Lenskart Q1 Results: आईवियर कंपनी Lenskart Solutions ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 270% बढ़कर ₹222 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹60 करोड़ था। मजबूत बिक्री, बेहतर प्रोडक्ट मार्जिन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार से कंपनी की कमाई को सहारा मिला।
कंपनी के रेवेन्यू में भी जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली। जून तिमाही में Lenskart का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.3% बढ़कर ₹2,714.2 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹1,894.5 करोड़ था। वहीं, EBITDA 75.1% बढ़कर ₹588.5 करोड़ पर पहुंच गया।
EBITDA मार्जिन और PAT मार्जिन में बड़ा सुधार
Lenskart के ऑपरेशनल प्रदर्शन में भी मजबूत सुधार देखने को मिला। कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल के 17.7% से बढ़कर 21.7% हो गया। यानी कंपनी ने बिक्री बढ़ाने के साथ-साथ अपनी कमाई की क्षमता में भी सुधार किया है।
PAT मार्जिन भी 4% से बढ़कर 8.4% हो गया। इसके अलावा, कंसोलिडेटेड प्रोडक्ट मार्जिन पहली बार 70% के स्तर को पार कर 70.3% पहुंच गया। एक साल पहले यह 68.7% था।
भारत में प्रोडक्ट मार्जिन 63.4% से बढ़कर 64.2% हो गया। कंपनी के मुताबिक, इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बिक्री में बढ़ोतरी ने मार्जिन सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत में स्टोर नेटवर्क तेजी से बढ़ा
Lenskart ने जून तिमाही के दौरान भारत में अपने स्टोर नेटवर्क का भी विस्तार किया। कंपनी ने कुल 132 नए स्टोर जोड़े, जिनमें 116 स्टोर भारत में खोले गए। इसके बाद कंपनी के कुल एक्टिव स्टोर की संख्या बढ़कर 3,459 हो गई।
कंपनी ने तिमाही के दौरान भारत के 50 नए शहरों में प्रवेश किया। खास तौर पर छोटे शहरों में कंपनी का विस्तार तेज रहा और 83 नए स्टोर Tier-2 और उससे आगे के शहरों में खोले गए।
भारत में समान स्टोर बिक्री वृद्धि यानी Same Store Sales Growth (SSSG) 18.3% रही। वहीं, प्रति स्टोर बिक्री में सालाना आधार पर 24.3% की बढ़ोतरी हुई। इससे संकेत मिलता है कि नए स्टोर खोलने के साथ-साथ मौजूदा स्टोर से भी कंपनी को मजबूत कारोबार मिल रहा है।
Lenskart Gold में भी बढ़े ग्राहक
कंपनी के लॉयल्टी प्रोग्राम Lenskart Gold के एक्टिव मेंबर्स की संख्या बढ़कर 93.5 लाख हो गई। Gold सब्सक्रिप्शन फीस से मिलने वाला रेवेन्यू भी 57.4% बढ़कर ₹66 करोड़ हो गया।
यह कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लॉयल्टी प्रोग्राम से ग्राहकों के साथ लंबे समय का जुड़ाव बढ़ता है और रिपीट खरीदारी को भी बढ़ावा मिल सकता है।
आई टेस्ट की संख्या में 40% के करीब बढ़ोतरी
जून तिमाही में Lenskart ने करीब 70 लाख आई टेस्ट किए। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 39.8% अधिक है।
भारत में आई टेस्ट की संख्या 42.7% बढ़कर करीब 60 लाख हो गई। कंपनी के मुताबिक, इनमें लगभग आधे लोगों की पहली बार आंखों की जांच हुई। इससे कंपनी को नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है।
कंपनी की कुल आईवियर बिक्री की मात्रा में भी 25.7% की बढ़ोतरी हुई। भारत में औसत बिक्री कीमत यानी Average Selling Price (ASP) 6.4% बढ़कर ₹1,856 हो गई।
इंटरनेशनल कारोबार में 38% की ग्रोथ
Lenskart का अंतरराष्ट्रीय कारोबार भी मजबूत रहा। जून तिमाही में इंटरनेशनल कारोबार से रेवेन्यू 38% बढ़कर ₹1,203 करोड़ हो गया।
जापान, दक्षिण-पूर्व एशिया और मिडिल ईस्ट जैसे बाजारों में कंपनी को अच्छी ग्रोथ मिली। अंतरराष्ट्रीय कारोबार में आईवियर वॉल्यूम 37.6% बढ़ा, जबकि ट्रांजैक्टिंग कस्टमर अकाउंट में 27.8% की वृद्धि दर्ज की गई।
इंटरनेशनल मार्केट में आई टेस्ट की संख्या भी 20.5% बढ़ी। इससे पता चलता है कि कंपनी केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशी बाजारों में भी अपने स्टोर, ग्राहक आधार और आईवियर कारोबार का विस्तार कर रही है।
चीन की कंपनी Framekart में हिस्सेदारी बढ़ाएगी Lenskart
Lenskart ने चीन की ज्वाइंट वेंचर कंपनी Framekart में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने को मंजूरी दी है। कंपनी अपनी हिस्सेदारी 51% से बढ़ाकर 70% करेगी। इस सौदे पर करीब ₹10.6 करोड़ खर्च होने की जानकारी दी गई है।
Framekart Lenskart ग्रुप की आईवियर जरूरतों का 30% से अधिक उत्पादन करती है। हिस्सेदारी बढ़ने से Lenskart को मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन पर ज्यादा नियंत्रण मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, कंपनी ने दक्षिण कोरिया में OWNDAYS Korea शुरू करने और चीन में एक नई सब्सिडियरी स्थापित करने को भी मंजूरी दी है। इससे आने वाले समय में कंपनी की इंटरनेशनल मौजूदगी और मजबूत हो सकती है।
Lenskart Share Price: शेयरों का क्या हाल?
12 अगस्त 2026 को Lenskart का शेयर 0.71% गिरकर ₹585 पर बंद हुआ। हालांकि, लंबी अवधि में शेयर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले 6 महीनों में स्टॉक करीब 14.04% चढ़ा है, जबकि एक साल की अवधि में इसमें 45.13% की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹1.02 लाख करोड़ है। जून तिमाही के नतीजों में मुनाफे, रेवेन्यू, EBITDA और मार्जिन में मजबूत बढ़ोतरी से कंपनी की ऑपरेशनल स्थिति में सुधार दिखाई देता है। हालांकि, शेयर में निवेश का फैसला केवल एक तिमाही के नतीजों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। निवेशकों को वैल्यूएशन, भविष्य की ग्रोथ, प्रतिस्पर्धा और कंपनी के विस्तार से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran की ओर से किसी भी शेयर में निवेश करने की सलाह नहीं दी जाती है।


