Dhoot Transmission IPO: ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की कंपनी धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड का ₹3,066.89 करोड़ का आईपीओ 10 अगस्त 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। पब्लिक इश्यू खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से करीब ₹918.30 करोड़ जुटा लिए हैं। एंकर बुक में घरेलू म्यूचुअल फंड्स के साथ-साथ कई बड़े ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स ने भी हिस्सा लिया है। वहीं, ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयर को लेकर मजबूत प्रीमियम देखने को मिल रहा है।
कंपनी ने BSE पर जारी सर्कुलर के मुताबिक 72 एंकर इनवेस्टर्स को ₹871 प्रति शेयर के भाव पर 1.05 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर अलॉट किए हैं। एंकर बुक में घरेलू म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी सबसे बड़ी रही। 12 फंड हाउसेज की 46 स्कीमों के जरिए कंपनी में निवेश किया गया और उन्हें कुल 64.59 लाख शेयर अलॉट हुए।
एंकर बुक में बड़े निवेशकों की दिलचस्पी
Dhoot Transmission की एंकर बुक में कई प्रमुख घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया है। इनमें SBI म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड, फ्रैंकलिन टेंपलटन, टाटा म्यूचुअल फंड, इनवेस्को म्यूचुअल फंड, HSBC म्यूचुअल फंड, PGIM इंडिया, सुंदरम म्यूचुअल फंड और व्हाइटओक जैसे नाम शामिल हैं।
इसके अलावा अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, ब्लैकरॉक, मिरे एसेट, अमंडी फंड्स और आलियांज ग्लोबल इनवेस्टर्स जैसे ग्लोबल संस्थागत निवेशकों ने भी एंकर बुक में भाग लिया है। बीमा कंपनियों की तरफ से SBI Life Insurance, ICICI Prudential Life Insurance, Bajaj Allianz Life Insurance, HDFC Life Insurance और Axis Max Life Insurance जैसे निवेशकों ने हिस्सा लिया।
एंकर निवेशकों की मजबूत भागीदारी को आईपीओ से पहले संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, एंकर बुक में निवेश किसी शेयर की लिस्टिंग के प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता।
₹3,066.89 करोड़ का है Dhoot Transmission IPO
Dhoot Transmission का आईपीओ कुल ₹3,066.89 करोड़ का है। इसमें ₹1,400 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹1,666.89 करोड़ के शेयर ऑफर फॉर सेल यानी OFS के तहत बेचे जाएंगे।
OFS के जरिए प्रमोटर ग्रुप से जुड़े BC Asia Investments XV Limited और Mangalam Capital Private Limited अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे। BC Asia Investments XV Limited प्राइवेट इक्विटी फर्म Bain Capital से जुड़ी इकाई है।
कंपनी ने IPO के लिए प्राइस बैंड ₹829 से ₹871 प्रति शेयर तय किया है। निवेशकों के लिए एक लॉट में 17 शेयर रखे गए हैं। इस हिसाब से अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए न्यूनतम निवेश करीब ₹14,807 होगा।
IPO 10 अगस्त को खुलेगा और 12 अगस्त को बंद हो जाएगा। शेयर अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर 17 अगस्त को लिस्टिंग होने की संभावना है।
किस कैटेगरी के निवेशकों के लिए कितना हिस्सा?
Dhoot Transmission IPO में अलग-अलग निवेशक वर्गों के लिए शेयरों का कोटा तय किया गया है।
- QIBs: 50 प्रतिशत
- रिटेल निवेशक: 35 प्रतिशत
- NIIs: 15 प्रतिशत
इसमें Qualified Institutional Buyers यानी QIBs के लिए सबसे बड़ा हिस्सा आरक्षित है। रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत और Non-Institutional Investors के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रखा गया है।
कंपनी क्या करती है?
Dhoot Transmission भारत की इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में काम करने वाली कंपनियों में शामिल है। कंपनी मुख्य रूप से ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव एप्लीकेशन के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई करती है।
कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में वायरिंग हार्नेस, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, बैटरी पैक, टर्मिनल, कनेक्टर, केबल और पावर सप्लाई कॉर्ड शामिल हैं।
कंपनी के प्रोडक्ट्स इंटरनल कम्बशन इंजन यानी ICE वाहनों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV प्लेटफॉर्म के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल, ऑफ-रोड व्हीकल, अर्थमूवर, कृषि उपकरण, मेडिकल डिवाइस और घरेलू उपकरणों जैसे क्षेत्रों में होता है।
इस तरह कंपनी का कारोबार केवल पारंपरिक ऑटोमोबाइल से जुड़ा नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और दूसरे इलेक्ट्रिकल एप्लीकेशन तक फैला हुआ है।
IPO से मिले पैसों का क्या करेगी कंपनी?
नए शेयरों के जरिए जुटाई जाने वाली ₹1,400 करोड़ की राशि का इस्तेमाल कंपनी कई उद्देश्यों के लिए करेगी। इसमें कंपनी और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों के कर्ज का भुगतान भी शामिल है।
इसके अलावा हरियाणा के झज्जर और तमिलनाडु के होसुर में नए वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए भी IPO की रकम का इस्तेमाल किया जाएगा।
कंपनी भविष्य में कुछ अधिग्रहणों के लिए भी रकम का इस्तेमाल कर सकती है। इसके साथ ही सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भी IPO से प्राप्त राशि का एक हिस्सा इस्तेमाल किया जाएगा।
कंपनी के लिए कर्ज कम करना महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में उसकी कुल उधारी ₹841.39 करोड़ थी। नए इश्यू से मिलने वाली राशि का एक हिस्सा कर्ज चुकाने में जाने से कंपनी के वित्तीय ढांचे पर इसका असर पड़ सकता है।
ग्रे मार्केट में 28% से ज्यादा प्रीमियम
IPO खुलने से पहले Dhoot Transmission के शेयर को ग्रे मार्केट में लेकर भी काफी हलचल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शेयर करीब 28.36 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।
ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड और अनरेगुलेटेड मार्केट होता है, जहां आईपीओ की लिस्टिंग से पहले शेयरों में अनौपचारिक रूप से कारोबार किया जाता है। इसलिए GMP को केवल बाजार की शुरुआती धारणा का संकेत माना जाना चाहिए।
अगर ₹871 के अपर प्राइस बैंड पर 28.36 प्रतिशत का प्रीमियम लगाया जाए तो ग्रे मार्केट संकेत के हिसाब से अनुमानित कीमत करीब ₹1,118 प्रति शेयर बैठती है। हालांकि वास्तविक लिस्टिंग प्राइस इससे काफी अलग हो सकती है। GMP में लिस्टिंग तक किसी भी समय बदलाव हो सकता है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है?
Dhoot Transmission ने वित्त वर्ष 2025-26 में कारोबार में अच्छी वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2025 के ₹3,472.24 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में ₹4,563.70 करोड़ हो गया। यानी कंपनी के राजस्व में करीब 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी बढ़ा। वित्त वर्ष 2025 में ₹353.89 करोड़ के मुकाबले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹396.84 करोड़ हो गया। इसमें करीब 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
रेवेन्यू में मजबूत बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी पर कर्ज भी मौजूद है। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी की उधारी ₹841.39 करोड़ थी। इसलिए IPO में नए शेयरों से जुटाई गई राशि का कर्ज भुगतान के लिए इस्तेमाल कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू माना जा सकता है।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Dhoot Transmission IPO में निवेश से पहले केवल एंकर बुक और GMP को देखकर फैसला करना उचित नहीं होगा। कंपनी का ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार, EV सेक्टर में संभावित अवसर और हालिया रेवेन्यू ग्रोथ सकारात्मक पहलू हैं।
दूसरी तरफ कंपनी पर मौजूद कर्ज, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर निर्भरता, प्रतिस्पर्धा और IPO के OFS हिस्से जैसे पहलुओं को भी निवेशकों को समझना चाहिए। OFS में मिलने वाली राशि सीधे कंपनी के कारोबार में नहीं जाती, बल्कि संबंधित शेयरधारकों को मिलती है।
इसके अलावा ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक या रेगुलेटेड आंकड़ा नहीं है। इसमें तेजी या गिरावट के आधार पर IPO की वास्तविक लिस्टिंग या लंबे समय के प्रदर्शन का अनुमान लगाना जोखिम भरा हो सकता है।
Dhoot Transmission IPO के लिए Axis Capital, Jefferies India, Kotak Mahindra Capital Company, Nomura Financial Advisory and Securities (India), SBI Capital Markets और 360 ONE WAM बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।
Dhoot Transmission IPO एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| IPO का आकार | ₹3,066.89 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू | ₹1,400 करोड़ |
| OFS | ₹1,666.89 करोड़ |
| प्राइस बैंड | ₹829-₹871 |
| लॉट साइज | 17 शेयर |
| IPO खुलने की तारीख | 10 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 12 अगस्त 2026 |
| अलॉटमेंट | 13 अगस्त 2026 |
| संभावित लिस्टिंग | 17 अगस्त 2026 |
| QIB कोटा | 50% |
| रिटेल कोटा | 35% |
| NII कोटा | 15% |
| एंकर बुक | ₹918.30 करोड़ |
| एंकर अलॉटमेंट प्राइस | ₹871 प्रति शेयर |
| FY26 रेवेन्यू | ₹4,563.70 करोड़ |
| FY26 नेट प्रॉफिट | ₹396.84 करोड़ |
Disclaimer
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार और IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक संकेतक नहीं है और इसमें तेजी या गिरावट हो सकती है। किसी भी IPO में निवेश करने से पहले कंपनी के DRHP/RHP, वित्तीय आंकड़ों और जोखिम कारकों को ध्यान से पढ़ें तथा जरूरत होने पर अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran किसी निवेश की गारंटी या व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं देता।


