होने वाली संभावित पिलफरेज यानी रकम में सेंधमारी की आशंका को कम करना है। यानी सुरक्षा सिर्फ गिनती केंद्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बैंक तक रकम पहुंचने की पूरी प्रक्रिया पर भी ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
राम मंदिर ट्रस्ट को जल्द मिलेगा नया CEO
दान की गिनती से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव के साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपने पहले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी CEO के चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रहा है।
CEO के चयन के लिए बनाई गई सर्च कमेटी ने इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी कर ली है। 11 और 12 अगस्त को अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में अंतिम दौर के इंटरव्यू आयोजित किए गए।
सर्च कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। अब कमेटी उम्मीदवारों का अंतिम मूल्यांकन करके ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल सौंपेगी। इसके बाद नए CEO की अंतिम नियुक्ति ट्रस्ट की ओर से की जाएगी।
5,585 आवेदन आए, 16 उम्मीदवार हुए शॉर्टलिस्ट
CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 3,877 आवेदनों के साथ विस्तृत CV शामिल थे। जांच और मूल्यांकन के बाद 1,580 उम्मीदवारों का विस्तृत आकलन किया गया।
इसके बाद करीब 111 उम्मीदवारों को ऑनलाइन बातचीत के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 16 उम्मीदवारों को अयोध्या में आमने-सामने इंटरव्यू के लिए बुलाया गया।
इन उम्मीदवारों में रक्षा, प्रशासन, कॉरपोरेट, उद्योग, शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले पेशेवर शामिल हैं। अब सर्च कमेटी अंतिम उम्मीदवारों का मूल्यांकन करके तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को देगी।
क्यों जरूरी किए गए ये बदलाव?
अयोध्या के राम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और यहां रोजाना बड़ी मात्रा में दान और चढ़ावा प्राप्त होता है। ऐसे में नकदी की गिनती, पैकिंग, रिकॉर्डिंग और बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील हो जाती है।
कथित चढ़ावा चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट की ओर से किए जा रहे ये बदलाव इसी पूरी प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। कर्मचारियों की बिना जेब वाली यूनिफॉर्म, एंट्री-एग्जिट पर तलाशी, 180 दिनों तक CCTV फुटेज सुरक्षित रखना, PTZ कैमरों की निगरानी और बैंक कर्मचारियों की भूमिका बढ़ाने जैसे कदमों का मकसद सुरक्षा और जवाबदेही को मजबूत करना है।
अब चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान कर्मचारियों की गतिविधियों पर ज्यादा कड़ी नजर रहेगी और मंदिर से बैंक तक नकदी पहुंचाने की प्रक्रिया भी पहले के मुकाबले अधिक नियंत्रित होगी। इससे श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान की सुरक्षा और पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


