TCS Data Breach: टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी TCS ने कर्मचारियों का डेटा लीक होने की खबरों को खारिज किया है। कंपनी ने कहा कि जांच में उसके सिस्टम या ग्राहकों के नेटवर्क में सेंध के कोई भरोसेमंद सबूत नहीं मिले हैं। कंपनी के मुताबिक, सामने आया डेटा चार साल से भी ज्यादा पुराना है।
TCS Data Breach: टाटा ग्रुप की दिग्गज आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने कथित डेटा लीक की खबरों पर बड़ा अपडेट दिया है। कंपनी ने सोमवार को स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि उसे कुछ थ्रेट इंटेलिजेंस अलर्ट मिले थे, जिनमें कुछ कर्मचारियों की जानकारी के लीक होने का दावा किया गया था। हालांकि, कंपनी की ओर से की गई जांच में TCS के सिस्टम या उसके ग्राहकों के सिस्टम में किसी तरह की सेंध के कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिले हैं।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि कथित तौर पर सामने आया डेटा चार साल से भी ज्यादा पुराना है। TCS के अनुसार, इसमें कर्मचारियों से जुड़ी सामान्य जानकारी शामिल है और इस घटना का ग्राहकों के डेटा या कंपनी के ऑपरेशनल सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ा है।
TCS ने डेटा लीक की खबरों पर क्या कहा?
TCS के मुताबिक, हाल ही में उसे कुछ थ्रेट इंटेलिजेंस अलर्ट प्राप्त हुए थे। इन अलर्ट में कुछ कर्मचारियों से संबंधित जानकारी के कथित तौर पर लीक होने की बात कही गई थी। इसके बाद कंपनी ने मामले की समीक्षा और जांच की।
जांच के आधार पर TCS ने कहा कि उसे अपने सिस्टम में किसी अनधिकृत सेंध के प्रमाण नहीं मिले हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि उसके ग्राहकों के नेटवर्क और सिस्टम भी इस कथित घटना से प्रभावित होने के कोई सबूत सामने नहीं आए हैं।
इसका मतलब है कि फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे TCS के मौजूदा ऑपरेशनल या ग्राहक डेटा सिस्टम पर हुए किसी बड़े साइबर अटैक के तौर पर नहीं देखा जा रहा है।
चार साल से भी ज्यादा पुराना है डेटा
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में यह भी बताया कि जिस डेटा को लेकर दावे किए जा रहे हैं, वह चार साल से अधिक पुराना है। TCS के अनुसार, इस डेटा में कर्मचारियों की सामान्य जानकारी शामिल है।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि कथित तौर पर सामने आए डेटा से उसके ग्राहकों की संवेदनशील जानकारी प्रभावित होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। साथ ही, TCS के ऑपरेशनल सिस्टम पर भी किसी तरह के असर की पुष्टि नहीं हुई है।
यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब साइबर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों में पुराने डेटा को नए डेटा के तौर पर पेश किए जाने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। ऐसे में कंपनी ने डेटा की उम्र और उसकी प्रकृति को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है।
हमलावर ने Password Spray और MFA Fatigue का किया दावा
TCS ने बताया कि कथित हमलावर की ओर से दावा किया गया था कि उसने Password Spray और Multi-Factor Authentication (MFA) Fatigue जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया।
Password Spraying एक तरह का साइबर अटैक है, जिसमें हमलावर बड़ी संख्या में अकाउंट्स पर कुछ आम या संभावित पासवर्ड आजमाने की कोशिश करता है। वहीं, MFA Fatigue अटैक में यूजर को बार-बार मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन रिक्वेस्ट भेजी जाती हैं, ताकि वह गलती से किसी रिक्वेस्ट को स्वीकार कर दे।
TCS ने कहा कि इन तरह के साइबर हमलों से बचाव के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय कंपनी ने दो साल से भी ज्यादा समय पहले लागू कर दिए थे। कंपनी की मौजूदा समीक्षा में भी ये सुरक्षा उपाय प्रभावी पाए गए हैं।
ग्राहकों के डेटा पर कोई असर नहीं
TCS ने अपने बयान में ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी के मुताबिक, जांच में ग्राहकों के सिस्टम या नेटवर्क में किसी तरह की सेंध के विश्वसनीय सबूत नहीं मिले हैं।
कंपनी ने यह भी कहा कि उसके ऑपरेशनल सिस्टम पर इस कथित घटना का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। यानी फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि TCS के ग्राहकों की संवेदनशील जानकारी या कंपनी के मौजूदा सिस्टम से डेटा चोरी हुआ है।
TCS की लगातार जारी है निगरानी
कंपनी ने कहा है कि वह अपने सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रही है। अगर भविष्य में जांच के दौरान कोई नई जानकारी सामने आती है, तो उसके आधार पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
TCS ने साइबर सिक्योरिटी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि कंपनी अपने सिस्टम और ग्राहकों की जानकारी की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय करती रहेगी।
TCS Share Price: शेयर में 0.80% की गिरावट
डेटा लीक से जुड़ी खबरों के बीच सोमवार को TCS के शेयर में 0.80% की गिरावट दर्ज की गई और कंपनी का शेयर ₹2,434 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, एक महीने के प्रदर्शन पर नजर डालें तो शेयर में करीब 17.52% की तेजी आई है।
इसलिए सिर्फ एक कारोबारी सत्र की गिरावट को कथित डेटा लीक की खबर से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। शेयर की चाल पर कंपनी के वित्तीय नतीजे, आईटी सेक्टर का माहौल, अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी खर्च और व्यापक बाजार की दिशा समेत कई अन्य कारकों का भी असर पड़ता है।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
TCS की ओर से फिलहाल दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी के सिस्टम या ग्राहकों के नेटवर्क में सेंध का कोई भरोसेमंद सबूत नहीं मिला है। साथ ही, जिस डेटा को लेकर दावा किया जा रहा है, उसे कंपनी ने चार साल से ज्यादा पुराना बताया है।
ऐसे में निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी की आधिकारिक जांच में अभी तक किसी बड़े मौजूदा डेटा ब्रीच की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, साइबर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों में जांच और निगरानी आगे भी जारी रह सकती है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in की ओर से किसी भी शेयर में निवेश करने की सलाह नहीं दी जाती है।


