Kospi Outlook: दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार में पिछले महीने आई जबरदस्त गिरावट के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होते नजर आ रहे हैं। लेवरेज्ड पोजीशन में कमी, मार्जिन डेट घटने और नियामकीय सख्ती के बाद बाजार में स्थिरता आई है। इसके बावजूद विदेशी निवेशक अभी भी खुलकर खरीदारी नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या Kospi में बड़ी रिकवरी का दौर शुरू होने वाला है?
दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार पिछले कुछ समय में भारी उतार-चढ़ाव से गुजर चुका है। खासकर जून के रिकॉर्ड हाई के बाद Kospi में आई तेज गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि, अब बाजार में कुछ स्थिरता लौटती दिखाई दे रही है। जबरन बंद की गई लेवरेज्ड पोजीशन, मार्जिन डेट में कमी और कुछ हाई-रिस्क प्रोडक्ट्स पर नियामकीय सख्ती ने बाजार से अतिरिक्त जोखिम कम करने में मदद की है।
लेकिन बाजार में स्थिरता लौटने के बावजूद विदेशी निवेशकों की ओर से अभी वैसी आक्रामक खरीदारी देखने को नहीं मिल रही है, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। यही वजह है कि अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि Kospi कब दोबारा विदेशी फंड्स की पसंद बन सकता है और क्या मौजूदा स्तर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर दे रहे हैं।
रिकॉर्ड गिरावट के बाद Kospi में आई स्थिरता
पिछले कारोबारी दौर में Kospi में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली थी। इंडेक्स जून के रिकॉर्ड हाई से करीब 40 फीसदी तक नीचे आ गया और दो महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान बाजार की अस्थिरता इतनी ज्यादा थी कि एक्सचेंज का सर्किट ब्रेकर फीचर भी कई बार सक्रिय हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने जब बाजार में 8 फीसदी की गिरावट आई तो एक्सचेंज का 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकने वाला फीचर रिकॉर्ड चार बार इस्तेमाल हुआ। इतना ही नहीं, करीब आधे कारोबारी दिनों में Kospi में कम से कम 5 फीसदी की तेजी या गिरावट देखने को मिली।
हालांकि, 31 जुलाई को बाजार ने जबरदस्त वापसी भी की और Kospi में एक दिन में करीब 18 फीसदी की रिकॉर्ड तेजी दर्ज हुई। इससे संकेत मिला कि भारी बिकवाली के बाद बाजार में शॉर्ट टर्म बाउंस की गुंजाइश मौजूद है।
लेवरेज्ड पोजीशन खत्म होने से मिला सपोर्ट
बाजार में आई स्थिरता की एक बड़ी वजह लेवरेज्ड पोजीशन का कम होना है। भारी गिरावट के दौरान कई निवेशकों की पोजीशन जबरन बंद हुई, जिससे बाजार में मौजूद अतिरिक्त लेवरेज कम हुआ और मार्जिन डेट घटने लगी।
इसके अलावा लेवरेज्ड ETF से जुड़े नियमों में सख्ती का असर भी देखने को मिला। खासकर Samsung Electronics और SK Hynix जैसी बड़ी कंपनियों से जुड़े कुछ लेवरेज्ड प्रोडक्ट्स में ट्रेडिंग और एसेट्स में कमी आई।
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley का अनुमान है कि Kospi में चल रही डिलेवरेजिंग प्रक्रिया आधे से ज्यादा पूरी हो चुकी है। इसका मतलब यह है कि बाजार में अचानक होने वाली जबरन बिकवाली का दबाव पहले की तुलना में कम हो सकता है।
विदेशी निवेशक अभी भी क्यों हैं सतर्क?
Kospi की वैल्यूएशन में भारी गिरावट के बाद बाजार कई मायनों में सस्ता नजर आने लगा है। मौजूदा स्तर पर Kospi का 12 महीने के फॉरवर्ड अर्निंग्स के मुकाबले वैल्यूएशन करीब 5.1 गुना बताया जा रहा है, जो रिकॉर्ड निचले स्तरों में शामिल है।
इसके बावजूद विदेशी निवेशक खुलकर खरीदारी नहीं कर रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह बाजार में बनी हुई अस्थिरता और हाल की तेज गिरावट के बाद निवेशकों का बढ़ा हुआ जोखिम डर माना जा रहा है।
सिंगापुर स्थित Aberdeen Asian Income Fund के सीनियर इन्वेस्टमेंट डायरेक्टर Isaac Thong के मुताबिक विदेशी निवेशकों का रुझान धीरे-धीरे सकारात्मक हो रहा है, लेकिन वे अभी पूरी तरह सहज नहीं हैं। उनका मानना है कि अगर संभावित रिटर्न इतना आकर्षक हो जाए कि वह उठाए जाने वाले जोखिम को उचित ठहरा सके, तो विदेशी निवेशकों का नजरिया तेजी से सकारात्मक हो सकता है।
यानी सिर्फ सस्ता वैल्यूएशन विदेशी निवेशकों को वापस लाने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्हें बाजार में स्थिरता और बेहतर प्राइस डिस्कवरी का भरोसा भी चाहिए।
खुदरा निवेशकों की बड़ी पोजीशन हुई जबरन बंद
बाजार में आई तेज गिरावट का सबसे बड़ा असर रिटेल निवेशकों पर पड़ा। Korea Financial Investment Association के आंकड़ों के अनुसार, जून में खुदरा निवेशकों के खातों से करीब 1 लाख करोड़ वॉन की पोजीशन जबरन बंद की गई। जुलाई में भी करीब 99.3 हजार करोड़ वॉन की पोजीशन क्लोज की गई।
ये इस साल के दो सबसे बड़े मासिक आंकड़े बताए जा रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि तेज गिरावट ने लेवरेज के जरिए बाजार में पैसा लगाने वाले निवेशकों पर कितना दबाव डाला।
हालांकि, अब स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। शेयरों की खरीदारी के लिए इस्तेमाल होने वाले मार्जिन लोन का आउटस्टैंडिंग बैलेंस 4 अगस्त तक घटकर करीब 27.4 लाख करोड़ वॉन रह गया, जो इस साल का रिकॉर्ड निचला स्तर बताया गया है।
यह बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है क्योंकि कम लेवरेज का मतलब यह है कि अचानक बिकवाली होने पर जबरन पोजीशन क्लोज होने का जोखिम भी पहले की तुलना में कम हो सकता है।
क्या विदेशी निवेशक अब खुदरा निवेशकों की जगह लेंगे?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन खुदरा निवेशकों की पोजीशन बाजार में खत्म हुई है, क्या उनकी जगह विदेशी निवेशक ले सकते हैं?
दुबई स्थित Arkevium Capital के CIO Maxence Visseau के अनुसार, ऐसा संभव है। लेकिन इसके लिए विदेशी फंड्स को यह भरोसा होना जरूरी है कि बाजार में प्राइस डिस्कवरी मैकेनिज्म दोबारा सामान्य तरीके से काम कर रहा है।
सरल शब्दों में कहें तो विदेशी निवेशक यह देखना चाहते हैं कि किसी शेयर या इंडेक्स की कीमत अब उसके वास्तविक फंडामेंटल्स को बेहतर तरीके से दर्शा रही है। अगर उन्हें भरोसा होता है कि बाजार में कीमतें स्थिर तरीके से तय हो रही हैं, तो विदेशी पूंजी की वापसी तेज हो सकती है।
Samsung और SK Hynix पर भी नजर
Kospi के आउटलुक को समझने के लिए Samsung Electronics और SK Hynix जैसी बड़ी कंपनियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। इन कंपनियों का प्रदर्शन दक्षिण कोरियाई बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित करता है।
Templeton Global Investments की फंड मैनेजर Yiping Liao का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद Samsung और SK Hynix की वैल्यूएशन आकर्षक हुई है। इसके साथ ही दोनों कंपनियों के मुनाफे का आउटलुक भी मजबूत बना हुआ है।
हालांकि, उनका मानना है कि हाल की भारी वोलैटिलिटी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसलिए बाजार में अचानक बड़ी खरीदारी के बजाय धीरे-धीरे खरीदारी देखने को मिल सकती है।
विदेशी फंड्स की बिकवाली अभी पूरी तरह खत्म नहीं
हालांकि ग्लोबल फंड्स ने दक्षिण कोरियाई शेयरों से अपनी निकासी की रफ्तार कम की है, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली पूरी तरह बंद नहीं हुई है।
स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने जून में रिकॉर्ड करीब 30 अरब डॉलर की निकासी की। इसके बाद जुलाई में करीब 6.2 अरब डॉलर और अगस्त में अब तक करीब 4.3 अरब डॉलर के शेयर बेचे गए हैं।
इससे साफ है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह वापस नहीं आया है। बाजार सस्ता होने के बावजूद वे एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय स्थिति को परखने की रणनीति अपना रहे हैं।
12,000 तक पहुंच सकता है Kospi?
Kospi के भविष्य को लेकर कुछ ग्लोबल एनालिस्ट्स अभी भी काफी सकारात्मक हैं। Goldman Sachs Group ने हाल ही में Kospi के लिए 12 महीने का टारगेट 12,000 रखा है। यह शुक्रवार के क्लोजिंग स्तर से करीब 90 फीसदी ऊपर का संभावित अपसाइड दर्शाता है।
Goldman Sachs के Chief Asia Pacific Equity Strategist Timothy Moe ने Bloomberg Television को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर बाजार की वोलैटिलिटी कम होती है, तो फंडामेंटल्स एक बार फिर शेयर बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
यह अनुमान दिखाता है कि कुछ ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों को मौजूदा गिरावट के बाद Kospi में लंबी अवधि की रिकवरी की संभावना नजर आ रही है।
एक्सपर्ट्स को मजबूत दिख रहे हैं फंडामेंटल्स
Matthews International Capital Management के CIO और पोर्टफोलियो मैनेजर Shawn Taylor का मानना है कि दक्षिण कोरियाई बाजार के फंडामेंटल्स काफी मजबूत हैं। हाल के कॉरपोरेट नतीजों ने भी इस बात को साबित किया है।
हालांकि, उनका मानना है कि बाजार में लेवरेज और पोजीशनिंग बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। इसलिए भारी गिरावट के बाद बाजार को पूरी तरह स्थिर होने में अभी कुछ समय लग सकता है।
उनके मुताबिक निवेशकों को शायद एक और महीने तक इंतजार करना पड़े, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बाजार में आई गिरावट सिर्फ लेवरेज के खत्म होने की वजह से थी या वास्तव में फंडामेंटल्स में भी कोई बड़ा बदलाव आया है।
क्या Kospi में निवेश का मौका बन रहा है?
मौजूदा स्थिति को देखें तो Kospi में एक दिलचस्प तस्वीर सामने आती है। एक तरफ इंडेक्स की वैल्यूएशन काफी नीचे आ चुकी है और Samsung Electronics तथा SK Hynix जैसी बड़ी कंपनियों के फंडामेंटल्स मजबूत बताए जा रहे हैं। दूसरी तरफ बाजार में अभी भी भारी वोलैटिलिटी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव मौजूद है।
यही वजह है कि मौजूदा स्तरों को सीधे तौर पर ‘बॉटम’ घोषित करना जल्दबाजी होगी। अगर आने वाले हफ्तों में वोलैटिलिटी कम होती है, विदेशी निवेशकों की बिकवाली रुकती है और कॉरपोरेट अर्निंग्स मजबूत बनी रहती हैं, तो Kospi में बड़ी रिकवरी की जमीन तैयार हो सकती है।
फिलहाल बाजार में सबसे महत्वपूर्ण संकेत विदेशी निवेशकों के व्यवहार, मार्जिन डेट और Samsung-SK Hynix जैसी बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन से मिल सकते हैं। अगर इन तीनों मोर्चों पर सुधार जारी रहता है, तो दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार एक बार फिर ग्लोबल फंड मैनेजर्स के रडार पर मजबूती से लौट सकता है।
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