Piyush Mishra: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अभिनेता और लेखक पीयूष मिश्रा ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों की चुप्पी पर सवाल उठाया था।
झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शन अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। छात्र 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। इसी बीच अभिनेता और लेखक पीयूष मिश्रा रविवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में रांची पहुंचे।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचे पीयूष मिश्रा ने न सिर्फ युवाओं से बातचीत की, बल्कि मंच से अपनी बात भी रखी। इस दौरान उन्होंने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की हालिया टिप्पणी का जिक्र करते हुए उन पर तंज कसा। पीयूष मिश्रा ने कहा कि जब नसीर साहब ने फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों की चुप्पी पर सवाल उठाया था, तो अब वह जानना चाहते हैं कि आखिर दूसरे लोग कहां हैं।
नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी का पीयूष मिश्रा ने दिया जवाब
मीडिया से बातचीत के दौरान पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह की उस टिप्पणी का संदर्भ दिया, जिसमें उन्होंने विरोध प्रदर्शनों को लेकर फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों की चुप्पी पर सवाल उठाया था।
पीयूष मिश्रा ने कहा, “नसीर साहब, आपने CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोग जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आवाज नहीं उठा रहे हैं। आपने कहा था कि जिनके मुंह में हड्डी होती है, वे बोलते नहीं हैं।”
इसके बाद उन्होंने नसीरुद्दीन शाह पर तंज कसते हुए सवाल किया कि अब वे दूसरे लोग कहां हैं जो बोल नहीं पा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “पूरे सम्मान के साथ, मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि वे दूसरे कुत्ते कहां हैं, जो बोल नहीं सकते?”
पीयूष मिश्रा का यह बयान अब चर्चा में है और सोशल मीडिया पर भी उनके बयान और प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी के वीडियो सामने आ रहे हैं।
क्या कहा था नसीरुद्दीन शाह ने?
दरअसल, कुछ दिन पहले नसीरुद्दीन शाह ने ‘द वायर’ के साथ बातचीत में CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों और फिल्म इंडस्ट्री के रवैये पर टिप्पणी की थी। उन्होंने एक कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी हो, वह भौंक नहीं सकता।
उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि जब वह हड्डी उनके मुंह से गिर जाएगी या उनके दांत टूट जाएंगे, तब वे भौंकेंगे।
नसीरुद्दीन शाह की इसी टिप्पणी को आधार बनाकर पीयूष मिश्रा ने अब अपनी बात रखी है। हालांकि पीयूष ने अपने बयान में नसीरुद्दीन शाह के प्रति सम्मान भी जाहिर किया।
‘मुझे आपसे डर नहीं लगता…’
पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह को संबोधित करते हुए कहा कि वह उनका बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन अब उन्हें उनसे डर नहीं लगता।
उन्होंने कहा, “मुझे माफ कीजिएगा, नसीर साहब—मैं आपका बहुत सम्मान करता हूं, लेकिन अब मुझे आपसे डर नहीं लगता…”
पीयूष मिश्रा के इस बयान को उनके लंबे समय से चले आ रहे नसीरुद्दीन शाह के साथ पेशेवर और व्यक्तिगत जुड़ाव के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। दोनों कलाकार हिंदी थिएटर और सिनेमा की दुनिया में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।
झारखंड के छात्रों के समर्थन में क्यों उतरे पीयूष?
पीयूष मिश्रा ने रांची पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से भी मुलाकात की, जो झारखंड में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
पीयूष ने बताया कि उन्होंने छात्रों के आंदोलन में शामिल होने का फैसला क्यों किया। उन्होंने युवाओं के साथ अपने जुड़ाव की भी बात की और कहा कि छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए।
उनकी मौजूदगी से प्रदर्शन कर रहे छात्रों में भी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान पीयूष मिश्रा ने छात्रों के बीच अपनी चर्चित फिल्म ‘गुलाल’ का गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ भी गाया।
2009 में रिलीज हुई फिल्म ‘गुलाल’ का यह गीत पीयूष मिश्रा की सबसे चर्चित रचनाओं में से एक है। प्रदर्शन के दौरान उनके गाना गाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
दिल्ली-मुंबई के प्रदर्शनों को लेकर भी साधा निशाना
पीयूष मिश्रा ने दिल्ली और मुंबई में हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक घोटाले के खिलाफ हुए कुछ प्रदर्शनों में शामिल लोगों ने आंदोलन के दौरान पिज्जा और बर्गर खाए, जबकि झारखंड के छात्र कठिन परिस्थितियों में आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या आप लोग इसलिए चुप रहे क्योंकि आपको पिज्जा और बर्गर की तलब थी, या इसलिए कि आप जिस भीड़ का हिस्सा थे, उसका मिजाज ही ऐसा था?”
उनकी इस टिप्पणी को लेकर भी सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
तीसरे हफ्ते में पहुंचा JPSC-JSSC विरोध प्रदर्शन
रांची में JPSC-JSSC को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने के साथ ही पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन चल रहा है।
सरकार की ओर से छात्रों की चिंताओं का समाधान करने का आश्वासन दिया गया है। वहीं, मामले की CID जांच भी चल रही है। इस बीच JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे की बात भी सामने आई है।
हालांकि इन घटनाक्रमों के बावजूद छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर कायम हैं और प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।
पीयूष मिश्रा की मौजूदगी से आंदोलन को मिला नया चेहरा
आम तौर पर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर कलाकारों की सार्वजनिक टिप्पणियां चर्चा का विषय बनती रही हैं। ऐसे में पीयूष मिश्रा का रांची पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच खड़ा होना भी सुर्खियों में है।
उन्होंने छात्रों के साथ बातचीत की, उनकी मांगों को समझने की कोशिश की और मंच से अपनी बात रखी। वहीं नसीरुद्दीन शाह की पुरानी टिप्पणी को लेकर दिया गया उनका जवाब अब इस पूरे घटनाक्रम का एक अलग पहलू बन गया है।
एक तरफ छात्र परीक्षा और जांच को लेकर अपनी मांगों पर डटे हैं, तो दूसरी तरफ फिल्म जगत के दो चर्चित कलाकारों के बयानों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और छात्रों का आंदोलन किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।


