Oldest Engineering Company in India: भारत में इंजीनियरिंग सेक्टर की बात होती है तो अक्सर लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसी बड़ी कंपनियों का नाम सामने आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश की सबसे पुरानी इंजीनियरिंग कंपनी का इतिहास 200 साल से भी ज्यादा पुराना है? इस कंपनी की शुरुआत उस दौर में हुई थी जब भारत में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रभाव बढ़ रहा था और मुगल साम्राज्य अपने अंतिम दौर में था।
भारत की सबसे पुरानी इंजीनियरिंग कंपनियों में शामिल जेसॉप एंड कंपनी लिमिटेड (Jessop & Company Ltd) की शुरुआत साल 1788 में हुई थी। आज यह कंपनी रेलवे, स्टील, पोर्ट और भारी उद्योगों के लिए इंजीनियरिंग समाधान उपलब्ध कराती है। खास बात यह है कि इसके ग्राहक देश की कई बड़ी संस्थाएं और कंपनियां हैं, जिनमें इंडियन रेलवे, टाटा स्टील और SAIL जैसे नाम शामिल हैं।
1788 में ‘ब्रीन एंड कंपनी’ के नाम से हुई थी शुरुआत
जेसॉप एंड कंपनी की शुरुआत साल 1788 में कलकत्ता (अब कोलकाता) में ‘ब्रीन एंड कंपनी’ (Breen & Company) के नाम से हुई थी। उस समय भारत में ब्रिटिश शासन की जड़ें मजबूत हो रही थीं और देश में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की जरूरत तेजी से बढ़ रही थी।
हालांकि इस कंपनी के शुरुआती संस्थापक के बारे में ज्यादा ऐतिहासिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। कंपनी ने शुरुआती दौर में इंजीनियरिंग और निर्माण से जुड़े कई काम किए।
32 साल बाद बदला कंपनी का नाम
साल 1820 में इस कंपनी के इतिहास में बड़ा बदलाव आया। अंग्रेज इंजीनियर विलियम जेसॉप के बेटों हेनरी जेसॉप और जॉर्ज जेसॉप ने ब्रीन एंड कंपनी को खरीद लिया।
यह अधिग्रहण उनकी कंपनी ‘बटरफ्लाई कंपनी’ (Butterley Company) के माध्यम से किया गया था। यह कंपनी विलियम जेसॉप ने साल 1790 में इंग्लैंड के डर्बीशायर में स्थापित की थी।
ब्रीन एंड कंपनी और बटरफ्लाई कंपनी के जुड़ने के बाद इसका नाम बदलकर जेसॉप एंड कंपनी कर दिया गया। इसके बाद कंपनी ने भारत में रेलवे और भारी इंजीनियरिंग क्षेत्र में अपनी पहचान बनानी शुरू की।
रेलवे और भारी उद्योगों में बनाई पहचान
भारत में रेलवे नेटवर्क के विस्तार के दौरान जेसॉप एंड कंपनी ने अहम भूमिका निभाई। कंपनी ने रेलवे उपकरणों, पुलों, क्रेन और अन्य भारी इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्माण में योगदान दिया।
समय के साथ कंपनी ने अपनी सेवाओं का विस्तार किया और यह भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनियों में शामिल हो गई।
1973 में सरकार ने अपने नियंत्रण में लिया
आजादी के बाद भारत सरकार ने देश में रणनीतिक उद्योगों को मजबूत करने के लिए कई कंपनियों का अधिग्रहण किया। इसी क्रम में साल 1973 में भारत सरकार ने जेसॉप एंड कंपनी का अधिग्रहण कर लिया।
इसके बाद यह कंपनी सरकारी क्षेत्र की कंपनी बन गई। साल 1986 में भारत भारी उद्योग निगम लिमिटेड (BBUNL) के गठन के बाद जेसॉप को इसकी सब्सिडियरी कंपनी बना दिया गया।
अटल सरकार के समय रुइया ग्रुप को बेची गई कंपनी
साल 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान जेसॉप एंड कंपनी का निजीकरण किया गया।
भारत सरकार ने इसे रुइया ग्रुप (Ruia Group) को बेच दिया। वर्तमान में जेसॉप एंड कंपनी रुइया ग्रुप का हिस्सा है। यह ग्रुप डनलप इंडिया और फाल्कन टायर्स जैसी कंपनियों के लिए भी जाना जाता है।
जेसॉप एंड कंपनी कौन-कौन सी सेवाएं देती है?
आज जेसॉप एंड कंपनी कई तरह की इंजीनियरिंग सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध कराती है। कंपनी की प्रमुख सेवाओं में शामिल हैं:
- क्रेन और क्रेन के स्पेयर पार्ट्स
- क्रेन की मेंटेनेंस और AMC सेवाएं
- रेलवे वैगन निर्माण
- रेलवे कोच से जुड़े काम
- सड़क निर्माण उपकरण
- हाइड्रोलिक सिस्टम
- EPC (Engineering, Procurement and Construction) सेवाएं
इंडियन रेलवे से लेकर टाटा स्टील तक हैं ग्राहक
200 साल से ज्यादा पुराने इतिहास वाली जेसॉप एंड कंपनी के पास आज कई बड़े संस्थागत ग्राहक हैं। कंपनी जिन प्रमुख संगठनों के साथ काम करती है, उनमें शामिल हैं:
- इंडियन रेलवे
- टाटा स्टील
- SAIL (Steel Authority of India Limited)
- BHEL
- ESSAR
- कोलकाता मेट्रो रेलवे
- पोर्ट ऑफ चेन्नई
भारत की इंजीनियरिंग विरासत का अहम हिस्सा
जेसॉप एंड कंपनी सिर्फ एक कारोबारी संस्था नहीं है, बल्कि यह भारत के औद्योगिक विकास के इतिहास का हिस्सा रही है। 1788 में शुरू हुई यह कंपनी ब्रिटिश काल से लेकर आज के आधुनिक भारत तक कई बदलावों की गवाह रही है।
जहां आज भारत में L&T जैसी कंपनियां इंजीनियरिंग क्षेत्र में बड़ा नाम हैं, वहीं जेसॉप एंड कंपनी देश की उस पुरानी औद्योगिक विरासत को दर्शाती है जिसने भारत में इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


