Kospi Crash: वैश्विक चिप सेक्टर में आई जबरदस्त बिकवाली का असर अब दुनिया के प्रमुख शेयर बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर सूचकांक कोस्पी (Kospi) एक ही कारोबारी सत्र में 10% से अधिक टूट गया, जिसके बाद एक्सचेंज को लगभग 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हीनिक्स जैसे दिग्गज चिप शेयरों में तेज बिकवाली रही। AI सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंताओं, चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और टेक शेयरों में ग्लोबल सेलऑफ ने निवेशकों में घबराहट बढ़ा दी।
20 मिनट के लिए क्यों रोकनी पड़ी ट्रेडिंग?
दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स Kospi कारोबार के दौरान 724.37 अंक (10.73%) गिरकर 6,031.38 पर पहुंच गया। इतनी तेज गिरावट के चलते एक्सचेंज के सर्किट ब्रेकर सक्रिय हो गए और लगभग 20 मिनट तक ट्रेडिंग रोक दी गई।
यह सिर्फ दक्षिण कोरिया तक सीमित नहीं रहा। जापान का Nikkei 225 और ताइवान का Taiex भी 4% से अधिक फिसल गए, जिससे एशियाई बाजारों में व्यापक बिकवाली देखने को मिली।
Kospi Crash की 3 बड़ी वजहें
1. AI निवेश और ऊंची वैल्यूएशन पर बढ़ी चिंता
पिछले दो वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई थी। लेकिन अब निवेशकों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या कंपनियां लंबे समय तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर इतनी बड़ी रकम खर्च करती रहेंगी।
दिग्गज चिप कंपनी Nvidia की अरबों डॉलर की AI डील के बावजूद उसके शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। इससे पूरे ग्लोबल सेमीकंडक्टर सेक्टर में बिकवाली तेज हो गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI शेयरों में पहले जो उत्साह था, वह अब धीरे-धीरे डर में बदलता नजर आ रहा है और निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं।
2. चीन की बढ़ती ताकत से बढ़ा दबाव
चीन की टेक कंपनियों की तेज प्रगति भी वैश्विक निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।
रिपोर्टों के अनुसार, चीन की एक सरकारी कंपनी ने DUV (Deep Ultraviolet) Lithography मशीनों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है। यदि चीन इस तकनीक में आत्मनिर्भर होता है तो डच कंपनी ASML जैसी वैश्विक कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा चीन की मेमोरी चिप निर्माता ChangXin Memory Technologies (CXMT) की तेज प्रगति ने भी वैश्विक चिप उद्योग में प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है। इससे निवेशकों को डर है कि आने वाले वर्षों में स्थापित कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है।
3. Samsung और SK Hynix में भारी बिकवाली
दक्षिण कोरिया के बाजार में सबसे बड़ा दबाव देश की दो दिग्गज चिप कंपनियों के शेयरों से आया।
- SK Hynix का शेयर करीब 10% टूट गया।
- Samsung Electronics के शेयर में लगभग 9.15% की गिरावट दर्ज की गई।
SK Hynix के अमेरिकी ADR (American Depositary Receipts) में आई तेज गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया।
चूंकि इन दोनों कंपनियों का Kospi इंडेक्स में संयुक्त वेटेज बेहद अधिक है, इसलिए इनके टूटते ही पूरा इंडेक्स भारी दबाव में आ गया।
एशियाई बाजारों पर भी दिखा असर
दक्षिण कोरिया के अलावा अन्य एशियाई बाजार भी बिकवाली की चपेट में आ गए।
- जापान का Nikkei 225 4% से अधिक गिर गया।
- ताइवान का Taiex भी 4% से ज्यादा फिसल गया।
- वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में व्यापक कमजोरी देखने को मिली।
विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों की नजर AI सेक्टर की भविष्य की ग्रोथ, कंपनियों की कमाई और चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर बनी रहेगी।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि टेक और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। यदि AI निवेश की गति धीमी पड़ती है या चीन की तकनीकी प्रगति तेज रहती है, तो वैश्विक चिप कंपनियों के शेयरों पर दबाव जारी रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह सेक्टर अभी भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन निवेश से पहले जोखिम और वैल्यूएशन का आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


