Lloyds Metals Q1 Results: माइनिंग और मेटल सेक्टर की कंपनी Lloyds Metals and Energy ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 165% बढ़कर 1,726 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू और EBITDA में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। मजबूत तिमाही नतीजों के साथ कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी में निवेश, रिन्यूएबल एनर्जी और कैपिटल स्ट्रक्चर से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए हैं।
सोमवार के कारोबारी सत्र में Lloyds Metals का शेयर करीब 2% की तेजी के साथ 2,059.10 रुपये पर बंद हुआ। शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले छह महीनों में इस स्टॉक ने करीब 64.77% का रिटर्न दिया है। ऐसे में कंपनी के मजबूत Q1 नतीजे निवेशकों के लिए खास तौर पर चर्चा में हैं।
जून तिमाही में मुनाफे में 165% की जोरदार बढ़ोतरी
Lloyds Metals and Energy के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में जून तिमाही के दौरान बड़ा उछाल आया। कंपनी का मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के 651 करोड़ रुपये से बढ़कर इस बार 1,726 करोड़ रुपये हो गया।
इस तरह सालाना आधार पर कंपनी के मुनाफे में करीब 165% की बढ़ोतरी हुई है। मुनाफे में यह उछाल कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन में मजबूती को दर्शाता है।
रेवेन्यू 209% बढ़कर ₹7,354 करोड़ के पार
कंपनी की आय में भी जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। जून तिमाही में Lloyds Metals का रेवेन्यू 2,383.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,354.3 करोड़ रुपये हो गया।
यानी सालाना आधार पर रेवेन्यू में करीब 209% की वृद्धि हुई। कंपनी के कारोबार में इतनी बड़ी वृद्धि माइनिंग और मेटल बिजनेस में मजबूत गतिविधियों की ओर इशारा करती है।
EBITDA में भी 245% से ज्यादा की तेजी
कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन का एक अहम संकेत EBITDA भी है। जून तिमाही में Lloyds Metals का EBITDA 805.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,781.4 करोड़ रुपये हो गया।
इस आधार पर EBITDA में करीब 245% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। EBITDA मार्जिन भी पिछले साल की जून तिमाही के 33.80% से बढ़कर 37.82% हो गया।
मार्जिन में सुधार बताता है कि कंपनी ने सिर्फ बिक्री में वृद्धि नहीं की, बल्कि ऑपरेशनल स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन किया।
सब्सिडियरी में ₹625 करोड़ तक निवेश को मंजूरी
तिमाही नतीजों के साथ Lloyds Metals के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी Thriveni Earthmovers and Infra Private Ltd. में 625 करोड़ रुपये तक के निवेश को मंजूरी दी है।
यह निवेश राइट्स इश्यू या भविष्य में जारी की जाने वाली पूंजी के माध्यम से किया जाएगा। कंपनी जरूरत के अनुसार इस रकम को एक या उससे ज्यादा चरणों में निवेश कर सकती है।
सब्सिडियरी में निवेश से कंपनी के कारोबारी विस्तार और भविष्य की परियोजनाओं को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
रिन्यूएबल एनर्जी में बढ़ाएगी हिस्सेदारी
Lloyds Metals ने अपनी बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी में भी निवेश की योजना बनाई है। कंपनी ग्रुप कैप्टिव स्कीम के तहत विंड और सोलर पावर प्रोजेक्ट्स में कम से कम 26% हिस्सेदारी ले सकती है।
इसके लिए कंपनी Amplus Energy और उसकी विभिन्न इकाइयों के साथ समझौते करेगी। कैप्टिव रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के जरिए कंपनी अपनी बिजली जरूरत के एक हिस्से को स्वच्छ ऊर्जा से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
मेटल और माइनिंग जैसी ऊर्जा-गहन इंडस्ट्री में बिजली लागत कारोबार की अहम लागत होती है। ऐसे में रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश कंपनी के लिए लंबे समय में रणनीतिक महत्व रख सकता है।
सब्सिडियरी का कर्ज इक्विटी में बदलेगी कंपनी
बोर्ड ने Lloyds Global Resources FZCO को दिए गए मौजूदा कर्ज को इक्विटी शेयरों में बदलने की मंजूरी भी दी है।
इसके अलावा कंपनी इस सब्सिडियरी में प्रेफरेंस शेयर और अन्य सिक्योरिटीज के जरिए आगे भी निवेश कर सकती है। यह निवेश भी एक या कई चरणों में किया जा सकता है।
इस फैसले का उद्देश्य कंपनी के ग्रुप स्ट्रक्चर और सब्सिडियरी की पूंजी व्यवस्था को मजबूत करना हो सकता है।
अविजित घोष बनेंगे इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
कंपनी के बोर्ड ने अविजित घोष की अतिरिक्त निदेशक और नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी है।
उनका प्रस्तावित कार्यकाल 10 अगस्त 2026 से 9 अगस्त 2031 तक पांच साल का होगा। हालांकि, यह नियुक्ति कंपनी के सदस्यों की मंजूरी के अधीन होगी।
शेयर ने 6 महीने में दिया करीब 65% रिटर्न
Lloyds Metals के शेयर में भी हाल के महीनों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। सोमवार को स्टॉक करीब 2% बढ़कर 2,059.10 रुपये पर बंद हुआ।
पिछले छह महीनों के प्रदर्शन की बात करें तो शेयर ने करीब 64.77% का रिटर्न दिया है। यानी कंपनी के मजबूत कारोबारी प्रदर्शन के साथ शेयर बाजार में भी स्टॉक ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है।
हालांकि, किसी शेयर में पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता। मेटल और माइनिंग कंपनियों के शेयरों पर कमोडिटी कीमतों, मांग, उत्पादन, लागत और बाजार की परिस्थितियों का असर पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
Lloyds Metals के जून तिमाही के आंकड़ों में तीन प्रमुख बातें नजर आती हैं—मुनाफे में तेज वृद्धि, रेवेन्यू में मजबूत विस्तार और EBITDA मार्जिन में सुधार। इसके अलावा सब्सिडियरी में निवेश और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी बढ़ाने की योजनाएं कंपनी की भविष्य की रणनीति की ओर संकेत करती हैं।
फिर भी निवेशकों को केवल एक तिमाही के नतीजों या हालिया शेयर रिटर्न के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी की आगे की आय, कैश फ्लो, कर्ज, कमोडिटी कीमतों और प्रोजेक्ट्स की प्रगति जैसे पहलुओं पर भी नजर रखना जरूरी है।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, जोखिमों और अपनी निवेश क्षमता का मूल्यांकन करें तथा जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार की सलाह लें। NewsJagran.in की ओर से किसी भी व्यक्ति को किसी शेयर में निवेश करने की व्यक्तिगत सलाह नहीं दी जाती है।


