UltraTech Cement Block Deal: आदित्य बिड़ला ग्रुप की प्रमुख सीमेंट कंपनी UltraTech Cement के शेयरों में 13 अगस्त 2026 को अचानक दबाव देखने को मिला। कंपनी के करीब 25 लाख शेयरों की ब्लॉक डील के जरिए खरीद-बिक्री हुई, जिसके बाद शेयर की कीमत दिन के कारोबार में 2% से ज्यादा टूटकर ₹11,575 के निचले स्तर तक पहुंच गई। हालांकि, इस ब्लॉक डील में शेयर खरीदने और बेचने वाली पार्टियों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस बीच बाजार में इस बात की चर्चा तेज है कि कंपनी के प्रमोटर समूह से जुड़ी Pilani Investment and Industries Corporation ने UltraTech Cement में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचा हो सकता है। इससे पहले CNBC-TV18 की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि Pilani Investment and Industries Corporation ब्लॉक डील के जरिए कंपनी में करीब 0.6% हिस्सेदारी यानी लगभग 17 लाख शेयर बेचने की तैयारी में है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस संभावित डील के लिए ₹11,581 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया गया था। इस कीमत के आधार पर 17 लाख शेयरों की बिक्री का कुल मूल्य करीब ₹1,970 करोड़ बैठता है। हालांकि, 13 अगस्त को बाजार में करीब 25 लाख शेयरों की ब्लॉक डील होने की जानकारी सामने आई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि पूरी 25 लाख शेयरों की खरीद-बिक्री उसी प्रस्तावित प्रमोटर डील से जुड़ी है या इसमें अन्य लेन-देन भी शामिल हैं।
25 लाख शेयरों की ब्लॉक डील से शेयर पर दबाव
UltraTech Cement के शेयर में गुरुवार को कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया। BSE पर कंपनी का शेयर पिछले बंद भाव के मुकाबले 2% से ज्यादा गिरकर ₹11,575 के निचले स्तर तक पहुंच गया। ब्लॉक डील की खबर और प्रमोटर द्वारा हिस्सेदारी बेचने की संभावनाओं के बीच निवेशकों की नजर अब कंपनी के शेयर में होने वाले अगले कारोबार पर है।
ब्लॉक डील सामान्य तौर पर बड़ी मात्रा में शेयरों की खरीद-बिक्री से जुड़ी होती है। जब किसी बड़ी कंपनी के प्रमोटर या संस्थागत निवेशक बड़ी मात्रा में शेयर बेचते हैं, तो बाजार में उस लेन-देन को लेकर अतिरिक्त चर्चा हो सकती है। खासकर तब, जब शेयर पहले से ही दबाव में कारोबार कर रहा हो।
UltraTech Cement का शेयर पिछले कुछ महीनों में भी कमजोर प्रदर्शन कर चुका है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, शेयर छह महीने की अवधि में करीब 10% नीचे आया है। ऐसे में 13 अगस्त की गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।
प्रमोटर हिस्सेदारी कितनी है?
जून 2026 तिमाही के अंत तक UltraTech Cement में प्रमोटर एंटिटीज की कुल हिस्सेदारी 59.33% थी। वहीं, कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी करीब 40.5% थी।
प्रमोटर समूह से जुड़ी Pilani Investment and Industries Corporation की UltraTech Cement में करीब 1.5% हिस्सेदारी बताई गई थी। यही वजह है कि बाजार में कंपनी के शेयरों में ब्लॉक डील होने के बाद प्रमोटर द्वारा हिस्सेदारी घटाने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अभी तक यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है कि 13 अगस्त की 25 लाख शेयरों वाली ब्लॉक डील में Pilani Investment and Industries Corporation ही विक्रेता थी। इसलिए केवल बाजार की चर्चा के आधार पर प्रमोटर हिस्सेदारी बिक्री को निश्चित नहीं माना जा सकता।
₹11,581 का फ्लोर प्राइस क्यों है महत्वपूर्ण?
CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित प्रमोटर ब्लॉक डील के लिए ₹11,581 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया गया था। यह उस समय UltraTech Cement के शेयर के बाजार भाव के करीब था।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि शेयरों की आगे बिक्री पर 60 दिनों का लॉक-अप लागू हो सकता है। इसका मतलब है कि डील के बाद संबंधित विक्रेता एक निश्चित अवधि तक उसी तरह के शेयरों की अतिरिक्त बिक्री नहीं कर सकेगा।
ऐसे प्रावधान बड़े ब्लॉक डील में बाजार पर अचानक अतिरिक्त बिकवाली के दबाव को सीमित करने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। हालांकि, अंतिम डील की शर्तों और इसमें शामिल पक्षों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
UltraTech Cement के शेयर की मौजूदा स्थिति
13 अगस्त के कारोबार में UltraTech Cement का शेयर ₹11,575 के लो तक गया। कंपनी की फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है और उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹3.42 लाख करोड़ से ज्यादा है।
छह महीने में करीब 10% की गिरावट के बावजूद कंपनी देश के सबसे बड़े सीमेंट कारोबारियों में शामिल है। इसलिए इसके शेयर में होने वाली बड़ी खरीद-बिक्री पर घरेलू और संस्थागत निवेशकों की नजर रहती है।
ब्लॉक डील की खबर के साथ शेयर में आई गिरावट को केवल कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन के आधार पर देखना सही नहीं होगा। बाजार में प्रमोटर हिस्सेदारी बिक्री की चर्चा भी इस गिरावट की एक वजह मानी जा रही है।
Q1 में मुनाफा 17% बढ़ा, फिर भी शेयर दबाव में
दिलचस्प बात यह है कि UltraTech Cement ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया था। कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर करीब 17% बढ़कर ₹2,599.28 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹2,225.90 करोड़ था।
कंपनी के ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी मजबूत रहा। जून 2026 तिमाही में यह सालाना आधार पर करीब 16% बढ़कर ₹24,648.20 करोड़ हो गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह ₹21,275.45 करोड़ था।
यानी कंपनी की आय और मुनाफे में अच्छी वृद्धि देखने को मिली। इसके बावजूद शेयर में कमजोरी बताती है कि बाजार इस समय सिर्फ तिमाही नतीजों पर ही ध्यान नहीं दे रहा, बल्कि प्रमोटर हिस्सेदारी में संभावित बदलाव और शेयर की वैल्यूएशन जैसे पहलुओं को भी महत्व दे रहा है।
EBITDA भी बढ़ा, मार्जिन पर थोड़ा दबाव
जून 2026 तिमाही में UltraTech Cement का EBITDA सालाना आधार पर 13.7% बढ़कर ₹5,016 करोड़ हो गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर करीब 20.4% रह गया।
इसका मतलब है कि कंपनी ने ऑपरेटिंग स्तर पर मजबूत वृद्धि दर्ज की, लेकिन लागत और अन्य कारोबारी कारकों के चलते मार्जिन में दबाव देखने को मिला। निवेशकों के लिए आगे कंपनी के मार्जिन की दिशा महत्वपूर्ण रहेगी, खासकर सीमेंट उद्योग में ऊर्जा लागत, ईंधन कीमतों, मांग और प्रतिस्पर्धा जैसे कारकों को देखते हुए।
कंपनी का नया एनर्जी प्लान भी चर्चा में
UltraTech Cement ने हाल ही में Solaris Horizon Energy Private Limited के साथ Energy Supply Agreement और Share Subscription and Shareholders Agreement किया है।
इस समझौते के तहत UltraTech Cement, Solaris Horizon Energy में 26% इक्विटी शेयर खरीद रही है। यह कदम कंपनी की ऊर्जा जरूरतों और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों से जुड़ी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
सीमेंट उद्योग में ऊर्जा लागत कंपनी के कुल खर्च का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। ऐसे में नवीकरणीय और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की दिशा में निवेश लंबे समय में लागत प्रबंधन और स्थिरता से जुड़े लक्ष्यों में मदद कर सकता है।
निवेशकों को अब किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
UltraTech Cement के शेयर में 13 अगस्त की गिरावट के बाद निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि 25 लाख शेयरों वाली ब्लॉक डील में वास्तविक विक्रेता और खरीदार कौन थे।
इसके साथ ही बाजार की नजर प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी पर भी रहेगी। यदि आधिकारिक जानकारी से प्रमोटर बिक्री की पुष्टि होती है, तो निवेशक यह देखेंगे कि प्रमोटर की कुल हिस्सेदारी कितनी बदली है और डील के बाद आगे कोई बिक्री प्रतिबंध लागू है या नहीं।
दूसरी तरफ, कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजे भी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। मुनाफे में 17% और रेवेन्यू में 16% की वृद्धि बताती है कि कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है।
निष्कर्ष
UltraTech Cement में 13 अगस्त को करीब 25 लाख शेयरों की ब्लॉक डील और शेयर में 2% से ज्यादा की गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। प्रमोटर Pilani Investment and Industries Corporation द्वारा हिस्सेदारी बेचने की चर्चा ने इस गिरावट को और महत्वपूर्ण बना दिया है, हालांकि डील में खरीदार और विक्रेता की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
एक तरफ कंपनी का शेयर छह महीने में करीब 10% कमजोर हुआ है, वहीं दूसरी तरफ जून 2026 तिमाही में कंपनी ने मुनाफे और रेवेन्यू में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। इसलिए आने वाले समय में शेयर की दिशा तय करने में ब्लॉक डील की आधिकारिक जानकारी, प्रमोटर हिस्सेदारी में बदलाव, EBITDA मार्जिन और कंपनी के भविष्य के कारोबारी प्रदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
नोट: यह लेख उपलब्ध बाजार जानकारी और रिपोर्टों पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


