PM Modi: दिल्ली में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन और NEET-UG 2026 से जुड़े विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को युवाओं को लेकर बड़ा संदेश दिया। नई दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश को अपनी युवा पीढ़ी की जरूरत है और आने वाले दशकों में युवाओं की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने हर फैसले में यह जरूर सोचें कि उससे देश को क्या फायदा होगा।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हुए कहा, “हमें आप पर भरोसा है, और देश को आपकी जरूरत है।” उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ऐसे समय में आगे बढ़ रही है, जब दुनिया तेजी से बदल रही है। तकनीक, उद्योग, रोजगार और वैश्विक शक्ति संतुलन में लगातार बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में युवाओं के लिए सीखते रहना और बदलती परिस्थितियों के साथ खुद को ढालना बेहद जरूरी है।
विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की बड़ी भूमिका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर पीढ़ी की देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी होती है। आज की युवा पीढ़ी के सामने भी कई बड़ी चुनौतियां और अवसर हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि अगले 30 से 35 साल देश के विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होंगे और इस दौरान युवाओं के फैसलों का सीधा असर भारत के भविष्य पर पड़ेगा।
पीएम मोदी ने युवाओं से कहा कि वे अपने करियर और व्यक्तिगत लक्ष्यों के साथ देश के व्यापक हित को भी ध्यान में रखें। उन्होंने कहा कि हर फैसला लेते समय युवाओं को यह विचार करना चाहिए कि इससे देश को क्या लाभ मिलेगा और देश की कौन-सी जरूरत पूरी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवा पीढ़ी की भूमिका केवल नौकरी करने तक सीमित नहीं है। युवा नए विचार, नई तकनीक, नए कारोबार और नए समाधान के जरिए देश की अर्थव्यवस्था और समाज को आगे ले जा सकते हैं।
PM मोदी का Gen Z को मंत्र- ‘जो सीखते रहेंगे, वही सफल होंगे’
प्रधानमंत्री ने तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी को लेकर युवाओं को खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में दुनिया का स्वरूप किस तरह बदलेगा, इसका सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है। टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और प्रोफेशन में लगातार बदलाव होंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबल स्ट्रैटेजिक समीकरण और पावर बैलेंस भी तेजी से बदल रहे हैं और इन बदलावों के पीछे टेक्नोलॉजी की तेज प्रगति एक बड़ी वजह है।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगले 20 या 30 सालों में दुनिया आज जैसी नहीं रहेगी। ऐसे में जो लोग नई चीजें सीखते रहेंगे और समय के साथ खुद को अपडेट करते रहेंगे, वही आगे सफल होंगे।
प्रधानमंत्री का यह संदेश खास तौर पर Gen Z के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है, क्योंकि यह पीढ़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी के तेजी से विस्तार के दौर में अपना करियर बना रही है।
स्पेस सेक्टर में युवाओं के लिए खुल रहे नए रास्ते
पीएम मोदी ने अपने भाषण में भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्पेस सेक्टर का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्काईरूट के विक्रम-1 रॉकेट के सफल लॉन्च का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में युवाओं के लिए नए क्षेत्रों में योगदान करने के रास्ते खुले हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक स्पेस सेक्टर में युवाओं के लिए अवसर सीमित थे, लेकिन अब निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर खुलने से युवा इस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने युवाओं की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत के युवा गर्व से कह सकते हैं कि उनके परिवार में पहली बार कोई व्यक्ति रॉकेट बना रहा है। यह बदलाव भारत में बदलते अवसरों और युवाओं की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है।
‘परिवार में रॉकेट बनाने वाला पहला व्यक्ति हूं’
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं की नई सोच को एक अलग अंदाज में पेश किया। उन्होंने कहा कि आज भारत का युवा केवल पारंपरिक करियर विकल्पों तक सीमित नहीं है। युवा नई तकनीक और नए सेक्टर में प्रयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज युवा यह कह रहे हैं कि “अपने परिवार में रॉकेट बनाने वाला मैं पहला व्यक्ति हूं।” प्रधानमंत्री के मुताबिक, यह भारत में बन रहे नए अवसरों और युवाओं के बढ़ते आत्मविश्वास का उदाहरण है।
स्पेस टेक्नोलॉजी के अलावा ड्रोन सेक्टर भी ऐसा क्षेत्र है, जहां आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में रोजगार और कारोबार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
ड्रोन सेक्टर में भी बढ़ रहे अवसर
प्रधानमंत्री ने भारत के ड्रोन सेक्टर की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ड्रोन का इस्तेमाल अब केवल तकनीकी प्रयोग या फोटोग्राफी तक सीमित नहीं है। देश में ड्रोन का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा, कृषि, सर्वे और जरूरी सेवाओं तक पहुंच बनाने जैसे कई क्षेत्रों में किया जा रहा है।
दवाइयों और जरूरी सामान को दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाने में भी ड्रोन तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। इस क्षेत्र के विस्तार से युवाओं के लिए ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग, सॉफ्टवेयर, ऑपरेशन, डिजाइन और सर्विस से जुड़े नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
CJP प्रदर्शन के बाद आया PM मोदी का यह संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में NEET-UG 2026 से जुड़े पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से विरोध-प्रदर्शन किया गया था।
इस विवाद के बीच शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर सवाल उठे हैं। विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफा देने की बात भी सामने आई।
ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री का युवाओं को संबोधित करना और उन पर भरोसा जताना राजनीतिक और सामाजिक दोनों नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अपने संबोधन में पीएम मोदी ने युवाओं को व्यापक रूप से देश के विकास में योगदान देने, नई चीजें सीखने और बदलती तकनीक के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया।
Gen Z के लिए PM मोदी का संदेश क्यों अहम?
आज की Gen Z तेजी से बदलते रोजगार बाजार का सामना कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और नई डिजिटल तकनीकों के कारण कई पारंपरिक नौकरियों का स्वरूप बदल रहा है। वहीं दूसरी ओर स्पेस टेक, ड्रोन, AI, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और डीप टेक जैसे नए सेक्टर युवाओं के लिए अवसर पैदा कर रहे हैं।
ऐसे में पीएम मोदी का “जो सीखते रहेंगे, वही सफल होंगे” वाला संदेश युवाओं के लिए बदलती अर्थव्यवस्था के संदर्भ में खास मायने रखता है। इसका सीधा मतलब यह है कि सिर्फ डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि युवाओं को अपने कौशल को लगातार अपडेट करते रहना होगा।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से देश की जरूरतों को समझने और अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण में करने की अपील की। उनके मुताबिक आने वाले 30 से 35 साल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे और इस दौरान आज की युवा पीढ़ी देश की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT के दीक्षांत समारोह में युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि देश को उनकी जरूरत है। उन्होंने तकनीकी बदलाव, स्पेस और ड्रोन जैसे नए क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों का उल्लेख करते हुए युवाओं से लगातार सीखते रहने की अपील की। उनका संदेश साफ था कि बदलती दुनिया में वही युवा आगे बढ़ पाएंगे, जो नई तकनीक और नए कौशल को अपनाने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे।


