Molbio Diagnostics IPO: आईपीओ मार्केट में निवेशकों के लिए एक और बड़ा मौका आने वाला है। मेडिकल डायग्नोस्टिक्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स (Molbio Diagnostics) अपना मेनबोर्ड आईपीओ लॉन्च करने जा रही है। कंपनी को ग्लोबल निवेशक टेमासेक (Temasek) और घरेलू निवेश फर्म मोतीलाल ओसवाल ग्रुप का समर्थन हासिल है।
कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल कर दिया है। मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स का पब्लिक इश्यू 10 अगस्त 2026 को आम निवेशकों के लिए खुलेगा और 12 अगस्त 2026 को बंद होगा। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 7 अगस्त 2026 से शुरू होगी।
10 अगस्त को प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की नजर दो बड़े मेनबोर्ड आईपीओ पर रहेगी, क्योंकि इसी दिन धूत ट्रांसमिशन का ₹3,067 करोड़ का आईपीओ भी लॉन्च होने वाला है।
Molbio Diagnostics IPO की महत्वपूर्ण तारीखें
मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स आईपीओ से जुड़ी अहम तारीखें इस प्रकार हैं:
| इवेंट | तारीख |
|---|---|
| एंकर बुक ओपनिंग | 7 अगस्त 2026 |
| आईपीओ ओपनिंग डेट | 10 अगस्त 2026 |
| आईपीओ क्लोजिंग डेट | 12 अगस्त 2026 |
| शेयर अलॉटमेंट | 13 अगस्त 2026 |
| शेयर लिस्टिंग | 17 अगस्त 2026 |
Molbio Diagnostics IPO का इश्यू साइज और OFS डिटेल्स
मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स के आईपीओ में फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल हैं।
फ्रेश इश्यू
कंपनी आईपीओ के जरिए ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी करेगी। इससे मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने विस्तार और रिसर्च से जुड़े कामों में करेगी।
ऑफर फॉर सेल (OFS)
आईपीओ में मौजूदा शेयरधारक और प्रमोटर्स 91.66 लाख शेयरों की बिक्री करेंगे।
गौरतलब है कि कंपनी ने अगस्त 2025 में दाखिल किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में करीब 1.25 करोड़ शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव रखा था, जिसे अब घटाकर 91.66 लाख शेयर कर दिया गया है। कंपनी के आईपीओ दस्तावेजों को सेबी ने दिसंबर 2025 में मंजूरी दी थी।
टेमासेक और मोतीलाल ओसवाल की कितनी हिस्सेदारी?
मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स में प्रमोटर्स और प्रमुख निवेशकों की हिस्सेदारी काफी अहम है।
कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार:
- प्रमोटर एक्सोरा ट्रेडिंग और डॉ. चंद्रशेखर भास्करन नायर के पास कुल 46.65% हिस्सेदारी है।
- टेमासेक की सहायक कंपनी V Sciences Investments और मोतीलाल ओसवाल के India Business Excellence Fund जैसे निवेशकों के पास करीब 53.35% हिस्सेदारी है।
आईपीओ के बाद कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो जाएंगे और निवेशकों को इसमें भागीदारी का मौका मिलेगा।
आईपीओ से जुटाई रकम का इस्तेमाल कहां करेगी कंपनी?
मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स ने बताया है कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी अपनी ग्रोथ योजनाओं को आगे बढ़ाने में करेगी।
1. रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर खर्च
कंपनी करीब ₹105.5 करोड़ का इस्तेमाल अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Bigtec के जरिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट फैसिलिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में करेगी।
2. प्लांट और मशीनरी में निवेश
करीब ₹72.2 करोड़ की राशि गोवा यूनिट-I, गोवा यूनिट-II और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए नए प्लांट, उपकरण और मशीनरी खरीदने में खर्च की जाएगी।
3. सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतें
बाकी राशि का उपयोग कंपनी की सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।
क्या करती है Molbio Diagnostics?
साल 2000 में स्थापित मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। कंपनी ने अपनी खास Truenat PCR प्लेटफॉर्म टेक्नोलॉजी विकसित की है।
यह तकनीक दुनिया के कई देशों में पेटेंटेड है और इसकी मदद से कई गंभीर बीमारियों की जांच तेजी से की जा सकती है।
कंपनी की Truenat टेक्नोलॉजी के जरिए:
- टीबी (Tuberculosis)
- कोविड-19
- हेपेटाइटिस B और C
- HIV
- HPV जैसी बीमारियों की जांच
करीब एक घंटे के अंदर की जा सकती है।
कंपनी डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग से जुड़े समाधान भी उपलब्ध कराती है। इसके लिए कंपनी की सहायक कंपनियां Prognosis और Optrascan काम करती हैं।
Molbio Diagnostics का वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में मजबूत रहा है।
मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में:
- कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 14.8% बढ़कर ₹166.6 करोड़ हो गया।
- कंपनी का कुल राजस्व 41.7% बढ़कर ₹1,445.7 करोड़ पहुंच गया।
मेडिकल डायग्नोस्टिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग और कंपनी की पेटेंटेड टेक्नोलॉजी को देखते हुए निवेशकों की नजर इस आईपीओ पर बनी हुई है।
Molbio Diagnostics IPO: निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
आईपीओ में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन, सेक्टर की ग्रोथ और लिस्टिंग के बाद शेयर प्रदर्शन जैसे सभी पहलुओं का मूल्यांकन करना चाहिए।
डायग्नोस्टिक्स सेक्टर भारत में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन किसी भी आईपीओ में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी निवेशक को किसी शेयर या आईपीओ में पैसा लगाने की सलाह नहीं देता है।


