Deepak Nitrite Share Price: केमिकल सेक्टर की दिग्गज कंपनी Deepak Nitrite ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ऑपरेटिंग लेवल पर शानदार प्रदर्शन किया है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर करीब 2.8 गुना बढ़कर ₹540.2 करोड़ पहुंच गया। इसके बावजूद घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने शेयर पर अपनी SELL रेटिंग बरकरार रखी है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी के ऑपरेटिंग नतीजे कम बेस के कारण उम्मीद से बेहतर रहे हैं। हालांकि, मौजूदा शेयर वैल्यूएशन को देखते हुए ब्रोकरेज को आगे सीमित तेजी की संभावना नजर आ रही है। मोतीलाल ओसवाल ने इसका टारगेट प्राइस ₹1,500 रखा है।
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को बीएसई पर दीपक नाइट्राइट का शेयर 2.62% बढ़कर ₹1,795.50 पर बंद हुआ। इस भाव की तुलना में ₹1,500 का टारगेट करीब 16.46% की संभावित गिरावट दर्शाता है।
जून तिमाही में EBITDA 2.8 गुना बढ़ा
दीपक नाइट्राइट के वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों में ऑपरेटिंग प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। मोतीलाल ओसवाल की 6 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA सालाना आधार पर ₹189.6 करोड़ से बढ़कर ₹540.2 करोड़ हो गया।
यानी EBITDA में करीब 2.8 गुना की वृद्धि हुई। इसी अवधि में EBITDA मार्जिन भी 10% से बढ़कर 21% हो गया। यह कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स में सुधार का संकेत देता है।
ब्रोकरेज के अनुसार, इस प्रदर्शन को कंपनी के Phenolics सेगमेंट और Advanced Intermediates कारोबार से काफी सपोर्ट मिला। Phenolics सेगमेंट का EBITDA सालाना आधार पर करीब 3.5 गुना बढ़ा, जबकि Advanced Intermediates में EBIT ग्रोथ 89% रही।
बेहतर प्रोडक्ट मिक्स से मिला फायदा
कंपनी के मजबूत प्रदर्शन के पीछे केवल बिक्री में बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेटिंग लेवरेज की भी भूमिका रही। इसके अलावा Phenol और Benzene के बेहतर स्प्रेड्स ने भी मार्जिन को मजबूत करने में मदद की।
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी द्वारा लगातार प्रोसेस सुधार, बैकवर्ड इंटीग्रेशन और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के बेहतर इस्तेमाल से आने वाले समय में लागत और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को फायदा मिल सकता है।
कंपनी को घरेलू और एक्सपोर्ट मार्केट में ग्राहकों की बढ़ती पूछताछ तथा नए प्रोडक्ट्स के कमर्शियलाइजेशन से भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
फिर भी क्यों है SELL रेटिंग?
शानदार तिमाही नतीजों के बावजूद मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर SELL रेटिंग इसलिए बरकरार रखी है क्योंकि ब्रोकरेज को मौजूदा वैल्यूएशन में पर्याप्त अपसाइड नजर नहीं आ रहा है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, केमिकल इंडस्ट्री को शॉर्ट टर्म में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। बदलते जियोपॉलिटिकल हालात, ग्लोबल केमिकल मार्केट में उतार-चढ़ाव और इंडस्ट्री की परिस्थितियां कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं।
हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि इन चुनौतियों का कंपनी पर कुल प्रभाव सीमित रह सकता है। कंपनी की लागत नियंत्रण क्षमता, बैकवर्ड इंटीग्रेशन और नए प्रोडक्ट्स से मिलने वाला योगदान इसके कारोबार को सपोर्ट कर सकता है।
कमाई में तेज ग्रोथ का अनुमान
जून तिमाही के बेहतर मार्जिन को देखते हुए मोतीलाल ओसवाल ने वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2028 के बीच कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक अनुमान दिया है।
ब्रोकरेज के अनुमान के अनुसार इस अवधि में:
- Revenue CAGR: करीब 13%
- Net Profit CAGR: करीब 24%
- EBITDA CAGR: करीब 22%
इससे साफ है कि ब्रोकरेज को कंपनी की कमाई में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है। लेकिन इसके बावजूद शेयर के मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए ब्रोकरेज ने BUY की बजाय SELL रेटिंग को प्राथमिकता दी है।
₹1,500 का टारगेट प्राइस क्यों?
मोतीलाल ओसवाल ने वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित कमाई के आधार पर कंपनी के शेयर का वैल्यूएशन करीब 24 गुना P/E पर किया है। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,500 तय किया है।
7 अगस्त को शेयर के ₹1,795.50 पर बंद होने के मुकाबले ₹1,500 का टारगेट करीब ₹295.50 कम है। प्रतिशत के हिसाब से यह लगभग 16.46% नीचे बैठता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि शेयर निश्चित रूप से 16% गिरेगा। यह केवल ब्रोकरेज द्वारा दिए गए टारगेट प्राइस और मौजूदा बाजार भाव के बीच का अंतर है।
एक साल में कैसा रहा Deepak Nitrite का प्रदर्शन?
दीपक नाइट्राइट के शेयर ने पिछले एक साल में काफी उतार-चढ़ाव देखा है। 24 सितंबर 2025 को बीएसई पर शेयर ने ₹1,904.50 का एक साल का रिकॉर्ड हाई बनाया था।
इसके बाद शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिली और 30 मार्च 2026 को यह ₹1,280.40 के स्तर तक पहुंच गया। यह उस अवधि का रिकॉर्ड लो था।
रिकॉर्ड हाई से रिकॉर्ड लो तक शेयर में करीब 32.77% की गिरावट आई। हालांकि इसके बाद शेयर में रिकवरी देखने को मिली और 7 अगस्त 2026 को यह ₹1,795.50 पर बंद हुआ।
यानी मार्च के निचले स्तर से शेयर ने अच्छी रिकवरी की है, लेकिन अभी भी सितंबर 2025 के रिकॉर्ड हाई ₹1,904.50 से नीचे कारोबार कर रहा है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
दीपक नाइट्राइट के तिमाही नतीजे ऑपरेशनल स्तर पर मजबूत रहे हैं। EBITDA में 2.8 गुना उछाल और मार्जिन का 10% से 21% तक पहुंचना कंपनी की मजबूत तिमाही प्रदर्शन को दर्शाता है।
दूसरी तरफ, मोतीलाल ओसवाल का SELL कॉल यह बताता है कि अच्छे नतीजे और आकर्षक निवेश अवसर हमेशा एक ही चीज नहीं होते। अगर शेयर की कीमत में भविष्य की कमाई की उम्मीदें पहले से काफी हद तक शामिल हो चुकी हैं, तो मजबूत ग्रोथ के बावजूद वैल्यूएशन चिंता का विषय बन सकता है।
इसलिए निवेशकों को केवल EBITDA ग्रोथ देखकर फैसला लेने के बजाय कंपनी के वैल्यूएशन, भविष्य की कमाई, केमिकल इंडस्ट्री की परिस्थितियों, मार्जिन और ग्लोबल बाजार के जोखिमों पर भी नजर रखनी चाहिए।
निष्कर्ष
दीपक नाइट्राइट ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार ऑपरेशनल प्रदर्शन किया है। EBITDA में 2.8 गुना बढ़ोतरी और मार्जिन में बड़ा सुधार कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। इसके बावजूद मोतीलाल ओसवाल ने ₹1,500 के टारगेट प्राइस के साथ SELL रेटिंग बरकरार रखी है।
₹1,795.50 के मौजूदा भाव की तुलना में ब्रोकरेज का टारगेट करीब 16.46% नीचे है। ऐसे में निवेशकों के लिए कंपनी के मजबूत फंडामेंटल्स के साथ-साथ मौजूदा वैल्यूएशन और केमिकल सेक्टर से जुड़े जोखिमों को समझना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। इसमें दी गई ब्रोकरेज राय मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट पर आधारित है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले SEBI-registered investment advisor से सलाह लें।


