Bengaluru Food Safety News: बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर कई चौंकाने वाली कमियां सामने आई हैं। शहर के होटल, रेस्टोरेंट और दूसरी फूड यूनिट्स में चलाए गए जांच अभियान के दौरान अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में खराब और एक्सपायर खाद्य सामग्री बरामद की। इनमें सड़ा हुआ चिकन और बीफ, फंगस लगी खाद्य सामग्री और एक्सपायर दूध-दही शामिल हैं।
रविवार को हुई जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने करीब 132 किलो खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट कर दी। अधिकारियों को कुछ मीट में फंगस भी लगी मिली। वहीं, बेंगलुरु के यूबी सिटी स्थित एक महंगे रूफटॉप लाउंज की रसोई में एक्सपायर दूध और दही के पैकेट मिलने के बाद वहां की किचन को बंद कर दिया गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा विभाग होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष अभियान चला रहा है।
132 किलो खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान करीब 132 किलो खाद्य सामग्री जब्त की। जांच में अधिकारियों को कई खाद्य पदार्थ खराब हालत में मिले।
जब्त सामग्री में सड़ा हुआ चिकन और बीफ भी शामिल था। कुछ मीट में फंगस लगी हुई मिली। अधिकारियों ने ऐसी सामग्री को खाने के लिए असुरक्षित मानते हुए जब्त किया और बाद में नष्ट कर दिया।
खाद्य पदार्थों की यह स्थिति उनके स्टोरेज और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। खासतौर पर मीट जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान पर रखना और उनकी नियमित जांच करना बेहद जरूरी होता है।
लग्जरी रूफटॉप लाउंज की किचन में मिले एक्सपायर दूध-दही
इस अभियान के दौरान अधिकारियों की जांच यूबी सिटी के एक महंगे रूफटॉप लाउंज तक भी पहुंची। यहां अधिकारियों को एक्सपायर हो चुके दूध और दही के पैकेट मिले।
जांच के दौरान सिर्फ एक्सपायर खाद्य सामग्री ही नहीं, बल्कि किचन की साफ-सफाई को लेकर भी कमियां सामने आईं। रसोई में जरूरी स्वच्छता मानकों का पालन नहीं पाया गया।
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और किचन की खराब स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने लाउंज की रसोई को बंद कर दिया। इस कार्रवाई के बाद संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
तीन दिन में 60 बड़े होटलों की जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग के इस अभियान का दायरा काफी बड़ा रहा। अधिकारियों के अनुसार, तीन दिनों के दौरान बेंगलुरु शहरी जिले में 60 थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटलों का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग होटलों से खाने के 77 सैंपल लिए। इन सभी नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है।
लैब रिपोर्ट से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि संबंधित प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल और परोसा जा रहा भोजन निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं। अगर किसी सैंपल में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके आधार पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे कार्रवाई की जा सकती है।
जांच में सामने आईं कई गंभीर कमियां
अधिकारियों के निरीक्षण में केवल एक्सपायर खाद्य सामग्री ही नहीं मिली, बल्कि खाद्य पदार्थों को रखने और संभालने के तरीके में भी कई खामियां सामने आईं।
जांच के दौरान अधिकारियों को कुछ जगहों पर:
- एक्सपायर हो चुके खाद्य पदार्थ मिले।
- मीट और मछली को सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया था।
- कुछ सब्जियों में फंगस लगी हुई मिली।
- खाना बनाने और संभालने वाली जगहों पर पर्याप्त सफाई नहीं थी।
- शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग रखने के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।
- कुछ खाद्य सामग्री ऐसी जगह रखी मिली, जहां जरूरी स्वच्छता मानकों का ध्यान नहीं रखा गया था।
इन खामियों को खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि गलत तरीके से स्टोर किए गए या खराब हो चुके खाद्य पदार्थों के सेवन से लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
शाकाहारी और मांसाहारी खाने को अलग रखना जरूरी
खाद्य सुरक्षा जांच में अधिकारियों ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री को किस तरह रखा जा रहा है।
अगर कच्चे मीट, मछली या चिकन को अन्य खाद्य पदार्थों के साथ गलत तरीके से रखा जाता है, तो क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए फूड बिजनेस ऑपरेटरों के लिए खाद्य सामग्री की स्टोरेज, तापमान नियंत्रण, साफ-सफाई और अलग-अलग खाद्य पदार्थों को संभालने की व्यवस्था का ध्यान रखना जरूरी है।
बड़े होटल और रेस्टोरेंट में रोजाना बड़ी मात्रा में खाना तैयार किया जाता है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट, स्टोरेज कंडीशन और किचन हाइजीन की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।
77 खाद्य सैंपल की लैब में होगी जांच
अभियान के दौरान अधिकारियों ने कुल 77 खाद्य सैंपल लिए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है। अब इनकी रिपोर्ट के आधार पर यह पता चलेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।
लैब रिपोर्ट में अगर किसी खाद्य पदार्थ में मानकों से जुड़ी गंभीर गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित होटल या फूड बिजनेस के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इसलिए फिलहाल विभाग की कार्रवाई केवल निरीक्षण और नोटिस तक सीमित नहीं है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद कई मामलों में कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस
जांच के दौरान जहां भी खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिला, वहां अधिकारियों ने नोटिस जारी किए हैं। विभाग ने साफ किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में ग्राहकों को सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जाए।
खराब खाद्य सामग्री को नष्ट करने के साथ-साथ प्रतिष्ठानों को खाद्य पदार्थों की स्टोरेज, किचन हाइजीन और फूड हैंडलिंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई की भी सिफारिश
जहां गंभीर नियम उल्लंघन पाए गए हैं, वहां संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सिफारिश भी की गई है। हालांकि, आगे की कार्रवाई का स्वरूप जांच रिपोर्ट और संबंधित मामलों की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
77 खाद्य सैंपल की लैब रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। अगर जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन साबित होता है, तो विभाग संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानून के तहत आगे कदम उठा सकता है।
इंदिरा कैंटीन भी जांच के दायरे में
बेंगलुरु में चल रहा यह अभियान केवल महंगे होटल और लग्जरी रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बोम्मनहल्ली और लिंगराजपुरम की सरकारी इंदिरा कैंटीन का भी निरीक्षण किया।
इन कैंटीन में भी खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों की जांच की गई। अधिकारियों के मुताबिक, नियमों का पालन नहीं करने पर कैंटीन को नोटिस जारी किए गए हैं।
इससे यह संकेत मिलता है कि विभाग खाद्य सुरक्षा के मामले में सरकारी कैंटीन से लेकर बड़े होटल और रेस्टोरेंट तक सभी तरह के प्रतिष्ठानों की जांच कर रहा है।
आगे भी जारी रहेगा खाद्य सुरक्षा अभियान
बेंगलुरु में चलाए जा रहे इस अभियान का मकसद शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और किचन हाइजीन की निगरानी को मजबूत करना है। जांच के दौरान सामने आईं खामियां यह बताती हैं कि बड़े होटल और रेस्टोरेंट में भी खाद्य सामग्री के स्टोरेज और किचन स्वच्छता की नियमित निगरानी जरूरी है।
फंगस लगी मीट, खराब चिकन और बीफ तथा एक्सपायर दूध-दही मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिस तरह कार्रवाई शुरू की है, उससे आने वाले दिनों में अन्य प्रतिष्ठानों की जांच भी तेज होने की उम्मीद है।
फिलहाल 77 खाद्य सैंपल की लैब रिपोर्ट का इंतजार है। इन रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि कितने मामलों में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ और किन प्रतिष्ठानों पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


