Grasim Q1 Results: आदित्य बिड़ला ग्रुप की प्रमुख कंपनी Grasim Industries ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2026 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। कंसॉलिडेटेड आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 51 फीसदी बढ़कर ₹2,146 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹1,420.5 करोड़ था।
कंपनी के मुनाफे में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है, जब घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। ग्रासिम के कारोबार के कई प्रमुख सेगमेंट ने जून तिमाही में अच्छी ग्रोथ दर्ज की। खासतौर पर बिल्डिंग मैटेरियल्स, सीमेंट, पेंट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार से कंपनी को मजबूत सपोर्ट मिला।
जून तिमाही में रेवेन्यू 21.4% बढ़ा
ग्रासिम इंडस्ट्रीज का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में सालाना आधार पर 21.4 फीसदी बढ़कर ₹48,716 करोड़ रहा। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी का रेवेन्यू इससे कम था। कंपनी ने कारोबार के अलग-अलग हिस्सों में मजबूत प्रदर्शन के साथ लागत को भी नियंत्रण में रखा, जिसका फायदा ऑपरेटिंग प्रॉफिट में देखने को मिला।
जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 27.7 फीसदी बढ़कर ₹7,772 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन भी एक साल पहले के करीब 15 फीसदी से बढ़कर 16 फीसदी हो गया। इसका मतलब है कि कंपनी ने रेवेन्यू बढ़ाने के साथ-साथ अपने ऑपरेशनल खर्चों को भी बेहतर तरीके से मैनेज किया।
कंपनी के मुताबिक, अलग-अलग बिजनेस में बेहतर प्रदर्शन और खर्चों पर नियंत्रण ने तिमाही के नतीजों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
बिल्डिंग मैटेरियल बिजनेस ने दिया बड़ा सपोर्ट
ग्रासिम के बिल्डिंग मैटेरियल पोर्टफोलियो ने जून तिमाही में कंपनी की ग्रोथ में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस सेगमेंट में सीमेंट, पेंट्स और B2B ई-कॉमर्स जैसे कारोबार शामिल हैं।
इस बिजनेस का रेवेन्यू सालाना आधार पर 21 फीसदी बढ़कर ₹28,835 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 17 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ ₹5,002 करोड़ पहुंच गया। इससे साफ है कि कंपनी के बिल्डिंग मैटेरियल्स कारोबार में सिर्फ बिक्री ही नहीं बढ़ी, बल्कि ऑपरेटिंग प्रदर्शन में भी सुधार हुआ।
सीमेंट कारोबार के साथ पेंट्स और B2B ई-कॉमर्स में बढ़ती गतिविधियों ने इस सेगमेंट को मजबूती दी। ग्रासिम पिछले कुछ समय से अपने पारंपरिक कारोबार के साथ नए बिजनेस में भी विस्तार कर रही है।
Birla Opus की रेवेन्यू ग्रोथ 64 फीसदी
ग्रासिम के पेंट्स कारोबार में Birla Opus ने भी जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। Birla Opus का रेवेन्यू सालाना आधार पर 64 फीसदी बढ़कर ₹1,661 करोड़ हो गया।
कंपनी के अनुसार, तिमाही आधार पर Birla Opus की बाजार हिस्सेदारी में करीब 30 बेसिस प्वाइंट का सुधार हुआ। यह संकेत देता है कि पेंट्स बाजार में कंपनी अपनी मौजूदगी लगातार मजबूत कर रही है।
ग्रासिम के लिए Birla Opus एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन के तौर पर उभर रहा है। पेंट्स कारोबार में कंपनी की बढ़ती बिक्री और बाजार हिस्सेदारी आने वाली तिमाहियों में भी निवेशकों के लिए प्रमुख निगरानी बिंदु रह सकती है।
Birla Pivot का रेवेन्यू 75% बढ़ा
B2B ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Birla Pivot ने भी जून तिमाही में तेज ग्रोथ दर्ज की। इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 75 फीसदी बढ़कर ₹2,548 करोड़ पहुंच गया।
बिल्डिंग मैटेरियल्स की B2B सप्लाई में डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका को देखते हुए यह कारोबार ग्रासिम के लिए भविष्य में महत्वपूर्ण हो सकता है। कंपनी के बिल्डिंग मैटेरियल पोर्टफोलियो में सीमेंट, पेंट्स और B2B ई-कॉमर्स का एक साथ विस्तार होने से ग्रोथ के कई स्रोत तैयार हो रहे हैं।
सीमेंट सेल्स वॉल्यूम में 12.2% की बढ़ोतरी
सीमेंट कारोबार में भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया। जून तिमाही में ग्रासिम का कुल सीमेंट सेल्स वॉल्यूम सालाना आधार पर 12.2 फीसदी बढ़कर 4.13 करोड़ टन रहा।
रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) वॉल्यूम में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली। यह 18 फीसदी बढ़कर 46 लाख घन मीटर रहा। इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गतिविधियों में मजबूती का फायदा इस कारोबार को मिला।
कंपनी के सीमेंट कारोबार में ऑपरेटिंग एबिट्डा प्रति टन भी महत्वपूर्ण संकेतक रहा। मजबूत वॉल्यूम और बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन से सीमेंट सेगमेंट ने कंपनी के कुल नतीजों में अहम योगदान दिया।
केमिकल बिजनेस में भी अच्छी ग्रोथ
ग्रासिम के केमिकल बिजनेस ने भी जून तिमाही में सकारात्मक प्रदर्शन किया। इस कारोबार का रेवेन्यू सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर ₹2,640 करोड़ हो गया।
केमिकल कारोबार कंपनी के प्रमुख व्यवसायों में शामिल है और इसमें मांग, कीमतों तथा इनपुट कॉस्ट जैसे कई फैक्टर प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। जून तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ यह संकेत देती है कि इस सेगमेंट ने कंपनी के कंसॉलिडेटेड प्रदर्शन को सपोर्ट किया।
फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस की लोन बुक मजबूत
ग्रासिम के फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार में भी ग्रोथ का सिलसिला जारी रहा। कंपनी के NBFC और HFC कारोबार का कुल लेंडिंग पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 32 फीसदी बढ़कर ₹2,19,289 करोड़ हो गया।
फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार में लोन पोर्टफोलियो की तेज वृद्धि कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि इस बिजनेस में ग्रोथ के साथ एसेट क्वालिटी, क्रेडिट कॉस्ट और ब्याज मार्जिन जैसे संकेतकों पर भी निवेशकों की नजर रहती है।
खर्च पर नियंत्रण से बढ़ा EBITDA मार्जिन
जून तिमाही में ग्रासिम के प्रदर्शन की एक खास बात मार्जिन में सुधार रहा। कंपनी का EBITDA रेवेन्यू की तुलना में तेज गति से बढ़ा। जहां रेवेन्यू 21.4 फीसदी बढ़ा, वहीं EBITDA में 27.7 फीसदी की वृद्धि हुई।
इसका सीधा असर EBITDA मार्जिन पर पड़ा। यह एक साल पहले के करीब 15 फीसदी से बढ़कर 16 फीसदी हो गया। मार्जिन में सुधार बताता है कि कंपनी ने लागत और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बेहतर तरीके से मैनेज किया।
नतीजों के बाद शेयर में गिरावट
मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद 12 अगस्त को ग्रासिम का शेयर दबाव में रहा। कारोबार के अंत में ग्रासिम इंडस्ट्रीज का शेयर 0.67 फीसदी गिरकर ₹3,300 पर बंद हुआ।
हालांकि लंबी अवधि के प्रदर्शन की बात करें तो पिछले एक साल में ग्रासिम का शेयर 20 फीसदी से अधिक चढ़ा है। इसी अवधि में निफ्टी में 6 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। यानी एक साल की अवधि में ग्रासिम ने व्यापक बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।
12 अगस्त को पूरे घरेलू शेयर बाजार में भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी करीब 35 अंक यानी 0.15 फीसदी गिरकर 24,435 के आसपास बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 187 अंक की गिरावट के साथ 77,966 के स्तर पर बंद हुआ।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखते हैं नतीजे?
ग्रासिम के जून तिमाही के नतीजों में सबसे सकारात्मक बात कंपनी के कई कारोबारों में एक साथ ग्रोथ दिखाई देना है। रेवेन्यू में 21.4 फीसदी की वृद्धि, EBITDA में 27.7 फीसदी की बढ़ोतरी और नेट प्रॉफिट में 51 फीसदी का उछाल कंपनी की मजबूत तिमाही को दर्शाता है।
बिल्डिंग मैटेरियल्स कारोबार, Birla Opus, Birla Pivot और सीमेंट वॉल्यूम ग्रोथ कंपनी के लिए प्रमुख पॉजिटिव हैं। वहीं फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार की बढ़ती लोन बुक भी ग्रासिम के डायवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल को सपोर्ट कर रही है।
हालांकि निवेशकों को सिर्फ एक तिमाही के नतीजों के आधार पर फैसला लेने के बजाय आने वाली तिमाहियों में मार्जिन, सीमेंट वॉल्यूम, Birla Opus की बाजार हिस्सेदारी, पेंट्स कारोबार की प्रोफिटेबिलिटी और फाइनेंशियल सर्विसेज की एसेट क्वालिटी जैसे संकेतकों पर नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख कंपनी द्वारा जारी तिमाही नतीजों और उपलब्ध बाजार आंकड़ों पर आधारित जानकारी देता है। इसे शेयर खरीदने या बेचने की सलाह न माना जाए। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


