GV Electricals IPO Listing: पावर डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज देने वाली जीवी इलेक्ट्रिकल्स के शेयरों ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है। कंपनी के शेयर बुधवार को BSE SME प्लेटफॉर्म पर ₹158 के भाव पर लिस्ट हुए। IPO में ₹130 के भाव पर शेयर पाने वाले निवेशकों को इस तरह 21.54% का लिस्टिंग गेन मिला। लिस्टिंग के बाद भी शेयर में तेजी जारी रही और यह ₹161.90 तक पहुंच गया, यानी IPO निवेशकों का मुनाफा बढ़कर करीब 24.54% हो गया।
जीवी इलेक्ट्रिकल्स का IPO 31 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। करीब ₹42 करोड़ के इस इश्यू को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और यह कुल 169.26 गुना सब्सक्राइब हुआ। ऐसे में अब कंपनी की मजबूत लिस्टिंग के बाद निवेशकों की नजर इसके कारोबार, ऑर्डर बुक, वित्तीय प्रदर्शन और IPO से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल पर है।
GV Electricals IPO को मिला था शानदार रिस्पांस
जीवी इलेक्ट्रिकल्स के IPO में निवेशकों की सभी कैटेगरी से मजबूत मांग देखने को मिली थी। इश्यू कुल 169.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 91.55 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 272.79 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 168.69 गुना सब्सक्राइब हुआ।
IPO के तहत कंपनी ने ₹39 करोड़ के नए शेयर जारी किए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.50 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की गई। OFS से मिलने वाली रकम कंपनी को नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरहोल्डर्स को मिलती है।
IPO से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?
कंपनी ने IPO से मिलने वाली रकम के इस्तेमाल की योजना पहले ही स्पष्ट कर दी थी। नए शेयरों से जुटाई गई रकम में से करीब ₹6 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज कम करने के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा लगभग ₹22 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में लगाए जाएंगे। बची हुई रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
कर्ज कम करने और वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने से कंपनी की वित्तीय स्थिति को सपोर्ट मिल सकता है। खासकर ऐसे कारोबार में जहां प्रोजेक्ट्स के लिए लगातार कार्यशील पूंजी की जरूरत होती है, वहां पर्याप्त वर्किंग कैपिटल कंपनी के संचालन के लिए महत्वपूर्ण होती है।
क्या काम करती है GV Electricals?
जीवी इलेक्ट्रिकल्स पावर डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी O&M और सपोर्ट सर्विसेज उपलब्ध कराती है। कंपनी देश की इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज के लिए अलग-अलग तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस से जुड़े काम करती है।
कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से तीन प्रमुख वर्टिकल्स में बंटा हुआ है:
- नेटवर्क O&M सर्विसेज
- इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क डेवलपमेंट वर्क्स
- मीटरिंग और मीटर मैनेजमेंट सर्विसेज
जीवी इलेक्ट्रिकल्स 33 kV, 11 kV और LT नेटवर्क समेत अलग-अलग वोल्टेज लेवल पर इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम करती है। कंपनी 33/11 kV सबस्टेशन की O&M सर्विसेज के साथ-साथ लाइन मेंटेनेंस, नेटवर्क इंस्पेक्शन और फॉल्ट रिपेयर जैसे फील्ड ऑपरेशंस के लिए तकनीकी कर्मचारियों की सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।
कंपनी के पास ₹553 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक
कंपनी के कारोबार के लिए इसकी ऑर्डर बुक भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। जून 2026 के अंत तक जीवी इलेक्ट्रिकल्स के पास करीब ₹553.70 करोड़ की ऑर्डर बुक थी, जिसमें 34 चालू प्रोजेक्ट शामिल थे।
ऑर्डर बुक कंपनी को भविष्य के संभावित रेवेन्यू की दृश्यता देती है। हालांकि, किसी भी प्रोजेक्ट आधारित कारोबार में ऑर्डर को समय पर पूरा करना, मार्जिन बनाए रखना और वर्किंग कैपिटल का प्रभावी प्रबंधन महत्वपूर्ण रहता है।
वित्तीय प्रदर्शन में भी दिखी मजबूती
जीवी इलेक्ट्रिकल्स के वित्तीय प्रदर्शन में भी पिछले कुछ वर्षों में सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2024 से 2026 के बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 93% से अधिक CAGR की दर से बढ़कर ₹10.47 करोड़ पहुंच गया।
इसी अवधि में कंपनी की कुल आय करीब 18% CAGR की दर से बढ़कर ₹156.66 करोड़ हो गई। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी ने अपने कारोबार के साथ मुनाफे में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की है।
मार्च 2026 के अंत तक कंपनी पर कुल करीब ₹16.47 करोड़ का कर्ज था। वहीं, कंपनी के रिजर्व और सरप्लस करीब ₹25.39 करोड़ थे। IPO से मिलने वाली रकम में से एक हिस्सा कर्ज घटाने के लिए इस्तेमाल किए जाने से कंपनी की बैलेंस शीट पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए?
शानदार लिस्टिंग के बाद जीवी इलेक्ट्रिकल्स के शेयर पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है। IPO में 169 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन और 21% से ज्यादा लिस्टिंग गेन ने कंपनी के प्रति बाजार की शुरुआती दिलचस्पी को दिखाया है।
हालांकि, लिस्टिंग गेन को कंपनी के भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं माना जा सकता। शेयर में आगे तेजी या गिरावट कंपनी के ऑर्डर एग्जीक्यूशन, नए ऑर्डर्स, रेवेन्यू और मुनाफे की ग्रोथ, कर्ज, कैश फ्लो और SME शेयरों में मौजूद जोखिमों समेत कई कारकों पर निर्भर करेगी।
इसलिए केवल मजबूत लिस्टिंग और IPO सब्सक्रिप्शन आंकड़ों के आधार पर निवेश का फैसला करने के बजाय कंपनी के वैल्यूएशन और आगामी वित्तीय नतीजों का भी आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और जोखिमों का स्वतंत्र रूप से अध्ययन करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश करने की सलाह नहीं देता।


