Share Market Crash: वीकली एक्सपायरी के दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में मजबूती के बाद बाजार ने अचानक यू-टर्न लिया और सेंसेक्स अपने इंट्रा-डे हाई से 900 अंकों से ज्यादा टूट गया। वहीं निफ्टी 50 भी 24,450 के नीचे फिसल गया। बाजार पर क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नए नियम, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, इंडिया VIX में उछाल और सेक्टोरल बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया।
हालांकि दिन के अंत में निचले स्तरों से कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन आईटी, प्राइवेट बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। दूसरी ओर स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी लौटने से निवेशकों को कुछ राहत मिली।
बाजार बंद होने पर क्या रहा हाल?
एक कारोबारी दिन पहले 3 अगस्त को सेंसेक्स 544.39 अंक (0.70%) चढ़कर 78,639.03 पर और निफ्टी 50, 390.70 अंक (1.60%) की बढ़त के साथ 24,774.30 पर बंद हुआ था।
लेकिन गुरुवार को तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
- Sensex 210.08 अंक यानी 0.27% गिरकर 78,428.95 पर बंद हुआ।
- Nifty 50 159.40 अंक यानी 0.64% टूटकर 24,614.90 पर बंद हुआ।
इंट्रा-डे में सेंसेक्स 79,143.15 के उच्च स्तर तक पहुंचा था, लेकिन वहां से करीब 931 अंक लुढ़ककर 78,211.87 तक आ गया। वहीं निफ्टी भी 24,774 के स्तर से फिसलकर 24,427.95 तक पहुंच गया।
ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला रुख
लार्जकैप शेयरों में दबाव के बावजूद स्मॉलकैप सेगमेंट ने बेहतर प्रदर्शन किया।
- निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.5% गिरावट के साथ बंद हुआ।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 शुरुआती कमजोरी से उबरकर लगभग 0.23% की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा।
इससे संकेत मिलता है कि चुनिंदा मिड और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की खरीदारी बनी हुई है।
बाजार में गिरावट की 5 बड़ी वजह
1. CAS सिस्टम को लेकर बढ़ी अनिश्चितता
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नए सिस्टम को लेकर बाजार में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई ब्रोकरेज हाउस ने अपने ग्राहकों को सलाह दी कि वे दोपहर 3:00 बजे से पहले अपनी ट्रेडिंग पोजिशन बंद कर लें।
इस सलाह के चलते ट्रेडिंग के अंतिम घंटे में बिकवाली बढ़ी और निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए मुनाफावसूली शुरू कर दी। इससे बाजार का माहौल कमजोर हो गया।
2. आईटी और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में बिकवाली
आज सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे अधिक दबाव आईटी, एफएमसीजी और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में देखने को मिला।
- निफ्टी आईटी में आधे फीसदी से ज्यादा गिरावट रही।
- प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी कमजोर रहा।
- निफ्टी रियल्टी 2% से अधिक टूट गया।
हालांकि निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 0.93% की मजबूती के साथ बंद हुआ, लेकिन यह पूरे बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं था।
3. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमत 1% से अधिक उछलकर लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई, आयात बिल और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता निवेशकों पर भारी पड़ी। इसका असर शेयर बाजार की धारणा पर भी दिखाई दिया।
4. India VIX में उछाल
बाजार की घबराहट को मापने वाला India VIX करीब 1.86% बढ़कर 12.15 पर बंद हुआ।
India VIX में तेजी का मतलब है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। इसी वजह से कई निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए मुनाफावसूली की।
5. वीकली एक्सपायरी का असर
गुरुवार को निफ्टी के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी थी।
एक्सपायरी वाले दिन अक्सर ऑप्शन और फ्यूचर्स ट्रेडर्स की बड़ी पोजिशन एडजस्ट होती हैं, जिससे बाजार में अचानक तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। आज भी यही स्थिति देखने को मिली और दिनभर अस्थिरता बनी रही।
निवेशकों के लिए आगे क्या संकेत?
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक CAS सिस्टम को लेकर स्पष्टता नहीं आती और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं दिखती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। इसके अलावा आगामी आर्थिक आंकड़े, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों का रुख भी भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे।
लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर बनाए रखने और किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेने की सलाह दी जाती है।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


