DDA Plan: दिल्ली के द्वारका सब-सिटी को आर्थिक, व्यावसायिक और निवेश के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक अहम कदम उठाया है। DDA और जुनिपर होटल्स लिमिटेड के बीच द्वारका सेक्टर-23 में एक भव्य 5-स्टार होटल विकसित करने के लिए MoU हुआ है। 1000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाले इस प्रोजेक्ट से करीब 800 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है।
DDA Plan: दिल्ली का द्वारका इलाका आने वाले वर्षों में सिर्फ रिहायशी क्षेत्र नहीं, बल्कि बड़े बिजनेस, हॉस्पिटैलिटी और निवेश केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर सकता है। इसी दिशा में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने द्वारका सेक्टर-23 में एक बड़े 5-स्टार होटल के विकास के लिए जुनिपर होटल्स लिमिटेड के साथ समझौता किया है।
इस प्रस्तावित होटल प्रोजेक्ट में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कैपिटल इन्वेस्टमेंट किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद करीब 800 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। ऐसे में यह परियोजना द्वारका की स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
DDA के इस कदम का उद्देश्य द्वारका सब-सिटी को एक मजबूत इकोनॉमिक, कमर्शियल और इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। क्षेत्र में पहले से मौजूद बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और आने वाली परियोजनाओं को देखते हुए प्रीमियम होटल की शुरुआत से यहां बिजनेस ट्रैवल, कॉन्फ्रेंस, टूरिज्म और हाई-एंड हॉस्पिटैलिटी को बढ़ावा मिल सकता है।
2030 तक शुरू करने का लक्ष्य
प्रस्तावित होटल प्रोजेक्ट को लाइसेंस फीस मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए जमीन जल्द ही जुनिपर होटल्स लिमिटेड को सौंपे जाने की योजना है। परियोजना को पूरा कर होटल को 2030 तक ऑपरेशनल करने का लक्ष्य रखा गया है।
DDA के लिए यह परियोजना लंबे समय में बड़ा राजस्व स्रोत भी बन सकती है। बताया गया है कि 55 वर्षों की लाइसेंस अवधि के दौरान इस होटल से DDA को 6000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलने का अनुमान है।
इस तरह परियोजना केवल होटल निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि लंबे समय तक दिल्ली के विकास प्राधिकरण के लिए राजस्व पैदा करने वाली परिसंपत्ति के रूप में भी काम कर सकती है।
ग्रैंड हयात ब्रांड के तहत बनेगा होटल
द्वारका में बनने वाला यह प्रीमियम होटल ग्रैंड हयात ब्रांड के तहत विकसित और संचालित किए जाने की योजना है। जुनिपर होटल्स लिमिटेड, सराफ होटल्स और अंतरराष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी कंपनी हयात के बीच रणनीतिक साझेदारी है।
जुनिपर होटल्स पहले से भारत के अलग-अलग प्रमुख स्थानों पर हॉस्पिटैलिटी कारोबार संचालित करता है। कंपनी के पोर्टफोलियो में सात होटल शामिल हैं, जिनमें करीब 1895 कमरे और 245 सर्विस अपार्टमेंट्स बताए गए हैं।
द्वारका प्रोजेक्ट के लिए कंपनी हयात के साथ साझेदारी में अपने प्रीमियम ग्रैंड हयात ब्रांड का इस्तेमाल करेगी। इससे दिल्ली-एनसीआर में हाई-एंड होटल और बिजनेस हॉस्पिटैलिटी की मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
गोल्फ कोर्स के ठीक सामने होगी प्राइम लोकेशन
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन है। प्रस्तावित 5-स्टार होटल DDA द्वारका गोल्फ कोर्स के ठीक सामने विकसित किया जाएगा। इससे होटल में ठहरने वाले मेहमानों के साथ-साथ गोल्फ खेलने आने वाले खिलाड़ियों को भी बेहतर हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं मिल सकती हैं।
द्वारका गोल्फ कोर्स को देश के प्रमुख गोल्फ कोर्स में शामिल किया जाता है और यहां लंबे 18-होल गोल्फ कोर्स की सुविधा है। होटल की लोकेशन इसे गोल्फ से जुड़े आयोजनों, कॉर्पोरेट इवेंट्स और प्रीमियम यात्रियों के लिए आकर्षक बना सकती है।
यशोभूमि और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी नजदीक
होटल की लोकेशन का एक और बड़ा फायदा यह है कि यह यशोभूमि के बेहद करीब होगा। यशोभूमि क्षेत्रफल के लिहाज से भारत और एशिया के बड़े कन्वेंशन सेंटरों में शामिल है।
इस वजह से दिल्ली में बड़े कॉन्फ्रेंस, बिजनेस मीटिंग, प्रदर्शनी और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले लोगों के लिए यह होटल महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है। कन्वेंशन सेंटर के आसपास बड़े होटल की मौजूदगी बिजनेस टूरिज्म और MICE यानी Meetings, Incentives, Conferences and Exhibitions सेक्टर को भी बढ़ावा दे सकती है।
इसके अलावा प्रस्तावित होटल द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के भी नजदीक होगा। खेल आयोजनों और बड़े टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों के लिए होटल की मांग बढ़ सकती है।
प्रस्तावित डिप्लोमैटिक एन्क्लेव से भी मिलेगा फायदा
द्वारका में प्रस्तावित डिप्लोमैटिक एन्क्लेव की मौजूदगी भी इस प्रोजेक्ट को खास बनाती है। होटल की लोकेशन ऐसी है कि भविष्य में यहां आने वाले राजनयिकों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को प्रीमियम आवास और हॉस्पिटैलिटी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
इस तरह गोल्फ कोर्स, यशोभूमि, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और डिप्लोमैटिक एन्क्लेव जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के आसपास एक साथ विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारका की कमर्शियल वैल्यू को बढ़ा सकता है।
द्वारका के रियल एस्टेट और बिजनेस सेक्टर को मिल सकता है फायदा
द्वारका में इतने बड़े होटल प्रोजेक्ट के आने से सिर्फ हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को ही फायदा मिलने की उम्मीद नहीं है। होटल के निर्माण और संचालन से स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन, ट्रांसपोर्ट, फूड सर्विस, इवेंट मैनेजमेंट, सिक्योरिटी, हाउसकीपिंग और अन्य सर्विस सेक्टर में भी अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
1000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से निर्माण गतिविधियों को भी गति मिलेगी। होटल के ऑपरेशनल होने के बाद आसपास के कमर्शियल इलाकों में बिजनेस एक्टिविटी बढ़ने की संभावना है।
द्वारका पहले से ही दिल्ली के प्रमुख प्लान्ड सब-सिटी क्षेत्रों में शामिल है। एयरपोर्ट के नजदीक होने और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वजह से इसकी कनेक्टिविटी और कमर्शियल अहमियत लगातार बढ़ी है। ऐसे में नया 5-स्टार होटल इस इलाके की प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी क्षमता को और मजबूत कर सकता है।
55 साल का प्रोजेक्ट, DDA को हजारों करोड़ का अनुमानित राजस्व
इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू इसकी लंबी लाइसेंस अवधि है। 55 वर्षों की लाइसेंस अवधि में DDA को 6000 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिलने का अनुमान है। इसका मतलब है कि प्रोजेक्ट को केवल शुरुआती निवेश के नजरिए से नहीं, बल्कि लंबी अवधि के राजस्व मॉडल के रूप में भी देखा जा रहा है।
अगर होटल 2030 तक निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शुरू हो जाता है, तो आने वाले वर्षों में द्वारका में कॉर्पोरेट ट्रैवल, कन्वेंशन, स्पोर्ट्स और प्रीमियम टूरिज्म से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
800 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद
इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा सामाजिक-आर्थिक प्रभाव रोजगार के रूप में देखने को मिल सकता है। होटल के संचालन के बाद करीब 800 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में होटल मैनेजमेंट, फ्रंट ऑफिस, फूड एंड बेवरेज, हाउसकीपिंग, किचन, सिक्योरिटी, इंजीनियरिंग और प्रशासन जैसे कई क्षेत्रों में नौकरियां पैदा होती हैं। इसके अलावा होटल से जुड़े सप्लायर, कैब सर्विस, इवेंट कंपनियां और स्थानीय कारोबार अप्रत्यक्ष रूप से लाभ उठा सकते हैं।
निष्कर्ष
द्वारका सेक्टर-23 में प्रस्तावित यह 5-स्टार होटल दिल्ली के पश्चिमी हिस्से में प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दे सकता है। 1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, 800 प्रत्यक्ष रोजगार, 55 साल की लाइसेंस अवधि और 6000 करोड़ रुपये से अधिक अनुमानित DDA राजस्व इसे एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर और कमर्शियल परियोजना बनाते हैं।
गोल्फ कोर्स, यशोभूमि, द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और प्रस्तावित डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के आसपास इसकी लोकेशन परियोजना की अहमियत को और बढ़ाती है। यदि यह होटल 2030 के लक्ष्य के अनुसार शुरू होता है, तो द्वारका को दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख बिजनेस और हॉस्पिटैलिटी डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में इसकी अहम भूमिका हो सकती है।


