Ranchi Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। सोमवार को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा की ओर मार्च किया। इस दौरान प्रदर्शन में एक ऐसा नजारा भी देखने को मिला, जिसने पूरे आंदोलन को चर्चा में ला दिया। प्रदर्शनकारियों के बीच एक व्यक्ति फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार में नजर आया, जबकि एक अन्य प्रदर्शनकारी ‘स्पाइडर-मैन’ की पोशाक पहनकर मार्च में शामिल हुआ।
तनाव और नारेबाजी के बीच इन फिल्मी किरदारों की मौजूदगी ने प्रदर्शन को एक अलग रंग दे दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह की वेशभूषा अपनाने का मकसद आंदोलन की ओर आम लोगों और मीडिया का ध्यान आकर्षित करना है। छात्रों का यह आंदोलन दो सप्ताह से ज्यादा समय से चल रहा है और वे JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच तथा अपनी अन्य मांगों को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन में दिखा ‘पुष्पा’ का अंदाज
विधानसभा घेराव मार्च में ‘पुष्पा’ के किरदार के रूप में पहुंचे एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वह ‘पुष्पा स्टाइल’ में छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए आया है। उसके मुताबिक, छात्रों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है और अब आंदोलन को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना जरूरी है।
प्रदर्शनकारी ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उसके मुताबिक, ‘पुष्पा’ का रूप धारण करने का मकसद केवल मनोरंजन नहीं था, बल्कि छात्रों के आंदोलन को एक अलग तरीके से लोगों के सामने रखना था।
उसने यह भी कहा कि देश के दूसरे हिस्सों में हुए छात्र आंदोलनों को बड़े कलाकारों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों का समर्थन मिला है। ऐसे में झारखंड के छात्रों की समस्याओं को भी उसी तरह व्यापक स्तर पर सामने लाया जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारी ने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उसने कहा कि जिस तरह माता-पिता आखिरकार अपने बच्चों की जायज मांगों को सुनते हैं, उसी तरह सरकार को भी छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
‘स्पाइडर-मैन’ भी विधानसभा मार्च में आया नजर
रांची के इस प्रदर्शन में सिर्फ ‘पुष्पा’ का अंदाज ही चर्चा में नहीं रहा। छात्रों के बीच एक व्यक्ति ‘स्पाइडर-मैन’ की पोशाक में भी दिखाई दिया। सुपरहीरो के इस रूप ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
प्रदर्शन में शामिल इन अलग-अलग किरदारों को आंदोलन के लिए एक तरह के रचनात्मक विरोध के तौर पर देखा गया। प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य था कि लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए और मीडिया में भी इसे पर्याप्त जगह मिले।
जहां एक तरफ हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर नारे लगा रहे थे, वहीं दूसरी ओर ‘पुष्पा’ और ‘स्पाइडर-मैन’ जैसे किरदारों ने पूरे मार्च को सोशल मीडिया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया।
दो सप्ताह से ज्यादा समय से जारी है छात्रों का आंदोलन
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से जारी है। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हुए हैं।
छात्रों का कहना है कि भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। उनका आरोप है कि कथित अनियमितताओं के कारण मेहनत से परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ता है। इसी वजह से वे सरकार से अपनी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सोमवार को इसी आंदोलन के तहत हजारों प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर मार्च करने के लिए जुटे।
सुबह 10 बजे शुरू हुआ विधानसभा मार्च
प्रदर्शनकारियों ने सुबह करीब 10 बजे पुरानी विधानसभा से मार्च शुरू किया। बड़ी संख्या में छात्र पैदल विधानसभा की तरफ बढ़े। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक उनका उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना और विधानसभा के सामने अपनी आवाज उठाना था।
छात्र करीब 3 किलोमीटर तक पैदल मार्च करते हुए आगे बढ़े। हालांकि, विधानसभा से लगभग डेढ़ किलोमीटर पहले ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए रास्ते में कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों की तैनाती भी की गई थी।
पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील
प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड के पास पहुंचने के बाद पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए उनसे शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस की ओर से भीड़ से कहा गया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप हमारे भाई-बहन हैं, शांति बनाए रखें।”
हालांकि, कुछ समय बाद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान पहले बैरिकेड को तोड़कर आगे जाने की कोशिश की गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। मौके पर आंसू गैस के इस्तेमाल की भी तैयारी की गई थी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा- शांतिपूर्ण विरोध हमारा अधिकार
हंगामे के बीच एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए यहां आए हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना उनका अधिकार है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। भीड़ की ओर से “छीन के झारखंड मांगा है, छीन के अधिकार मांगेंगे” जैसे नारे लगाए गए।
इस नारे के जरिए प्रदर्शनकारी झारखंड राज्य के गठन के लिए हुए लंबे संघर्ष का संदर्भ देते हुए अपने अधिकारों के लिए भी संघर्ष जारी रखने का संदेश देते नजर आए।
क्यों अहम है JPSC-JSSC विवाद?
झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाएं सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन परीक्षाओं से जुड़ी किसी भी कथित अनियमितता का सीधा असर अभ्यर्थियों के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
इसी वजह से छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और कथित गड़बड़ियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान छात्रों ने सरकार से उनकी शिकायतों पर स्पष्ट जवाब देने और जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
रांची में हुआ विधानसभा मार्च इसी व्यापक छात्र आंदोलन की अगली कड़ी रहा। हालांकि, इस मार्च में ‘पुष्पा’ और ‘स्पाइडर-मैन’ के रूप में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने विरोध के पारंपरिक तरीकों से अलग एक नया अंदाज जरूर दिखाया।
निष्कर्ष
रांची का छात्र आंदोलन सोमवार को सिर्फ अपनी मांगों और विधानसभा मार्च को लेकर ही चर्चा में नहीं रहा, बल्कि ‘पुष्पा’ और ‘स्पाइडर-मैन’ के रूप में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन लंबे समय से जारी है और वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए पीछे नहीं हटेंगे।
अब देखना होगा कि JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन का आगे क्या रुख रहता है।


