Mamata Banerjee Attack: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी को रविवार को उत्तर 24 परगना जिले के बिजपुर में विरोध का सामना करना पड़ा। ममता बनर्जी एक मृत टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर पत्थर, जूते और कीचड़ फेंका।
घटना के बाद ममता बनर्जी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक, हमला इतना जोरदार था कि अगर कार की खिड़कियां खुली होतीं तो उन्हें और उनके साथ मौजूद लोगों को गंभीर चोट लग सकती थी।
मृत टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंची थीं ममता
#WATCH | Barrackpore: Former West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee says, "Large stones were hurled at my car by anti-social elements,right in front of the police. The attack on the vehicle was so severe that if the windows had been open, my head would have been split open.… pic.twitter.com/PIdFM1Oxcr
— ANI (@ANI) August 9, 2026 ममता बनर्जी रविवार को उत्तर 24 परगना जिले के बिजपुर इलाके में एक मृत टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान उनकी कार के आसपास प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए और विरोध प्रदर्शन किया।
घटना के वीडियो और सामने आई जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों और ममता बनर्जी के काफिले के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों की ओर से उनकी गाड़ी पर कीचड़ फेंके जाने का भी आरोप है।
बताया गया है कि जिस टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने ममता बनर्जी जा रही थीं, उसकी हलीशहर पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर पहले से ही राजनीतिक विवाद चल रहा है और घटना से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
ममता बनर्जी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद ममता बनर्जी ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में उनकी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। उनका कहना था कि यदि कार की खिड़कियां खुली होतीं तो पत्थरों से उन्हें गंभीर चोट लग सकती थी।
ममता बनर्जी ने कहा, “हम सब मारे जा सकते थे। यह सब पुलिस के सामने हुआ। मैंने अपने जीवन में ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। आखिर यह सब क्या हो रहा है?”
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बीजेपी को सुरक्षा दे रही थी, लेकिन जब उनकी कार पर हमला किया गया तो पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने पुलिस को पहले ही अपने कार्यक्रम की जानकारी दे दी थी। इसके बावजूद उनके मुताबिक, मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
‘पत्थर, जूते और कीचड़ फेंके गए’
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनकी कार पर सिर्फ कीचड़ ही नहीं बल्कि पत्थर और जूते भी फेंके गए। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को एक साजिश करार दिया।
उन्होंने कहा कि अगर कार की खिड़कियां खुली होतीं तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उनका कहना था कि जब एक पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले के सामने इस तरह की घटना हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा होती है।
प्रदर्शनकारियों ने भी लगाए आरोप
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों की ओर से ममता बनर्जी के दौरे का विरोध किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ममता बनर्जी एक शांत इलाके में “अशांति फैलाने” के लिए आई थीं। इसी दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन के दौरान ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए जाने की बात सामने आई है। प्रदर्शनकारियों और ममता बनर्जी के समर्थकों के बीच तनाव बढ़ने के बाद मौके पर स्थिति काफी संवेदनशील हो गई।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में किस पक्ष की ओर से क्या कार्रवाई हुई और पत्थर या अन्य वस्तुएं किसने फेंकीं, इसे लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए घटना की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस हिरासत में टीएमसी कार्यकर्ता की मौत का मामला
ममता बनर्जी जिस टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं, उसकी मौत को लेकर भी राजनीतिक विवाद है। बताया गया है कि हलीशहर पुलिस की हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद कार्यकर्ता की मौत हुई।
इस मामले को लेकर परिवार और राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। घटना के कारणों और पुलिस हिरासत के दौरान हुई परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
ममता बनर्जी का वहां पहुंचना इसी मामले को लेकर राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। हालांकि, उनके दौरे के दौरान हुए विरोध ने पूरे मामले को और ज्यादा तूल दे दिया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ममता बनर्जी के काफिले को घेरकर विरोध प्रदर्शन और उनकी कार पर कथित तौर पर पत्थर, जूते और कीचड़ फेंके जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि पुलिस को उनके आने की जानकारी पहले से थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों को उनकी गाड़ी के इतने करीब पहुंचने से रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।
अब इस मामले में पुलिस की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों के आरोपों और घटना के वास्तविक कारणों की भी जांच की जरूरत है।
घटना के बाद बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद
पश्चिम बंगाल की राजनीति में पहले से ही टीएमसी और बीजेपी के बीच तीखी राजनीतिक खींचतान देखने को मिलती रही है। ऐसे में ममता बनर्जी के काफिले पर हुए इस कथित हमले से राजनीतिक विवाद और बढ़ने की संभावना है।
ममता बनर्जी ने घटना को गंभीर बताते हुए कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों ने उनके दौरे को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
फिलहाल इस घटना में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच से जुड़े आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ममता बनर्जी की कार पर हमला किस परिस्थिति में हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
डिस्क्लेमर: इस रिपोर्ट में शामिल आरोप संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं। घटना की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।


