Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 12 अगस्त 2026 को मुनाफावसूली देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो, IT और FMCG शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा, जबकि PSU बैंक, मीडिया और मेटल सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हालिया तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली होना चिंता की बात नहीं है, जब तक प्रमुख सपोर्ट लेवल कायम रहते हैं। अब 13 अगस्त को बाजार की दिशा के लिए ग्लोबल संकेतों के साथ-साथ 24,350-24,300 के सपोर्ट और 24,500-24,600 के रेजिस्टेंस पर नजर रहेगी।
सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद
बुधवार के कारोबारी सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स दबाव में रहे। सेंसेक्स 187.90 अंक यानी 0.24 फीसदी गिरकर 77,966.35 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 35.75 अंक यानी 0.15 फीसदी टूटकर 24,435.95 पर आ गया। कारोबार के दौरान ऑटो, IT और FMCG शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया।
मार्केट ब्रेड्थ भी कमजोर रही। करीब 1,808 शेयरों में तेजी, 2,327 शेयरों में गिरावट और 153 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में भी मुनाफावसूली का असर देखने को मिला।
निफ्टी में TCS, Max Healthcare, Apollo Hospitals, M&M और Tata Steel प्रमुख गिरने वाले शेयरों में रहे। दूसरी ओर Hindalco, Bharti Airtel, SBI, Jio Financial और UltraTech Cement में खरीदारी देखने को मिली।
किन सेक्टर्स में रही तेजी और कहां हुई बिकवाली?
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो बुधवार को Nifty PSU Bank में 2.05 फीसदी, Nifty Media में 1.05 फीसदी, Nifty Bank में 0.77 फीसदी और Nifty Metal में 0.54 फीसदी की बढ़त रही।
इसके विपरीत Nifty IT में 1.54 फीसदी, India VIX में 1.43 फीसदी और Nifty FMCG में 0.73 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.30 फीसदी ऊपर रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। यानी लार्जकैप शेयरों में दबाव के बावजूद कुछ चुनिंदा सेक्टर और मिडकैप स्टॉक्स में खरीदारी का रुझान बना रहा।
बाजार का मेन ट्रेंड अभी कमजोर नहीं: रियांक अरोड़ा
Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट – HNI और डेरिवेटिव्स रियांक अरोड़ा के मुताबिक, 12 अगस्त को बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट मुख्य रूप से हालिया तेजी के बाद हुई प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा है। कुछ हैवीवेट शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
उनका मानना है कि बाजार सतर्क रुख के साथ बंद हुआ है, लेकिन इसका मेन ट्रेंड अभी कमजोर नहीं हुआ है। ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में ग्लोबल और घरेलू संकेत बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
सेंसेक्स के लिए क्या हैं अहम लेवल?
रियांक अरोड़ा के मुताबिक सेंसेक्स करीब 187 अंक गिरकर 77,966 के आसपास बंद हुआ। पूरे सेशन में बिकवाली देखने को मिली, लेकिन इंडेक्स अपने अहम सपोर्ट के ऊपर बना रहा।
सेंसेक्स का तत्काल सपोर्ट 77,700-77,600 के जोन में है। वहीं ऊपर की तरफ 78,200-78,500 का स्तर अहम रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।
अगर सेंसेक्स 78,500 के ऊपर निर्णायक तरीके से निकलता है, तो शॉर्ट-टर्म आउटलुक में और मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं 77,600 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर बाजार में दबाव बढ़ सकता है।
निफ्टी के लिए 24,350-24,300 का सपोर्ट अहम
निफ्टी बुधवार को 24,500 के स्तर से नीचे फिसल गया और 24,435.95 पर बंद हुआ। हालांकि, एक्सपर्ट के मुताबिक इंडेक्स अभी भी अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन से ऊपर है, इसलिए मेन अपट्रेंड को फिलहाल खतरा नहीं दिख रहा है।
निफ्टी के लिए 24,350-24,300 तत्काल सपोर्ट जोन है। इसके नीचे अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट 24,150 के आसपास है।
ऊपर की तरफ 24,500-24,600 अहम रेजिस्टेंस जोन है। अगर निफ्टी इस रेंज के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो बाजार में दोबारा तेजी का माहौल मजबूत हो सकता है।
गिरावट में खरीदारी की रणनीति पर नजर
रियांक अरोड़ा के मुताबिक, बड़ी तेजी के बाद मुनाफावसूली बाजार के लिए सामान्य प्रक्रिया है। इसलिए केवल एक-दो कारोबारी सत्र की गिरावट को देखकर घबराने की जरूरत नहीं है। जब तक बाजार अपने प्रमुख सपोर्ट लेवल के ऊपर बना हुआ है, तब तक मेन अपट्रेंड को बरकरार माना जा सकता है।
उनके अनुसार, फंडामेंटली मजबूत शेयरों में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को रिस्क मैनेजमेंट पर खास ध्यान देना चाहिए।
13 अगस्त के लिए रूपक डे का टेक्निकल आउटलुक
LKP Securities में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे के मुताबिक, निफ्टी के 24,400 के नीचे जाने के बाद कमजोरी बढ़ी और इंडेक्स 24,250 की तरफ बढ़ता हुआ नजर आया। निचले स्तरों पर इंडेक्स को 200-घंटे के SMA के आसपास सपोर्ट मिला, जिसके बाद कुछ रिकवरी देखने को मिली।
डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी 20-EMA के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा, जो बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, RSI इंडिकेटर पर बेयरिश क्रॉसओवर देखने को मिल रहा है। यह शॉर्ट टर्म में कमजोर मोमेंटम की ओर इशारा करता है।
24,400 के नीचे टिकना कमजोरी बढ़ा सकता है
रूपक डे के मुताबिक, अगर गुरुवार यानी 13 अगस्त को निफ्टी लगातार 24,400 के नीचे बना रहता है, तो इंडेक्स दोबारा 24,180 की तरफ जा सकता है।
वहीं ऊपर की तरफ 24,500 एक अहम रेजिस्टेंस है। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो बाजार के ट्रेंड में सुधार के संकेत मिल सकते हैं।
13 अगस्त को किन लेवल पर रखें नजर?
| इंडेक्स | सपोर्ट | रेजिस्टेंस |
|---|---|---|
| सेंसेक्स | 77,700-77,600 | 78,200-78,500 |
| निफ्टी | 24,350-24,300, फिर 24,150 | 24,500-24,600 |
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
13 अगस्त के कारोबार में निवेशकों को जल्दबाजी में ट्रेड लेने के बजाय प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखनी चाहिए। निफ्टी का 24,400 के आसपास का व्यवहार बेहद महत्वपूर्ण होगा। इसके ऊपर मजबूती बाजार में फिर से खरीदारी का माहौल बना सकती है, जबकि इसके नीचे लगातार टिकने पर 24,180 और उसके आसपास के स्तरों की ओर दबाव बढ़ सकता है।
मौजूदा स्थिति में बाजार में स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन देखने को मिल सकता है। इसलिए मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर फोकस करना और पोजिशन साइज को नियंत्रित रखना बेहतर रणनीति हो सकती है।
कुल मिलाकर, 12 अगस्त की गिरावट को फिलहाल हालिया तेजी के बाद हुई सामान्य प्रॉफिट बुकिंग के तौर पर देखा जा रहा है। जब तक निफ्टी 24,300-24,350 के सपोर्ट जोन के ऊपर है, बाजार का व्यापक ट्रेंड पूरी तरह कमजोर नहीं माना जाएगा। हालांकि, 24,500-24,600 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट ही तेजी को दोबारा मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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