नई दिल्ली: देश के राज्यों के बीच 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (Economy) बनने की होड़ तेज होती जा रही है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों ने आने वाले वर्षों में इस लक्ष्य को हासिल करने का रोडमैप तैयार किया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश राज्य अपने तय समयसीमा से पीछे रह सकते हैं। इसके बावजूद 2047 तक भारत के कम से कम आठ राज्यों के 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की संभावना जताई गई है।
इसी बीच तमिलनाडु में मुख्यमंत्री थलपति विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार ने अपना पहला बजट पेश करते हुए राज्य को 2035 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य घोषित किया है।
तमिलनाडु ने बढ़ाया लक्ष्य
तमिलनाडु सरकार ने पहले राज्य को 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा था। अब इसे बढ़ाकर 2035 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर कर दिया गया है। फिलहाल राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार करीब 374.3 अरब डॉलर है।
सरकार का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, आईटी और निर्यात में तेजी के दम पर राज्य अगले दशक में इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर बढ़ेगा।
किन राज्यों ने रखा है $1 ट्रिलियन इकॉनमी का लक्ष्य?
देश के कई बड़े राज्यों ने अपनी अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इनमें प्रमुख राज्य हैं—
- महाराष्ट्र
- उत्तर प्रदेश
- गुजरात
- तमिलनाडु
- कर्नाटक
- केरल
इन राज्यों का फोकस औद्योगिक निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन पर है।
कौन बनेगा सबसे पहले $1 ट्रिलियन की इकॉनमी?
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकांश राज्य अपने घोषित लक्ष्य से पीछे रह सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात सबसे पहले 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का आंकड़ा पार करेंगे। अनुमान है कि ये तीनों राज्य वित्त वर्ष 2039 तक इस उपलब्धि को हासिल कर सकते हैं।
इसके बाद तमिलनाडु इस क्लब में शामिल होगा, जबकि उत्तर प्रदेश के वित्त वर्ष 2042 तक इस मुकाम पर पहुंचने का अनुमान है।
महाराष्ट्र क्यों है सबसे आगे?
महाराष्ट्र फिलहाल देश की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था है। इसकी मौजूदा जीडीपी करीब 556.1 अरब डॉलर आंकी गई है।
महाराष्ट्र की बढ़त के प्रमुख कारण हैं—
- देश का सबसे बड़ा औद्योगिक उत्पादन
- मुंबई का देश की वित्तीय राजधानी होना
- मजबूत सेवा क्षेत्र
- बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश
- वित्तीय और कॉरपोरेट गतिविधियों का केंद्र
इन्हीं वजहों से राज्य का देश की कुल जीडीपी में सबसे बड़ा योगदान है।
प्रमुख राज्यों की मौजूदा जीडीपी
| राज्य | अनुमानित जीडीपी (अरब डॉलर) |
|---|---|
| महाराष्ट्र | 556.1 |
| तमिलनाडु | 374.3 |
| उत्तर प्रदेश | 350.4 |
| कर्नाटक | 343.9 |
| गुजरात | 333.6 |
2047 तक बदल सकती है भारत की आर्थिक तस्वीर
रिपोर्ट के अनुसार, यदि मौजूदा विकास दर बनी रहती है तो भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक कम से कम आठ राज्यों की अर्थव्यवस्था 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो सकती है। इससे भारत की कुल जीडीपी में राज्यों की भूमिका और मजबूत होगी तथा देश को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को भी गति मिलेगी।


