Highlights
- नौकरी छूटने के बाद भी 58 साल की उम्र तक EPF पर ब्याज मिलता रहेगा।
- बेरोजगारी की स्थिति में EPF बैलेंस का 75% तक तुरंत निकाला जा सकता है।
- लगातार 5 साल की सेवा पूरी होने पर EPF निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री हो सकती है।
- EPF वेतन सीमा 25,000 रुपये करने का प्रस्ताव अभी अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
नई दिल्ली:
अगर आपकी नौकरी छूट गई है, आपने करियर ब्रेक लिया है या किसी वजह से कुछ समय के लिए काम से दूर हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि EPF (Employees’ Provident Fund) खाते में जमा आपके पैसों का क्या होगा? क्या ब्याज मिलना बंद हो जाएगा? क्या पूरा पैसा निकाला जा सकता है? और क्या इस पर टैक्स लगेगा?
हाल के दिनों में EPF वेतन सीमा (Wage Ceiling) को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने के प्रस्ताव की चर्चा के बीच इन सवालों की अहमियत और बढ़ गई है। हालांकि यह प्रस्ताव अभी अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है, लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद EPF से जुड़े मौजूदा नियम हर कर्मचारी के लिए जानना जरूरी है।
क्या नौकरी छोड़ते ही EPF पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है?
कई लोगों को लगता है कि नौकरी छोड़ने के बाद PF खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है, लेकिन यह धारणा सही नहीं है।
मौजूदा नियमों के अनुसार, यदि कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है और उसके EPF खाते में पैसा जमा है, तो 58 वर्ष की आयु तक उस राशि पर ब्याज मिलता रहता है।
हालांकि एक महत्वपूर्ण शर्त भी है। यदि कोई कर्मचारी 55 वर्ष या उसके बाद नौकरी छोड़ता है, तो उसे अधिकतम 3 वर्ष तक ही ब्याज मिलता है। इसके बाद खाता निष्क्रिय (Inactive) माना जा सकता है और आगे ब्याज नहीं मिलता।
करियर ब्रेक या बेरोजगारी में कितना पैसा निकाल सकते हैं?
अगर आपकी नौकरी चली गई है और आपको पैसों की जरूरत है, तो EPF नियम राहत भी देते हैं।
नए प्रावधानों के अनुसार
- नौकरी छूटने के बाद EPF बैलेंस का 75% तक हिस्सा निकाला जा सकता है।
- शेष 25% राशि लगातार 12 महीने तक बेरोजगार रहने के बाद निकाली जा सकती है।
- निकासी में कर्मचारी का योगदान, नियोक्ता (Employer) का योगदान और उस पर मिला ब्याज भी शामिल होता है।
इससे करियर ब्रेक के दौरान आर्थिक मदद मिल सकती है।
क्या करियर ब्रेक के दौरान EPF खाता बंद हो जाता है?
नहीं। यदि आपने नई नौकरी नहीं जॉइन की है, तब भी आपका EPF खाता बना रहता है।
जैसे ही आप नई कंपनी में नौकरी शुरू करते हैं और अपना UAN (Universal Account Number) इस्तेमाल करते हैं, नया PF खाता उसी UAN से जुड़ जाता है। इससे आपकी पुरानी और नई EPF सेवा रिकॉर्ड एक साथ जुड़े रहते हैं।
EPF निकालने पर कब लगता है टैक्स?
EPF निकासी पर टैक्स सेवा अवधि पर निर्भर करता है।
टैक्स-फ्री निकासी कब होगी?
यदि कर्मचारी ने लगातार 5 साल या उससे अधिक सेवा पूरी की है और उसके बाद रिटायरमेंट, कंपनी बंद होने, स्वास्थ्य कारणों या अन्य मान्य परिस्थितियों में EPF निकालता है, तो पूरी निकासी टैक्स-फ्री हो सकती है।
टैक्स कब देना पड़ सकता है?
यदि कर्मचारी 5 साल की लगातार सेवा पूरी होने से पहले EPF निकाल लेता है, तो कुछ परिस्थितियों में निकासी पर आयकर नियम लागू हो सकते हैं।
नौकरी बदलने पर क्या करें?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नौकरी बदलने के दौरान EPF निकालने के बजाय उसे नए नियोक्ता के साथ ट्रांसफर करना बेहतर विकल्प होता है। इससे:
- रिटायरमेंट फंड लगातार बढ़ता रहता है।
- कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है।
- टैक्स संबंधी परेशानियां कम होती हैं।
- लंबी सेवा का रिकॉर्ड बना रहता है।
EPF वेतन सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव
हाल ही में कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सरकार ने EPF के तहत अनिवार्य वेतन सीमा (Wage Ceiling) को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
हालांकि, यह बदलाव अभी लागू नहीं हुआ है। इसके लिए केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद ही नए नियम प्रभावी होंगे।
कर्मचारियों के लिए क्या बदलेगा?
यदि वेतन सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव लागू होता है, तो:
- अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को EPF का लाभ मिलेगा।
- रिटायरमेंट के लिए अधिक बचत जमा हो सकेगी।
- कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का PF योगदान बढ़ सकता है।
- भविष्य में मिलने वाला रिटायरमेंट कॉर्पस भी बड़ा हो सकता है।
निष्कर्ष
अगर आपकी नौकरी चली गई है या आपने कुछ समय के लिए करियर ब्रेक लिया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपका EPF खाता तुरंत बंद नहीं होता और जमा राशि पर तय नियमों के अनुसार ब्याज मिलता रहता है। जरूरत पड़ने पर आप निर्धारित सीमा तक पैसा भी निकाल सकते हैं। हालांकि, जल्दबाजी में पूरा PF निकालने के बजाय भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना बेहतर माना जाता है।
नोट: EPF वेतन सीमा को 25,000 रुपये करने का प्रस्ताव अभी अंतिम सरकारी मंजूरी का इंतजार कर रहा है। इसके लागू होने के बाद ही नए प्रावधान प्रभावी होंगे।


