नई दिल्ली: आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन और मशहूर उद्योगपति हर्ष गोयनका एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। बिजनेस और मार्केट से जुड़े दिलचस्प विचार साझा करने वाले गोयनका ने इस बार अमेरिकी फूड कंपनी Kellogg’s पर हल्के-फुल्के अंदाज में तंज कसते हुए एक बड़ा बिजनेस सबक दिया है। उनका कहना है कि भारत जैसे विशाल और विविधता वाले बाजार में सफलता हासिल करनी है तो स्थानीय स्वाद और उपभोक्ताओं की पसंद को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
Kellogg’s पर हर्ष गोयनका का तंज
Kellogg’s came to India to change our breakfast habits with cornflakes. The opposite has happened. Today, Kellogg’s sells Upma.
Business lesson: Never underestimate the power of local taste. pic.twitter.com/uHfapl1ApI
— Harsh Goenka (@hvgoenka) August 3, 2026 हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Kellogg’s के उपमा पैक की तस्वीर साझा करते हुए लिखा,
“Kellogg’s भारत में कॉर्नफ्लेक्स के जरिए हमारे नाश्ते की आदतें बदलने आई थी। लेकिन हुआ इसका उल्टा। आज Kellogg’s उपमा बेचती है। इसका बिजनेस सबक साफ है कि स्थानीय स्वाद की ताकत को कभी कम न समझें।”
उनका यह पोस्ट कुछ ही समय में वायरल हो गया और हजारों लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
भारत में क्यों बदलनी पड़ी रणनीति?
जब Kellogg’s ने भारतीय बाजार में एंट्री की थी, तब कंपनी का फोकस पश्चिमी शैली के नाश्ते जैसे कॉर्नफ्लेक्स, मूसली और चोकोज को लोकप्रिय बनाना था। लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं की खान-पान की आदतें अलग रहीं।
भारत में लोग लंबे समय से उपमा, पोहा, इडली, पराठा, ढोकला और अन्य पारंपरिक नाश्ते को पसंद करते हैं। ऐसे में कंपनी को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी और भारतीय स्वाद के अनुरूप नए उत्पाद लॉन्च करने पड़े।
इसी बदलाव का उदाहरण है कि आज Kellogg’s के पोर्टफोलियो में उपमा जैसे उत्पाद भी शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर आए मजेदार रिएक्शन
हर्ष गोयनका के पोस्ट पर यूजर्स ने भी जमकर प्रतिक्रियाएं दीं।
एक यूजर ने लिखा,
“जब Kellogg’s भारत आई थी तो उसने दावा किया था कि कोरिया में लोग Kellogg’s चॉपस्टिक्स से खाते हैं और भारत में भी ऐसा ही होगा। लेकिन आज वही कंपनी उपमा बेच रही है। भारत को समझना आसान नहीं है।”
एक अन्य यूजर ने कहा,
“भारतीयों ने Kellogg’s की नहीं, Kellogg’s ने भारतीयों की पसंद को अपनाया।”
कुछ यूजर्स ने कंपनी की तारीफ भी की
जहां कई लोगों ने गोयनका के तंज का समर्थन किया, वहीं कुछ यूजर्स ने कंपनी की रणनीति की सराहना भी की।
एक यूजर ने लिखा,
“उपमा बेचने के लिए Kellogg’s की आलोचना नहीं, बल्कि उसकी तारीफ होनी चाहिए। कंपनी ने भारतीय बाजार को समझा और खुद को बदल लिया। मसाला ओट्स, केसर-पिस्ता-बादाम कॉर्नफ्लेक्स, छोटा लड्डू चोकोज और मिलेट मूसली जैसे प्रोडक्ट्स इसी सोच का परिणाम हैं।”
बिजनेस की दुनिया के लिए बड़ा सबक
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी ग्लोबल कंपनी के लिए भारत में केवल अपना अंतरराष्ट्रीय मॉडल लागू करना काफी नहीं होता। यहां के उपभोक्ता स्वाद, कीमत, संस्कृति और खान-पान की परंपराओं को ध्यान में रखकर ही खरीदारी करते हैं।
इसी वजह से कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भारत में अपने उत्पादों में बदलाव किए हैं। फास्ट फूड से लेकर स्नैक्स और ब्रेकफास्ट तक, लगभग हर बड़ी कंपनी ने भारतीय ग्राहकों की पसंद के अनुसार अपने मेन्यू और प्रोडक्ट्स को बदला है।
हर्ष गोयनका का पोस्ट इसी बदलाव की ओर इशारा करता है कि सफल वही ब्रांड होता है जो ग्राहकों को बदलने की बजाय खुद को बाजार के अनुसार बदल ले।
निष्कर्ष
Kellogg’s को लेकर हर्ष गोयनका का यह पोस्ट केवल एक मजाकिया टिप्पणी नहीं, बल्कि बिजनेस रणनीति का महत्वपूर्ण संदेश भी है। भारत जैसा विविधता वाला बाजार कंपनियों को यह सिखाता है कि स्थानीय संस्कृति और स्वाद को अपनाए बिना लंबी सफलता हासिल करना आसान नहीं है। यही कारण है कि कभी भारतीयों को कॉर्नफ्लेक्स खाने के लिए प्रेरित करने वाली कंपनी आज उपमा जैसे पारंपरिक भारतीय नाश्ते को भी अपने ब्रांड के तहत बेच रही है।


