Market Insight: भारतीय शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर आज की बड़ी F&O एक्सपायरी पर है। हालांकि विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन कई ऐसे संकेत हैं जो बाजार में तेजी की नई उम्मीद जगा रहे हैं। CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का मानना है कि बाजार में रिकॉर्ड स्तर की शॉर्ट पोजिशन बनी हुई हैं और अगर निफ्टी पिछले दिन का हाई पार कर लेता है तो बड़ी शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है। उनका कहना है कि इस बार IT सेक्टर की रैली कमजोर पड़ती नहीं दिख रही, जबकि मिडकैप IT शेयर निवेशकों के लिए सबसे मजबूत दांव बने हुए हैं।
बाजार के पक्ष में बन रहे हैं कई मजबूत संकेत
अनुज सिंघल के मुताबिक एशियाई बाजारों की कमजोरी से भारतीय बाजार को घबराने की जरूरत नहीं है। उनका कहना है कि भारतीय बाजार की दिशा तय करने में सबसे बड़ा फैक्टर फिलहाल कच्चे तेल की कीमतें हैं। राहत की बात यह है कि क्रूड ऑयल की कीमतें नियंत्रण में बनी हुई हैं, जिससे भारत जैसे आयातक देश को फायदा मिलता है।
उन्होंने कहा कि:
- कच्चे तेल में नरमी बाजार के लिए सकारात्मक है।
- रुपये में मजबूती भी घरेलू बाजार को सपोर्ट दे रही है।
- बैंकिंग सेक्टर के लिए मौजूदा माहौल अनुकूल नजर आ रहा है।
- हालांकि FIIs की कैश मार्केट में बिकवाली अभी भी थोड़ा दबाव बना सकती है।
- आज मासिक F&O एक्सपायरी होने के कारण वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।
रिकॉर्ड शॉर्ट पोजिशन से बन सकता है बड़ा शॉर्ट कवरिंग मूव
अनुज सिंघल का कहना है कि बाजार ने अपनी महत्वपूर्ण सपोर्ट रेंज को बचाए रखा है। ऐसे में यदि निफ्टी पिछले कारोबारी सत्र का हाई पार कर लेता है तो बाजार में बड़ी शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है।
उनके अनुसार अब बाजार में धीरे-धीरे पैसा फिर से लॉन्ग साइड की ओर लौटने की संभावना बन रही है। यही वजह है कि चुनिंदा सेक्टरों और स्टॉक्स में तेजी का सिलसिला जारी रह सकता है।
IT सेक्टर क्यों बना सबसे बड़ा दांव?
अनुज सिंघल का मानना है कि इस बार IT सेक्टर की तेजी केवल शॉर्ट टर्म रैली नहीं है। टेक्निकल चार्ट और ट्रेंडलाइन दोनों इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि IT शेयरों में अभी और मजबूती देखने को मिल सकती है।
उन्होंने खासतौर पर कहा कि:
- मिडकैप IT अभी सबसे मजबूत सेक्टर बना हुआ है।
- कोफोर्ज के तिमाही नतीजों पर बाजार की प्रतिक्रिया बेहद अहम रहेगी।
- इंफोसिस में मल्टी-ईयर लो से मजबूत रिकवरी की संभावना है।
- TCS और HCL Tech में भी बेहतर अपसाइड देखने को मिल सकता है।
ग्लोबल चिप सेक्टर में दबाव क्यों बढ़ा?
वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों में एक बार फिर दबाव देखने को मिला है।
मुख्य वजहें:
- AI डील्स को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Nvidia के शेयरों में करीब 5% की गिरावट।
- Nvidia ने बताया कि वह लगभग 750 अरब डॉलर की नई AI डील्स पर काम कर रही है।
- कंपनी के कर्ज को डिफॉल्ट से बचाने की लागत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई।
- SK Hynix ADR अपने IPO प्राइस 149 डॉलर से नीचे फिसल गया।
- चीन की सरकारी कंपनी द्वारा चिप निर्माण मशीनों पर काम शुरू होने से ASML की भविष्य की बिक्री पर दबाव बढ़ सकता है।
- इस खबर के बाद ASML के शेयरों में लगभग 6% की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि अनुज सिंघल का मानना है कि ग्लोबल चिप शेयरों में कमजोरी भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है।
बाजार में अभी भी हैं शानदार स्टॉक स्पेसिफिक मौके
अनुज सिंघल के अनुसार पिछले कुछ दिनों में निफ्टी लगभग 300 अंक की तेजी दिखा चुका है। अब बाजार अपनी रेंज के मध्य स्तर पर पहुंच चुका है।
उनका कहना है कि:
- निचला स्तर लगभग 23,800 माना जा सकता है।
- ऊपरी स्तर फिलहाल 24,300 तक दिखाई देता है।
- जिन निवेशकों के पास पहले से लॉन्ग पोजिशन हैं, वे पिछले दिन के लो को स्टॉप लॉस मानकर बने रह सकते हैं।
- यदि निफ्टी पिछले दिन का हाई पार करता है तो लॉन्ग पोजिशन बढ़ाई जा सकती है।
आज किन कंपनियों के नतीजों पर रहेगी नजर?
आज कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
इनमें प्रमुख हैं:
- HUL
- L&T
- कोफोर्ज
अनुज सिंघल का मानना है कि यदि HUL की वॉल्यूम ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रहती है तो FMCG सेक्टर में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं L&T के नतीजों से ज्यादा उसकी मैनेजमेंट कमेंट्री निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगी।
निफ्टी ट्रेडिंग रणनीति
| स्तर | आंकड़ा |
|---|---|
| ऑप्शन राइटर्स की रेंज | 23,800–24,100 |
| पिछले दिन का लो | 23,891 |
| पिछले दिन का हाई | 24,012 |
| प्रमुख रेजिस्टेंस | 24,050–24,100 |
| ब्रेकआउट लक्ष्य | 24,300 |
| खरीदारी जोन | 23,900–23,950 |
| स्टॉप लॉस | 23,850 |
यदि निफ्टी 24,100 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो अगला लक्ष्य 24,300 तक बन सकता है।
बैंक निफ्टी ट्रेडिंग रणनीति
| स्तर | आंकड़ा |
|---|---|
| बेसिक रेंज | 56,800–57,350 |
| खरीदारी जोन | 56,700–56,900 |
| खरीदारी स्टॉप लॉस | 56,500 |
| बिकवाली जोन | 57,300–57,450 (रिजेक्शन पर) |
| सेल स्टॉप लॉस | 57,550 |
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
बाजार की मौजूदा चाल को देखते हुए निवेशकों को इंडेक्स की बजाय स्टॉक स्पेसिफिक अप्रोच अपनानी चाहिए। IT, चुनिंदा बैंकिंग और ऊर्जा से जुड़े शेयर फिलहाल बेहतर अवसर प्रदान कर सकते हैं। हालांकि F&O एक्सपायरी के कारण दिनभर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, इसलिए ट्रेडिंग में उचित स्टॉप लॉस का पालन करना जरूरी रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए बाजार संबंधी विचार एक्सपर्ट के निजी विचार हैं। NewsJagran.in या इसका प्रबंधन किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या SEBI-पंजीकृत निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


