DLF The Dahlias: गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड स्थित DLF के सुपर लग्जरी प्रोजेक्ट ‘द डहलियास’ में ₹271 करोड़ की रिकॉर्डतोड़ डील हुई है। इस पेंटहाउस को खरीदने वाले कारोबारी मानव सरदाना हैं। जानिए कौन हैं मानव सरदाना, उनका कारोबार क्या है और इतनी बड़ी प्रॉपर्टी खरीदने के लिए पैसा कहां से आया।
नई दिल्ली: भारत के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में एक ऐसी डील हुई है, जिसने बड़े-बड़े रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर स्थित DLF The Dahlias में एक पेंटहाउस करीब ₹271 करोड़ में खरीदा गया है। इस यूनिट के खरीदार कारोबारी मानव सरदाना (Manav Sardana) हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, यह भारत में किसी एक रेजिडेंशियल यूनिट की अब तक की सबसे महंगी खरीद बताई जा रही है।
इस डील ने सिर्फ इसलिए सुर्खियां नहीं बटोरी हैं कि इसकी कीमत ₹271 करोड़ है, बल्कि इसलिए भी कि खरीदार मानव सरदाना आम तौर पर सार्वजनिक या मीडिया की चकाचौंध में नजर नहीं आते। उनका कारोबारी परिवार लंबे समय से ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के कारोबार से जुड़ा रहा है।
17,200 वर्ग फुट का आलीशान पेंटहाउस
मानव सरदाना ने DLF के The Dahlias प्रोजेक्ट में जो पेंटहाउस खरीदा है, उसका सुपर एरिया करीब 17,200 वर्ग फुट बताया गया है। वहीं इसका कारपेट एरिया करीब 10,500 वर्ग फुट है।
₹271 करोड़ की कुल कीमत के हिसाब से देखें तो सुपर एरिया के आधार पर प्रॉपर्टी की कीमत लगभग ₹1.58 लाख प्रति वर्ग फुट बैठती है। वहीं कारपेट एरिया के हिसाब से यह कीमत करीब ₹2.6 लाख प्रति वर्ग फुट तक पहुंच जाती है।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सिर्फ एक सामान्य लग्जरी अपार्टमेंट नहीं, बल्कि देश के सबसे महंगे और प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी सौदों में से एक है।
इससे पहले मधुसूदन केला ने बनाया था रिकॉर्ड
The Dahlias प्रोजेक्ट पहले भी अपनी महंगी प्रॉपर्टी डील के कारण चर्चा में रहा है। इससे पहले दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने इसी प्रोजेक्ट में एक यूनिट करीब ₹120.7 करोड़ में खरीदी थी।
मानव सरदाना की ₹271 करोड़ की डील ने इस रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया है। यानी एक ही प्रोजेक्ट में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमत ने कुछ ही समय में एक नया स्तर छू लिया है।
कौन हैं मानव सरदाना?
मानव सरदाना का नाम टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप या एंटरटेनमेंट की दुनिया में भले ही ज्यादा चर्चित नहीं है, लेकिन उनका कारोबारी परिवार भारत के ऑटो कंपोनेंट उद्योग में लंबे समय से मौजूद है।
सरदाना परिवार का संबंध Imperial Auto Industries से है। यह कंपनी ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल व्हीकल इंडस्ट्री के लिए विभिन्न तरह के फ्लूइड ट्रांसमिशन और ऑटो कंपोनेंट्स बनाने के कारोबार में है।
कंपनी के उत्पादों में रबर होज, मेटल और नायलॉन ट्यूब, होज असेंबली, ब्रेक ट्यूब और फ्यूल इंजेक्शन ट्यूब जैसे उत्पाद शामिल हैं। इनका इस्तेमाल ऑटोमोबाइल और औद्योगिक वाहनों में किया जाता है।
यानी मानव सरदाना की संपत्ति का आधार किसी अचानक बने स्टार्टअप या हालिया टेक बिजनेस से नहीं, बल्कि कई दशकों पुराने मैन्युफैक्चरिंग कारोबार से जुड़ा है।
1969 में शुरू हुआ था Imperial Auto का सफर
Imperial Auto Industries की शुरुआत साल 1969 में फरीदाबाद, हरियाणा से हुई थी। पिछले पांच दशक से ज्यादा समय में कंपनी ने अपने कारोबार और मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क का काफी विस्तार किया है।
आज कंपनी की मौजूदगी भारत के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बताई जाती है। कंपनी के भारत, जर्मनी और अमेरिका में 20 से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होने की जानकारी सामने आई है।
कंपनी ऑटोमोबाइल सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों को अपने उत्पाद सप्लाई करती है। इसके उत्पादों की बड़ी रेंज होने के कारण इसका कारोबार सिर्फ किसी एक वाहन निर्माता या एक ही तरह के ऑटो पार्ट तक सीमित नहीं है।
25,000 से ज्यादा प्रोडक्ट्स की रेंज
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक Imperial Auto के पास 25,000 से ज्यादा उत्पादों की रेंज बताई जाती है। कंपनी भारत के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी ऑटोमोबाइल निर्माताओं और दूसरे औद्योगिक ग्राहकों को अपने उत्पाद सप्लाई करती है।
साल 2022 तक Imperial Group का रेवेन्यू करीब ₹2,200 करोड़ बताया गया था। हालांकि कंपनी के कारोबार और ग्रुप की मौजूदा वित्तीय स्थिति को इससे अलग-अलग समझना जरूरी है, क्योंकि समय के साथ कारोबार के आकार और हिस्सेदारी में बदलाव हो सकता है।
कंपनी ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में बदलती तकनीक के साथ खुद को आगे बढ़ाने की कोशिश भी की है। इलेक्ट्रिक व्हीकल बाजार के विस्तार के बीच कंपनी बैटरी कूलिंग और थर्मल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर काम कर रही है।
आखिर ₹271 करोड़ की डील के लिए पैसा कहां से आया?
मानव सरदाना की इस प्रॉपर्टी खरीद को समझने के लिए Imperial Auto के इतिहास में हुई एक बड़ी डील को देखना जरूरी है।
मार्च 2022 में ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म Warburg Pincus ने Imperial Auto Industries में दो चरणों में करीब 70% कंट्रोलिंग हिस्सेदारी हासिल की थी।
यह सौदा सरदाना परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया। दशकों से चले आ रहे मैन्युफैक्चरिंग कारोबार में बड़ी हिस्सेदारी की बिक्री से परिवार को बड़ी मात्रा में पूंजी मिली। इसी कारोबारी लेनदेन के बाद परिवार की संपत्ति का एक हिस्सा लिक्विड फंड में बदला।
यही वजह है कि मानव सरदाना की ₹271 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीद को सिर्फ एक लग्जरी रियल एस्टेट निवेश के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसके पीछे परिवार के लंबे समय से चले आ रहे कारोबार और 2022 में हुई बड़ी हिस्सेदारी बिक्री की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
The Dahlias क्यों है इतना खास?
DLF The Dahlias गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर स्थित एक अल्ट्रा-लक्जरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट है। इसे भारत के सबसे महंगे और प्रीमियम रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है।
इस प्रोजेक्ट में बड़े आकार के अपार्टमेंट और पेंटहाउस के साथ हाई-एंड सुविधाओं पर जोर दिया गया है। गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड की लोकेशन भी इसकी कीमतों को बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल है।
दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी रियल एस्टेट की मांग बढ़ने के साथ इस तरह की अल्ट्रा-प्रीमियम प्रॉपर्टी में निवेश करने वाले हाई-नेट-वर्थ खरीदारों की संख्या भी बढ़ी है।
भारत के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार के लिए बड़ा संकेत
मानव सरदाना की ₹271 करोड़ की खरीद सिर्फ एक व्यक्तिगत प्रॉपर्टी डील नहीं है। यह भारत के लग्जरी रियल एस्टेट बाजार में बढ़ती कीमतों और अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ खरीदारों की बढ़ती क्षमता का भी संकेत देती है।
खास बात यह है कि इतनी बड़ी रकम में खरीदी गई प्रॉपर्टी का बाजार सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रह गया है। गुरुग्राम जैसे शहरों में भी प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स अब ऐसे सौदों का हिस्सा बन रहे हैं।
मानव सरदाना की डील इस बात को भी दिखाती है कि पुराने पारिवारिक कारोबार से पैदा हुई संपत्ति अब रियल एस्टेट जैसे दूसरे एसेट क्लास में बड़े पैमाने पर निवेश का आधार बन रही है।
निष्कर्ष
₹271 करोड़ में DLF The Dahlias का पेंटहाउस खरीदकर मानव सरदाना ने भारत के रेजिडेंशियल रियल एस्टेट बाजार में नया रिकॉर्ड बनाया है। सरदाना परिवार की संपत्ति का आधार कई दशकों से चल रहा Imperial Auto Industries का कारोबार है। साल 2022 में Warburg Pincus द्वारा कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के बाद परिवार को मिली पूंजी ने इस तरह के बड़े निवेश के लिए वित्तीय आधार तैयार किया।
इस डील के साथ एक बात साफ है—भारत में अल्ट्रा-लग्जरी रियल एस्टेट का बाजार अब सिर्फ मुंबई और दक्षिण दिल्ली तक सीमित नहीं है। गुरुग्राम भी देश के सबसे महंगे रेजिडेंशियल सौदों के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।


