Kangana Ranaut: बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने एक बार फिर वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह पर तीखा हमला बोला है। छात्र विरोध प्रदर्शनों और फिल्म इंडस्ट्री के कथित दोहरे रवैये को लेकर शुरू हुई बहस अब नसीरुद्दीन शाह और कंगना रनौत के बीच जुबानी जंग तक पहुंच गई है। कंगना ने नसीरुद्दीन शाह को लेकर अपनी पिछली “लोमड़ी” वाली टिप्पणी का बचाव किया और उन पर पाकिस्तान को लेकर बार-बार बात करने का आरोप लगाया।
कंगना का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर एक जैसा रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौरान कई सांसदों और उनके परिवारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब झारखंड में छात्रों के विरोध को लेकर अलग तरह का रवैया देखने को मिल रहा है।
कंगना रनौत ने नसीरुद्दीन शाह पर क्यों साधा निशाना?
ANI से बातचीत में कंगना रनौत ने फिल्म इंडस्ट्री के कथित “दोहरे रवैये” पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ी थी, तब कई लोग उसे लेकर चिंता जता रहे थे। कंगना के मुताबिक, उनके कई सांसद दोस्तों की गाड़ियों पर प्रदर्शनकारियों के चढ़ने और गाड़ियों की खिड़कियां टूटने जैसी घटनाएं हुई थीं।
कंगना ने दावा किया कि उनके घर के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे, जिसके बाद सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में उनका परिवार पूरी रात जागता रहा।
इसी संदर्भ में उन्होंने झारखंड में छात्रों से जुड़े विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। कंगना ने सवाल किया कि अगर देश के एक हिस्से में प्रदर्शन करने वाले युवाओं को लेकर चिंता जताई जा रही है, तो दूसरे हिस्से में प्रदर्शन कर रहे छात्र भी उसी तरह के युवा हैं और उनके मुद्दों पर भी आवाज उठाई जानी चाहिए।
कंगना ने कहा कि किसी भी प्रदर्शन को केवल इस आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए कि प्रदर्शन करने वाले लोग सरकार के पक्ष में हैं या विरोध में। उनके मुताबिक, युवाओं और छात्रों से जुड़े मामलों में एक समान रवैया होना जरूरी है।
‘जंतर-मंतर के लिए मगरमच्छ के आंसू बहाने वाले…’
कंगना ने अपनी बात रखते हुए फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर “मगरमच्छ के आंसू” बहाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी प्रदर्शन में युवाओं के साथ कथित तौर पर ज्यादती होती है तो उस पर आवाज उठाना जरूरी है, लेकिन यही संवेदनशीलता दूसरे छात्र प्रदर्शनों के समय क्यों नहीं दिखाई जाती?
उन्होंने कहा कि अगर झारखंड के बच्चे किसी तरह के उत्पीड़न या परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो उनके लिए भी उतनी ही चिंता दिखाई जानी चाहिए।
कंगना का यह बयान ऐसे समय आया है जब छात्र आंदोलनों, पुलिस कार्रवाई और युवाओं की आवाज को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है। इस पूरे विवाद में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों के बयानों को लेकर भी सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने पर कंगना ने दी सफाई
कंगना रनौत ने इससे पहले नसीरुद्दीन शाह के लिए “लोमड़ी” शब्द का इस्तेमाल किया था। अब उन्होंने अपनी उस टिप्पणी का बचाव किया है। कंगना ने कहा कि उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के बारे में ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उनके अनुसार अभिनेता ने पहले एक ऐसा वीडियो बनाया था, जिसे वह बेहद आपत्तिजनक मानती हैं।
कंगना ने नसीरुद्दीन शाह पर पाकिस्तान को लेकर उनके कथित रुख के लिए भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नसीरुद्दीन शाह की फिल्मों, इंटरव्यू और बयानों में उन्हें बार-बार पाकिस्तान का जिक्र नजर आता है।
कंगना ने सवालिया अंदाज में कहा कि आखिर पाकिस्तान को लेकर यह “प्रेम कहानी” कब खत्म होगी। उन्होंने बंटवारे का जिक्र करते हुए कहा कि उस घटना को कई दशक बीत चुके हैं, ऐसे में इस तरह की चर्चा बार-बार क्यों होती है।
कंगना के बयान से साफ है कि वह नसीरुद्दीन शाह के विचारों से सहमत नहीं हैं और उनके पाकिस्तान संबंधी बयानों को लेकर काफी मुखर हैं।
‘पाकिस्तान के प्यार में मारे रहते हैं’—कंगना का तंज
कंगना ने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए कहा, “जब देखो पाकिस्तान के प्यार में ये मरे रहते हैं।” उन्होंने सवाल किया कि विभाजन के इतने साल बाद भी पाकिस्तान को लेकर इस तरह की चर्चा क्यों जारी है।
हालांकि, कंगना की इस टिप्पणी को उनके राजनीतिक रुख और नसीरुद्दीन शाह के साथ लंबे समय से चले आ रहे वैचारिक मतभेदों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। दोनों कलाकार कई मौकों पर सार्वजनिक मुद्दों को लेकर एक-दूसरे से अलग राय जाहिर करते रहे हैं।
यह विवाद केवल दो कलाकारों के बीच व्यक्तिगत बयानबाजी तक सीमित नहीं है। इसके पीछे फिल्म इंडस्ट्री में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर कलाकारों की भूमिका को लेकर भी बड़ी बहस है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
कंगना ने पिछले सप्ताह अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर अभिनेता पीयूष मिश्रा की एक टिप्पणी को दोबारा पोस्ट किया था। उस टिप्पणी में नसीरुद्दीन शाह की छात्र विरोध प्रदर्शन को लेकर कथित चुप्पी पर सवाल उठाया गया था।
इसके साथ कंगना ने अपनी ओर से भी एक लंबा नोट लिखा था। उन्होंने कहा था कि हर व्यक्ति किसी न किसी के प्रति वफादार होता है और उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह उस देश के प्रति वफादार हैं जहां से उन्हें सब कुछ मिला है।
कंगना ने इसी पोस्ट में नसीरुद्दीन शाह पर पड़ोसी देश के पक्ष में खड़े होने का आरोप लगाया था। हालांकि, यह कंगना की राजनीतिक टिप्पणी और व्यक्तिगत राय थी, जिसे उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
इसके बाद उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी कहा था कि आज के समय में “कुत्ता” कहलाना उनके लिए अपमान नहीं बल्कि वफादारी का संकेत है। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह को “लोमड़ी” कहने की तुलना करते हुए कहा था कि वह लोमड़ी बनने की बजाय कुत्ता बनना पसंद करेंगी।
नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों के समर्थन में क्या कहा था?
विवाद की एक अहम कड़ी नसीरुद्दीन शाह की छात्र आंदोलनों को लेकर सामने आई टिप्पणी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नसीरुद्दीन शाह ने NEET पेपर लीक से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई थी।
इसी मुद्दे को लेकर कंगना ने सवाल उठाया कि अगर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित कार्रवाई पर आवाज उठाई जाती है, तो झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे पर भी उसी तरह की चिंता क्यों नहीं दिखाई जाती।
यही वह बिंदु है जहां से दोनों पक्षों के बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हुई। एक तरफ नसीरुद्दीन शाह की छात्र मुद्दों पर कथित प्रतिक्रिया को समर्थन मिला, वहीं दूसरी तरफ कंगना रनौत ने फिल्म इंडस्ट्री के रवैये पर सवाल खड़े किए।
कंगना और नसीरुद्दीन शाह के बीच पहले भी हो चुके हैं मतभेद
कंगना रनौत और नसीरुद्दीन शाह के बीच वैचारिक मतभेद कोई नई बात नहीं है। दोनों कलाकार अलग-अलग मौकों पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं। कंगना पिछले कई वर्षों से देश, राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बोलती रही हैं।
वहीं नसीरुद्दीन शाह भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में जब दोनों की विचारधाराएं किसी मुद्दे पर आमने-सामने आती हैं, तो सोशल मीडिया पर बहस तेज हो जाती है।
इस बार विवाद की शुरुआत छात्र प्रदर्शनों को लेकर हुई, लेकिन बाद में यह बहस पाकिस्तान, राष्ट्रवाद और फिल्म इंडस्ट्री के कथित दोहरे रवैये तक पहुंच गई।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज
कंगना के ताजा बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी इस विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कंगना के समर्थक उनके बयान को फिल्म इंडस्ट्री के कथित दोहरे रवैये के खिलाफ आवाज बता रहे हैं, जबकि उनके आलोचक नसीरुद्दीन शाह पर लगाए गए आरोपों और भाषा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
इस पूरे विवाद में दोनों कलाकारों के पुराने बयानों को भी सोशल मीडिया यूजर्स दोबारा साझा कर रहे हैं। यही वजह है कि कंगना और नसीरुद्दीन शाह का यह विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
फिलहाल कंगना ने अपने बयान से यह साफ कर दिया है कि वह अपनी “लोमड़ी” वाली टिप्पणी वापस लेने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह पर पाकिस्तान को लेकर निशाना साधने के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों से छात्र आंदोलनों पर एक समान रवैया अपनाने की मांग की है।
Disclaimer: इस लेख में कंगना रनौत द्वारा दिए गए बयान और उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर विवाद का विवरण प्रस्तुत किया गया है। पाकिस्तान, छात्र आंदोलनों और नसीरुद्दीन शाह को लेकर कंगना की टिप्पणियां उनके व्यक्तिगत विचार हैं।


