Kanwar Yatra 2026: सावन के पावन महीने में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर उत्तर भारत के कई राज्यों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है, जबकि कई राज्यों ने अतिरिक्त बस सेवाएं शुरू की हैं। वहीं, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने आम यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी और ट्रेन-बस के शेड्यूल की जानकारी लेने की अपील की है।
Highlights
- कांवड़ यात्रा के दौरान रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनें शुरू कीं।
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख मार्ग अस्थायी रूप से बंद रहेंगे।
- गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और मिर्जापुर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू।
- हरियाणा रोडवेज ने हरिद्वार के लिए अतिरिक्त बसों की तैयारी की।
- प्रशासन ने CCTV, ड्रोन और ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की।
हरिद्वार के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाएगा रेलवे
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर रेलवे ने हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष ट्रेन सेवाओं का ऐलान किया है।
दिल्ली-सहारनपुर MEMU ट्रेन का विस्तार
30 जुलाई से 14 अगस्त तक दिल्ली-सहारनपुर MEMU ट्रेन को हरिद्वार तक बढ़ाया गया है। यह ट्रेन दिल्ली से शाम 4:15 बजे रवाना होकर रात 8:50 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। वहां 20 मिनट रुकने के बाद रुड़की और ज्वालापुर होते हुए रात 10:50 बजे हरिद्वार पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन रात 2 बजे हरिद्वार से चलकर सुबह 8:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी।
दिल्ली-शामली DEMU ट्रेन भी पहुंचेगी हरिद्वार
इसी अवधि के दौरान दिल्ली-शामली DEMU ट्रेन को भी शामली, थाना भवन, रामपुर मनिहारन और टपरी के रास्ते हरिद्वार तक संचालित किया जाएगा, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
दो मेला स्पेशल ट्रेनें भी चलेंगी
उत्तर रेलवे ने कांवड़ मेले के दौरान दो विशेष मेला ट्रेनें भी शुरू करने का फैसला किया है।
- हरिद्वार-दिल्ली शाहदरा मेला स्पेशल (30 जुलाई से 13 अगस्त)
- योगनगरी ऋषिकेश-दिल्ली शाहदरा मेला स्पेशल (30 जुलाई से 14 अगस्त)
इन ट्रेनों का संचालन टपरी मार्ग से किया जाएगा।
हरियाणा रोडवेज बढ़ाएगा बसों की संख्या
हरियाणा रोडवेज ने भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। फिलहाल बल्लभगढ़ से हरिद्वार के बीच प्रतिदिन दो बसें संचालित हो रही हैं। यदि यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो अतिरिक्त बसें भी चलाई जाएंगी।
बस का किराया पहले की तरह ₹385 प्रति यात्री रखा गया है।
गाजियाबाद में ट्रैफिक डायवर्जन, भारी वाहनों पर रोक
गाजियाबाद पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान विस्तृत ट्रैफिक प्लान जारी किया है।
29 जुलाई से 12 अगस्त तक
- भारी मालवाहक वाहनों की एंट्री बंद रहेगी।
- वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, NH-9 और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
- गंगा नहर ट्रैक, कांवड़ मार्ग, पाइपलाइन रोड, NH-34 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
5 अगस्त से 12 अगस्त तक
इस अवधि में कई इलाकों में कार, टेम्पो, पिकअप और अन्य हल्के कमर्शियल वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा।
इसके अलावा—
- कुछ रूटों पर ऑटो-रिक्शा सेवा बंद रहेगी।
- रोडवेज, निजी और इलेक्ट्रिक बसों को सीमापुरी बॉर्डर और तुलसी निकेतन मार्ग से प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे रहेगा बंद
प्रशासन के अनुसार 7 अगस्त से 12 अगस्त तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश वाला हिस्सा यातायात के लिए बंद रहेगा।
इस दौरान मेरठ, हरिद्वार और मुजफ्फरनगर जाने वाले यात्रियों को निम्न वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
- राष्ट्रीय राजमार्ग NH-9
मुजफ्फरनगर में भी लागू होंगी पाबंदियां
मुजफ्फरनगर प्रशासन ने भी कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है।
- 30 जुलाई से दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और गंगा नहर रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी।
- 4 अगस्त से 12 अगस्त तक इन मार्गों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।
- हाईवे का एक हिस्सा केवल कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा।
मिर्जापुर में एक महीने तक ट्रैफिक डायवर्जन
मिर्जापुर जिला प्रशासन ने 31 जुलाई से 28 अगस्त तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने की घोषणा की है।
इस दौरान दूध, पेट्रोलियम उत्पाद और स्कूल सामग्री जैसी आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। कांवड़ियों की सुविधा के लिए कई वैकल्पिक मार्ग भी तय किए गए हैं।
सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं।
- संवेदनशील क्षेत्रों में CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
- ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
- अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।
- एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाओं के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है।
- प्रमुख स्नान घाटों पर अस्थायी पुलिस चौकियां और गोताखोर तैनात रहेंगे।
यात्रियों के लिए प्रशासन की सलाह
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं और आम यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे की ट्रेनों का लेटेस्ट शेड्यूल, बस सेवाओं की उपलब्धता और संबंधित जिलों की ट्रैफिक एडवाइजरी अवश्य जांच लें। कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ के अनुसार ट्रैफिक व्यवस्था और परिवहन सेवाओं में समय-समय पर बदलाव किया जा सकता है।
निष्कर्ष
कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए रेलवे, राज्य परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। स्पेशल ट्रेनें, अतिरिक्त बस सेवाएं, ट्रैफिक डायवर्जन और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के जरिए लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, आम यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय वैकल्पिक मार्गों और प्रशासन द्वारा जारी ताजा एडवाइजरी का पालन करें।


