नई दिल्ली: दुनिया भर में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच जापान की एक कंपनी ने ऐसा अनोखा उपकरण तैयार किया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह कोई सामान्य फ्रिज नहीं, बल्कि ‘ह्यूमन रेफ्रिजरेटर’ (Human Refrigerator) या वॉक-इन कूलिंग बूथ है, जिसमें बैठकर कोई भी व्यक्ति महज 5 मिनट में अपने शरीर का तापमान कम कर सकता है।
इस अनोखी तकनीक की चर्चा उस समय और तेज हो गई जब आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने इसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर करते हुए मजेदार टिप्पणी की।
Highlights
- जापान की कंपनी ने बनाया ‘ह्यूमन फ्रिज’
- 5 मिनट में शरीर को ठंडा करने का दावा
- हर्ष गोयनका ने X पर शेयर किया वीडियो
- कीमत करीब 9 लाख रुपये
- हीटवेव और हीटस्ट्रोक से बचाव के लिए विकसित तकनीक
हर्ष गोयनका ने क्या कहा?
Japan has introduced a “human fridge,” a personal cooling booth designed to help people cool down during extreme summer heat.
With heat becoming unbearable, we should put them in street corners during summer 😄 pic.twitter.com/pbhODOTwuY
— Harsh Goenka (@hvgoenka) August 2, 2026 उद्योगपति हर्ष गोयनका ने X पर वीडियो साझा करते हुए लिखा,
“जापान ने Human Fridge लॉन्च किया है, जो एक पर्सनल कूलिंग बूथ है और इसे गर्मियों की भीषण गर्मी में लोगों को ठंडक पहुंचाने के लिए बनाया गया है। हमें गर्मियों में इन्हें सड़क किनारे लगाना चाहिए।”
उनकी इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी जमकर प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने इसे भविष्य की उपयोगी तकनीक बताया, जबकि कुछ ने इसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाने का सुझाव भी दिया।
क्या है ह्यूमन रेफ्रिजरेटर?
ह्यूमन रेफ्रिजरेटर वास्तव में एक छोटा रेफ्रिजरेटेड कूलिंग बूथ है, जिसमें एक समय में एक व्यक्ति बैठ सकता है।
इसके अंदर एक आरामदायक सीट लगी होती है। जैसे ही व्यक्ति इसमें बैठता है, मशीन ठंडी हवा का नियंत्रित प्रवाह शुरू कर देती है, जिससे कुछ ही मिनटों में शरीर का तापमान तेजी से कम होने लगता है।
कंपनी के मुताबिक,
- सिर्फ 5 मिनट में शरीर को ठंडक महसूस होने लगती है।
- तेज गर्मी में काम करने वाले लोगों के लिए यह बेहद उपयोगी हो सकता है।
- हीटस्ट्रोक का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।
क्यों पड़ी ऐसी मशीन बनाने की जरूरत?
पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की गई है। जापान, यूरोप और एशिया के कई हिस्सों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।
ऐसी परिस्थितियों में बाहर काम करने वाले लोगों—जैसे निर्माण श्रमिक, डिलीवरी कर्मचारी, ट्रैफिक पुलिस, फैक्ट्री वर्कर और अन्य फील्ड स्टाफ—को हीटस्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है।
इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए जापान की कंपनी SDRS ने Do Hiemon Box नाम का यह वॉक-इन कूलिंग बूथ विकसित किया है।
कैसे करता है काम?
इस मशीन का संचालन बेहद आसान है।
- व्यक्ति बूथ के अंदर प्रवेश करता है।
- अंदर लगी कुर्सी पर बैठ जाता है।
- दरवाजा बंद होने के बाद कूलिंग सिस्टम सक्रिय हो जाता है।
- नियंत्रित ठंडी हवा पूरे शरीर को तेजी से ठंडा करती है।
- लगभग 5 मिनट बाद व्यक्ति पहले की तुलना में काफी अधिक आराम महसूस करता है।
कंपनी का कहना है कि यह तकनीक शरीर को सुरक्षित तरीके से ठंडा करने के लिए डिजाइन की गई है।
कितनी है कीमत?
जापानी कंपनी के अनुसार,
- इसकी कीमत लगभग 15 लाख जापानी येन है।
- भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 9 लाख रुपये बैठती है।
हालांकि यह व्यक्तिगत उपयोग के बजाय कंपनियों, फैक्ट्रियों, औद्योगिक इकाइयों, सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों के लिए अधिक उपयुक्त माना जा रहा है।
किन जगहों पर लगाया जा रहा है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अप्रैल में बिक्री शुरू होने के बाद जापान में इस कूलिंग बूथ को कई सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थलों पर लगाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक बड़े स्तर पर अपनाई जाती है, तो गर्मियों में हीट एक्सॉशन और हीटस्ट्रोक के मामलों को कम करने में मदद मिल सकती है।
क्या भारत में भी हो सकता है उपयोग?
भारत में भी हर साल कई राज्यों में तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे में यदि इस तरह के कूलिंग बूथ रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएं तो तेज गर्मी से राहत मिल सकती है।
हालांकि इसकी ऊंची कीमत फिलहाल बड़े पैमाने पर इसे अपनाने में चुनौती बन सकती है।
निष्कर्ष
जापान का ह्यूमन रेफ्रिजरेटर बढ़ती गर्मी और हीटवेव से निपटने के लिए विकसित एक नई तकनीक है। महज पांच मिनट में शरीर को ठंडा करने का दावा करने वाला यह वॉक-इन कूलिंग बूथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हर्ष गोयनका की पोस्ट के बाद इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई है। आने वाले समय में यदि इसकी कीमत कम होती है, तो यह तकनीक दुनिया के कई गर्म देशों में उपयोगी साबित हो सकती है।


