Sukhbir Singh Badal Attack: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित हजूर साहिब गुरुद्वारे में हमला किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, हमलावर ने कृपाण से सुखबीर सिंह बादल पर वार करने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उसे काबू में कर लिया। घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
नांदेड़ के गुरुद्वारे में सुखबीर बादल पर हमला
गुरुवार को सुखबीर सिंह बादल नांदेड़ के ऐतिहासिक हजूर साहिब गुरुद्वारे में मौजूद थे। इसी दौरान उन पर हमला किया गया। घटना के सामने आने के बाद गुरुद्वारा परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा कर्मियों ने हमलावर को तुरंत पकड़ लिया, जिससे हमला गंभीर रूप लेने से पहले ही रोक दिया गया।
मीडिया रिपोर्टों में हमलावर की पहचान 62 वर्षीय जसपाल सिंह के रूप में बताई गई है। उसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वह निहंग के रूप में गुरुद्वारे से जुड़ा हुआ था और पिछले करीब दो वर्षों से नांदेड़ क्षेत्र में सेवा कर रहा था।
घटना के दौरान सुखबीर सिंह बादल की पत्नी और सांसद हरसिमरत कौर बादल भी मौके पर मौजूद थीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह सुरक्षित हैं।
कृपाण से हमला करने की कोशिश
रिपोर्टों के अनुसार, सुखबीर सिंह बादल गुरुद्वारे में धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उन पर कृपाण से हमला करने की कोशिश की।
सुरक्षा घेरे में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर की गतिविधि को तुरंत भांप लिया और उसे पकड़ लिया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
हमले के पीछे आरोपी का क्या मकसद था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हमला व्यक्तिगत कारणों से किया गया, किसी राजनीतिक या अन्य विवाद से जुड़ा था या इसके पीछे कोई और वजह थी।
फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य फोकस आरोपी से पूछताछ, घटनास्थल की परिस्थितियों और हमले के पूरे घटनाक्रम को समझने पर है।
कौन है हमले का आरोपी जसपाल सिंह?
BREAKING: Sukhbir Singh Badal has reportedly been attacked by a Nihang Singh in Nanded. A police officer from his security detail was also injured. Badal is being taken to a private hospital for treatment.
Earlier in the morning, he had visited Takht Sri Patna Sahib with his… pic.twitter.com/Uj85kTm1FW
— Gagandeep Singh (@Gagan4344) August 13, 2026 मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी की उम्र करीब 62 साल है और उसका नाम जसपाल सिंह बताया गया है। वह मूल रूप से पुणे का रहने वाला बताया जा रहा है। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि उसने पहले पुणे की अदालत में वकील के तौर पर काम किया था।
बताया जा रहा है कि पिछले करीब दो वर्षों से वह नांदेड़ के पास गुरुद्वारे से जुड़कर सेवा कर रहा था। इसी वजह से वह परिसर और वहां की गतिविधियों से परिचित था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने हमला करने की योजना पहले से बनाई थी या घटना अचानक हुई।
आरोपी को मौके से ही पकड़ लिए जाने के कारण पुलिस को उससे सीधे पूछताछ करने का मौका मिला है। जांच एजेंसियां यह भी पता कर सकती हैं कि घटना से पहले उसने किन लोगों से संपर्क किया था और उसके पास हमले से जुड़ा कोई पूर्व उद्देश्य या योजना थी या नहीं।
हालांकि, जब तक पुलिस की जांच पूरी नहीं होती, आरोपी की मंशा को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
फडणवीस ने दिए जांच के आदेश
घटना को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और हमले के पीछे के मकसद की जांच करने को कहा।
फडणवीस के निर्देश के बाद पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इसमें सुरक्षा व्यवस्था, आरोपी की पृष्ठभूमि, घटना से पहले की गतिविधियां और हमले के संभावित कारण शामिल हैं।
सुखबीर सिंह बादल को Z-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त होने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है। ऐसे में सुरक्षा घेरे के बावजूद गुरुद्वारे जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थल पर हमला होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हमले के दौरान क्या हुआ?
घटना के बारे में सामने आई शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल गुरुद्वारे में मौजूद थे। इसी दौरान आरोपी उनके करीब पहुंचा और कथित तौर पर कृपाण से हमला करने की कोशिश की।
सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और हमलावर को दबोच लिया। इस कार्रवाई के कारण हमला आगे नहीं बढ़ सका। घटना के दौरान एक पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को संभाला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सुरक्षा घेरे में आरोपी किस तरह पहुंचा और उसने हमला करने का मौका कैसे हासिल किया।
सुखबीर सिंह बादल की हालत कैसी है?
हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल की हालत स्थिर बताई जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में उन्हें मामूली चोट लगने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उनकी पत्नी हरसिमरत कौर बादल भी घटना के समय उनके साथ थीं और सुरक्षित हैं।
हमले की जानकारी सामने आने के बाद पंजाब और महाराष्ट्र की राजनीति में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। सुखबीर बादल की पार्टी SAD से जुड़े नेताओं और समर्थकों की नजर अब पुलिस जांच पर है।
2024 में भी हुआ था सुखबीर बादल पर हमला
सुखबीर सिंह बादल इससे पहले भी एक हमले का सामना कर चुके हैं। दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर के बाहर उन पर गोली चलाने की कोशिश की गई थी। उस समय भी सुरक्षाकर्मियों की तत्परता के कारण बड़ा हादसा टल गया था।
अब करीब दो साल बाद नांदेड़ में उनके ऊपर फिर हमला होने से उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के कारण और परिस्थितियां अलग-अलग हैं और मौजूदा मामले में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी।
पुलिस जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
नांदेड़ हमले की जांच में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाशे जा सकते हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी ने सुखबीर बादल को निशाना क्यों बनाया।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच करेगी कि क्या आरोपी ने हमले की पहले से तैयारी की थी। वह गुरुद्वारे में कितने समय से रह रहा था और सुखबीर बादल के कार्यक्रम की उसे कितनी जानकारी थी, यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलू भी महत्वपूर्ण हैं। सुखबीर बादल को उच्च स्तर की सुरक्षा मिली हुई है, ऐसे में हमलावर उनके इतने करीब तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम होगी।
पुलिस आरोपी के पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों और हाल की गतिविधियों की भी जांच कर सकती है। इसके अलावा घटनास्थल के CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से भी पूरे घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल क्या स्थिति है?
फिलहाल आरोपी जसपाल सिंह पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस हमले के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमले का मकसद अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हुआ है। इसलिए आरोपी की पृष्ठभूमि या किसी संभावित राजनीतिक कारण को लेकर किसी तरह का निष्कर्ष जांच पूरी होने से पहले निकालना उचित नहीं होगा।
नांदेड़ में हुई इस घटना ने एक बार फिर हाई-प्रोफाइल राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब पुलिस जांच से यह साफ होने की उम्मीद है कि हमले की वजह क्या थी और आरोपी ने इस घटना को अंजाम क्यों दिया।


