क्रेडिट कार्ड के बिना भी अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाया जा सकता है। समय पर लोन EMI चुकाने, कम क्रेडिट लेने, पुरानी क्रेडिट हिस्ट्री को बनाए रखने और अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियों को समय रहते ठीक कराने जैसी आदतें क्रेडिट स्कोर बेहतर करने में मदद कर सकती हैं।
आज के समय में क्रेडिट स्कोर आपकी वित्तीय प्रोफाइल का एक अहम हिस्सा बन चुका है। जब कोई व्यक्ति होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन या किसी अन्य तरह की क्रेडिट सुविधा के लिए आवेदन करता है, तो बैंक और वित्तीय संस्थान उसकी क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर को भी देखते हैं। आमतौर पर बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल होने पर लोन मिलने की संभावना बढ़ सकती है और कुछ मामलों में ब्याज दर तथा लोन की शर्तें भी अधिक अनुकूल हो सकती हैं।
अक्सर लोगों को लगता है कि क्रेडिट स्कोर बनाने या सुधारने के लिए क्रेडिट कार्ड होना जरूरी है। हालांकि, ऐसा नहीं है। यदि आपके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है, तब भी कुछ दूसरे क्रेडिट प्रोडक्ट्स और जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार के जरिए क्रेडिट हिस्ट्री बनाई और बेहतर की जा सकती है।
क्रेडिट स्कोर क्या होता है?
क्रेडिट स्कोर तीन अंकों की संख्या होती है, जो आपकी क्रेडिट हिस्ट्री और कर्ज चुकाने के रिकॉर्ड के आधार पर आपकी क्रेडिटवर्थीनेस का संकेत देती है। भारत में आम तौर पर क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। अलग-अलग क्रेडिट ब्यूरो अपने स्कोरिंग मॉडल के अनुसार गणना करते हैं।
क्रेडिट स्कोर तैयार करते समय कई चीजों को ध्यान में रखा जाता है। इनमें आपकी पेमेंट हिस्ट्री, मौजूदा क्रेडिट का इस्तेमाल, क्रेडिट हिस्ट्री की अवधि, अलग-अलग तरह के क्रेडिट अकाउंट और हाल की क्रेडिट इंक्वायरी जैसे कारक शामिल हो सकते हैं।
इसलिए सिर्फ क्रेडिट कार्ड होना ही क्रेडिट स्कोर के लिए जरूरी नहीं है। असल महत्व इस बात का है कि आपने अपने उपलब्ध क्रेडिट को किस तरह मैनेज किया है।
क्रेडिट कार्ड के बिना क्रेडिट स्कोर कैसे बनाएं?
अगर आपने अभी तक कोई क्रेडिट कार्ड नहीं लिया है या आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो भी अपनी क्रेडिट प्रोफाइल बनाने के कुछ रास्ते मौजूद हैं।
1. बैंक या NBFC का छोटा लोन लेकर समय पर EMI चुकाएं
क्रेडिट हिस्ट्री बनाने का सबसे सामान्य तरीका किसी ऐसे लोन का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना है जिसकी भुगतान जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट होती हो।
अगर आपको वास्तव में लोन की जरूरत है, तो बैंक या NBFC से लिया गया उपयुक्त लोन आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बनाने में मदद कर सकता है। उदाहरण के तौर पर कुछ लोग अपनी जरूरत के हिसाब से पर्सनल लोन, एजुकेशन लोन, ऑटो लोन या अन्य योग्य क्रेडिट सुविधा का इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि, केवल क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के लिए अनावश्यक लोन लेना सही रणनीति नहीं है। लोन तभी लें जब उसकी वास्तविक जरूरत हो और आपकी आय EMI चुकाने के लिए पर्याप्त हो।
सबसे महत्वपूर्ण बात है कि EMI की तारीख न चूकें। लगातार समय पर भुगतान करने से आपकी पेमेंट हिस्ट्री मजबूत हो सकती है, जबकि देर से भुगतान या डिफॉल्ट आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
2. EMI की तारीख कभी मिस न करें
क्रेडिट स्कोर सुधारने में सबसे महत्वपूर्ण आदतों में से एक है समय पर भुगतान करना।
अगर आपके पास पहले से कोई होम लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन या अन्य क्रेडिट अकाउंट है, तो उसकी EMI समय पर जमा करें। बैंक खाते में EMI की रकम पहले से उपलब्ध रखना एक अच्छी आदत हो सकती है।
आप चाहें तो बैंकिंग ऐप में ऑटो-डेबिट या रिमाइंडर जैसी सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि भुगतान की तारीख भूलने की संभावना कम हो।
ध्यान रखें कि एक छोटी सी EMI में देरी भी आपकी क्रेडिट हिस्ट्री में दर्ज हो सकती है। इसलिए क्रेडिट कार्ड न होने की स्थिति में भी लोन की पेमेंट हिस्ट्री को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है।
3. जरूरत से ज्यादा लोन लेने से बचें
क्रेडिट स्कोर बेहतर करने का मतलब यह नहीं है कि आपके नाम पर ज्यादा से ज्यादा लोन होने चाहिए। बार-बार कर्ज लेना आपकी वित्तीय स्थिति पर दबाव डाल सकता है।
अगर पहले से कोई लोन चल रहा है, तो नया लोन लेने से पहले अपनी आय, मौजूदा EMI और खर्चों का आकलन करें। कई जगह एक साथ लोन के लिए आवेदन करने के बजाय अपनी जरूरत और पात्रता के अनुसार ही आवेदन करना बेहतर है।
एक जिम्मेदार उधारकर्ता की पहचान सिर्फ इस बात से नहीं होती कि वह लोन लेता है, बल्कि इस बात से होती है कि वह उसे कितनी अच्छी तरह मैनेज करता है।
4. अपनी क्रेडिट रिपोर्ट नियमित रूप से चेक करें
क्रेडिट स्कोर सुधारने के लिए सिर्फ स्कोर देखना पर्याप्त नहीं है। आपको अपनी पूरी क्रेडिट रिपोर्ट भी समय-समय पर देखनी चाहिए।
रिपोर्ट में आपके लोन अकाउंट, भुगतान की जानकारी, बकाया राशि और क्रेडिट इंक्वायरी जैसी जानकारियां हो सकती हैं। कभी-कभी रिपोर्ट में ऐसी जानकारी भी दिखाई दे सकती है जो आपकी नहीं है या जिसे अपडेट किया जाना बाकी है।
उदाहरण के लिए, किसी पुराने लोन का क्लोजर अपडेट नहीं हुआ हो, भुगतान की स्थिति गलत दिखाई दे रही हो या आपकी जानकारी के बिना कोई अकाउंट रिपोर्ट में दिखाई दे रहा हो।
ऐसी स्थिति में संबंधित क्रेडिट ब्यूरो या वित्तीय संस्थान के सामने शिकायत उठाकर रिकॉर्ड को सही कराने की कोशिश करनी चाहिए।
5. पुराने क्रेडिट अकाउंट को बिना वजह बंद न करें
अगर आपने पहले कोई लोन लिया था और उसे समय पर पूरा चुका दिया है, तो उसकी क्रेडिट हिस्ट्री आपकी क्रेडिट प्रोफाइल का हिस्सा हो सकती है।
क्रेडिट हिस्ट्री की अवधि भी क्रेडिट प्रोफाइल का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इसलिए सिर्फ क्रेडिट स्कोर को लेकर चिंता करते हुए पुराने अकाउंट के रिकॉर्ड को लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहिए।
हालांकि, किसी पुराने लोन अकाउंट को बंद करने या किसी वित्तीय उत्पाद को जारी रखने का फैसला उसकी लागत, शर्तों और आपकी व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति को देखकर ही करें।
6. सिक्योर्ड लोन पर भी विचार कर सकते हैं
जिन लोगों को बिना किसी क्रेडिट हिस्ट्री के सामान्य लोन मिलना मुश्किल होता है, उनके लिए कुछ मामलों में सिक्योर्ड लोन एक विकल्प हो सकता है। इसमें किसी संपत्ति या स्वीकार्य एसेट को सुरक्षा के तौर पर रखा जा सकता है।
उदाहरण के लिए, कुछ वित्तीय संस्थान पात्रता और नियमों के अनुसार गोल्ड लोन जैसी क्रेडिट सुविधाएं देते हैं। यदि ऐसा लोन लिया जाता है और उसकी EMI या देय राशि निर्धारित समय पर चुकाई जाती है, तो संबंधित क्रेडिट सुविधा की रिपोर्टिंग के आधार पर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री बनाने में मदद मिल सकती है।
लेकिन यहां भी सबसे जरूरी बात यही है कि केवल स्कोर बनाने के लिए कर्ज न लें। जिस लोन की वास्तविक जरूरत हो और जिसकी शर्तें आपकी वित्तीय क्षमता के अनुकूल हों, उसी पर विचार करें।
7. P2P लोन को समझे बिना इस्तेमाल न करें
पीयर-टू-पीयर यानी P2P लेंडिंग एक ऐसा मॉडल है जिसमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उधार लेने और देने की व्यवस्था की जाती है। भारत में P2P प्लेटफॉर्म से जुड़ी गतिविधियां नियामकीय ढांचे के अंतर्गत आती हैं।
कुछ लोगों के लिए P2P लोन क्रेडिट की एक वैकल्पिक सुविधा हो सकता है, लेकिन इसे केवल क्रेडिट स्कोर सुधारने के लिए लेना जरूरी नहीं है। ब्याज, फीस, पुनर्भुगतान की शर्तें और जोखिम को अच्छी तरह समझने के बाद ही किसी भी P2P प्लेटफॉर्म से उधार लेने पर विचार करें।
किसी भी वित्तीय उत्पाद को चुनते समय यह भी देखना जरूरी है कि संबंधित क्रेडिट सुविधा की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को किस तरह और किन शर्तों पर रिपोर्ट की जाती है।
8. एक साथ कई लोन के लिए आवेदन न करें
अगर आप क्रेडिट स्कोर सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, तो कम समय में कई लोन के लिए आवेदन करने से बचना बेहतर है।
जब आप अलग-अलग लेंडर्स के पास क्रेडिट के लिए आवेदन करते हैं, तो कुछ मामलों में क्रेडिट इंक्वायरी आपकी रिपोर्ट में दर्ज हो सकती है। कम समय में बहुत ज्यादा क्रेडिट एप्लिकेशन आपकी प्रोफाइल को लेंडर्स की नजर में प्रभावित कर सकती हैं।
इसलिए पहले अपनी पात्रता और लोन की जरूरत का आकलन करें और फिर सोच-समझकर आवेदन करें।
9. गारंटर या को-बॉरोअर बनने से पहले सावधान रहें
किसी रिश्तेदार या दोस्त के लोन में गारंटर या को-बॉरोअर बनने से पहले उसके जोखिम को समझना जरूरी है।
अगर संबंधित लोन की EMI समय पर नहीं चुकाई जाती, तो कुछ परिस्थितियों में उसका असर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर भी पड़ सकता है। इसलिए सिर्फ किसी की मदद करने के लिए बिना शर्त किसी लोन की जिम्मेदारी स्वीकार न करें।
10. अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियों को तुरंत ठीक कराएं
कई बार क्रेडिट स्कोर में समस्या आपकी वित्तीय आदतों के कारण नहीं, बल्कि रिपोर्ट में मौजूद गलत जानकारी के कारण भी हो सकती है।
अगर आपको रिपोर्ट में कोई ऐसा लोन, क्रेडिट अकाउंट या भुगतान दिखाई देता है जिसे आप पहचानते नहीं हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। संबंधित क्रेडिट ब्यूरो और उस लेंडर से संपर्क करके जानकारी की जांच कराएं।
गलत रिकॉर्ड सही होने के बाद आपकी क्रेडिट प्रोफाइल में भी सुधार दिखाई दे सकता है, हालांकि इसका असर तुरंत दिखाई देना जरूरी नहीं है।
क्या सिर्फ लोन लेने से क्रेडिट स्कोर बढ़ता है?
नहीं। केवल लोन लेने से क्रेडिट स्कोर अपने आप बेहतर नहीं होता। असल फर्क लोन को मैनेज करने से पड़ता है।
अगर आपने लोन लिया और उसकी EMI समय पर चुकाई, तो यह आपकी सकारात्मक पेमेंट हिस्ट्री बनाने में मदद कर सकता है। इसके उलट EMI में देरी, भुगतान में डिफॉल्ट या लोन को सही तरीके से मैनेज न करने से आपकी क्रेडिट प्रोफाइल प्रभावित हो सकती है।
इसलिए क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के लिए “ज्यादा क्रेडिट” से ज्यादा जरूरी है “जिम्मेदार क्रेडिट”।
क्रेडिट कार्ड नहीं है तो किन बातों का ध्यान रखें?
क्रेडिट कार्ड के बिना क्रेडिट स्कोर बनाने की कोशिश कर रहे हैं तो इन बातों को अपनी आदत में शामिल करें:
- EMI और अन्य देय भुगतान समय पर करें।
- जरूरत से ज्यादा लोन लेने से बचें।
- कम समय में कई लोन के लिए आवेदन न करें।
- अपनी क्रेडिट रिपोर्ट नियमित रूप से चेक करें।
- रिपोर्ट में गलत जानकारी मिलने पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।
- किसी दूसरे व्यक्ति के लोन में गारंटर बनने से पहले जोखिम समझें।
- सिर्फ क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के लिए अनावश्यक लोन न लें।
- मौजूदा लोन को अनुशासन के साथ मैनेज करें।
निष्कर्ष
क्रेडिट कार्ड क्रेडिट हिस्ट्री बनाने का एक तरीका हो सकता है, लेकिन यह एकमात्र रास्ता नहीं है। अगर आपके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है, तब भी सही क्रेडिट प्रोडक्ट का जिम्मेदारी से इस्तेमाल, समय पर EMI भुगतान और नियमित रूप से क्रेडिट रिपोर्ट की निगरानी करके अपनी क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत किया जा सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सिर्फ क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के लिए कर्ज न लें। अगर आपको वास्तव में लोन की जरूरत है, तो अपनी भुगतान क्षमता के अनुसार ही क्रेडिट सुविधा चुनें और उसकी EMI समय पर चुकाएं।
इसके साथ ही अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में किसी भी गलत जानकारी पर नजर रखें। लगातार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने से समय के साथ आपकी क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत हो सकती है और भविष्य में लोन लेने के दौरान बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल आपके काम आ सकती है।


