देश के सबसे बड़े कारोबारी समूह टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी Tata Sons एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी की संभावित लिस्टिंग को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार बहस चल रही है। इसी बीच एक अहम बदलाव सामने आया है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के तीनों बच्चे—लिया टाटा, माया टाटा और नेविल टाटा—पहली बार Tata Sons के शेयरहोल्डर बन गए हैं।
कंपनी के FY26 के दस्तावेजों के अनुसार, तीनों को अपनी दादी सिमोन टाटा से विरासत में Tata Sons के दो-दो शेयर मिले हैं। बाजार में Tata Sons के एक शेयर की अनुमानित कीमत करीब ₹4 करोड़ से ₹5 करोड़ के बीच मानी जाती है। ऐसे में प्रत्येक उत्तराधिकारी को लगभग ₹8-10 करोड़ मूल्य के शेयर मिले हैं।
सिमोन टाटा की विरासत से मिला शेयरहोल्डिंग का अधिकार
FY25 के दस्तावेजों के अनुसार, सिमोन टाटा के पास Tata Sons के कुल आठ शेयर थे। दिसंबर 2025 में उनके निधन के बाद ये शेयर उनके कानूनी उत्तराधिकारियों के बीच बांटे गए।
इस बंटवारे के बाद:
- नोएल टाटा की हिस्सेदारी 4,058 शेयरों से बढ़कर 4,060 शेयर हो गई।
- लिया टाटा को 2 शेयर मिले।
- माया टाटा को 2 शेयर मिले।
- नेविल टाटा को 2 शेयर मिले।
यही पहली बार है जब नोएल टाटा के तीनों बच्चे Tata Sons के आधिकारिक शेयरहोल्डर बने हैं।
टाटा ग्रुप में पहले से निभा रहे हैं अहम जिम्मेदारी
लिया, माया और नेविल टाटा पहले से ही टाटा ग्रुप की विभिन्न कंपनियों और बिजनेस ऑपरेशंस में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अब Tata Sons में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी मिलने के बाद भविष्य में समूह के नेतृत्व और उत्तराधिकार को लेकर भी इनकी भूमिका और महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Tata Sons में किसके पास कितने शेयर?
Tata Sons के प्रमुख व्यक्तिगत शेयरधारकों में कई पुराने टाटा परिवार के सदस्य शामिल हैं।
- नोएल टाटा – 4,060 शेयर
- जिमी टाटा – 3,262 शेयर
- रतन टाटा – 3,368 शेयर (अब भी उनके नाम पर दर्ज)
- शापूर मिस्त्री – 54 शेयर
- फिरोज मिस्त्री – 27 शेयर
- जहान मिस्त्री – 27 शेयर
- पीलू टाटा – 487 शेयर
- जिमी टाटा (पीलू टाटा के पुत्र) – 157 शेयर
- वीरा चोकसी – 157 शेयर
- ऐश्वर्या, भवानी और जय प्रतापसिंह चौहान – एक-एक शेयर
इनमें अधिकांश शेयर परिवार के सदस्यों को विरासत के माध्यम से प्राप्त हुए हैं।
रतन टाटा के शेयरों का ट्रांसफर अभी बाकी
दिवंगत रतन टाटा का नाम अभी भी Tata Sons के शेयरधारकों की सूची में दर्ज है। उनकी वसीयत के अनुसार, उनके 3,368 शेयर दो चैरिटेबल फाउंडेशन को हस्तांतरित किए जाने हैं। हालांकि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए रिकॉर्ड में फिलहाल उनके नाम पर ही शेयर दर्ज हैं।
Tata Trusts की है सबसे बड़ी हिस्सेदारी
Tata Sons में सबसे बड़ी हिस्सेदारी Tata Trusts के पास है। ट्रस्ट की कंपनी में करीब 66% हिस्सेदारी है, जिससे समूह के रणनीतिक फैसलों में उसकी अहम भूमिका बनी रहती है।
दूसरी ओर, Tata Sons ने पिछले कई दशकों से अपनी इक्विटी कैपिटल में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। यही वजह है कि कंपनी के शेयर बेहद सीमित हैं और उनका अनुमानित मूल्य करोड़ों रुपये में आंका जाता है।
Tata Sons की लिस्टिंग पर बनी हुई है नजर
हाल के महीनों में Tata Sons की संभावित लिस्टिंग को लेकर बाजार में काफी चर्चा रही है। हालांकि कंपनी ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। इसके बावजूद Tata Sons की शेयरहोल्डिंग में होने वाले हर बदलाव पर निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर बनी रहती है।


