Greater Noida Double Decker Flyover: एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट और दिल्ली के बीच रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से जल्द राहत मिल सकती है। उत्तर प्रदेश का पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर ग्रेटर नोएडा में बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब ₹900 करोड़ की लागत से बनने वाला यह छह लेन का एलिवेटेड फ्लाईओवर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 130 मीटर रोड को शाहबेरी, क्रॉसिंग रिपब्लिक और सीधे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (NH-9) से जोड़ेगा। इसके पूरा होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा की यात्रा पहले के मुकाबले काफी तेज और आसान हो जाएगी।
यूपी का पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर बनेगा ग्रेटर नोएडा में
ग्रेटर नोएडा लगातार एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित हो रहे रिहायशी क्षेत्रों में शामिल होता जा रहा है। बड़ी संख्या में नई हाउसिंग सोसायटियां और हाई-राइज प्रोजेक्ट बनने से आबादी तेजी से बढ़ी है, लेकिन सड़क और परिवहन ढांचा उसी रफ्तार से विकसित नहीं हो पाया।
इसी समस्या को दूर करने के लिए अब उत्तर प्रदेश का पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर प्रस्तावित किया गया है। यह परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 130 मीटर चौड़ी सड़क को शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक के रास्ते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ेगी, जिससे रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
₹900 करोड़ की लागत से बनेगा छह लेन फ्लाईओवर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब ₹900 करोड़ खर्च किए जाएंगे। फ्लाईओवर को छह लेन का बनाया जाएगा और इसे डबल-डेकर डिजाइन में विकसित किया जाएगा।
इस परियोजना की प्रमुख विशेषताएं:
- करीब ₹900 करोड़ की अनुमानित लागत।
- छह लेन का एलिवेटेड डबल-डेकर फ्लाईओवर।
- ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 130 मीटर रोड को NH-9 से सीधा कनेक्शन।
- शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक के रास्ते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक आसान पहुंच।
- अलग-अलग प्रकार के वाहनों के लिए अलग लेन की व्यवस्था।
इस डिजाइन से सड़क की क्षमता बढ़ेगी और पीक आवर्स में ट्रैफिक जाम काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
दिल्ली और गाजियाबाद का सफर होगा आसान
आज शाहबेरी और आसपास के इलाकों में संकरी सड़कों और भारी ट्रैफिक के कारण लोगों को रोजाना लंबे जाम का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर ऑफिस टाइम में दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों का काफी समय ट्रैफिक में बर्बाद होता है।
फ्लाईओवर बनने के बाद:
- दिल्ली पहुंचने का समय कम होगा।
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच मिलेगी।
- गाजियाबाद और नोएडा के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
- शाहबेरी क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
- हजारों दैनिक यात्रियों को राहत मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट को मिलेगा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट
पिछले कुछ वर्षों में ग्रेटर नोएडा वेस्ट एनसीआर का बड़ा रिहायशी हब बनकर उभरा है। यहां हजारों फ्लैट्स तैयार हो चुके हैं और कई नई परियोजनाओं पर काम जारी है।
हालांकि आबादी बढ़ने के साथ सड़क, फ्लाईओवर और सार्वजनिक सुविधाओं की मांग भी तेजी से बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डबल-डेकर फ्लाईओवर पूरे इलाके के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती देगा।
रियल एस्टेट सेक्टर को भी मिलेगा फायदा
एयू रियल एस्टेट के निदेशक आशीष अग्रवाल के अनुसार, यह परियोजना इस बात का संकेत है कि अब ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विकास के अनुरूप बुनियादी ढांचे का विस्तार भी तेज गति से किया जा रहा है।
उनका कहना है कि फ्लाईओवर बनने से:
- ट्रैफिक जाम कम होगा।
- आवागमन आसान होगा।
- घर खरीदने वालों के लिए क्षेत्र और आकर्षक बनेगा।
- संपत्तियों की मांग में बढ़ोतरी हो सकती है।
विशेषज्ञ बोले- कनेक्टिविटी बढ़ने से निवेश भी बढ़ेगा
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सीआरसी ग्रुप के मार्केटिंग एवं बिजनेस मैनेजमेंट प्रमुख सलिल कुमार का कहना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क किसी भी शहर के विकास की सबसे बड़ी जरूरत होती है।
उन्होंने बताया कि इस फ्लाईओवर के बनने के बाद:
- NH-9 तक पहुंच आसान होगी।
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- क्रॉसिंग रिपब्लिक और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर सुगम होगा।
- रोजाना हजारों यात्रियों का समय बचेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां-जहां बड़े कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं, वहां रियल एस्टेट की मांग और निवेश दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।
एनसीआर के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है प्रोजेक्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पहचान एनसीआर के सबसे बेहतर कनेक्टिविटी वाले रिहायशी इलाकों में और मजबूत होगी। इससे न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी बल्कि रोजगार, निवेश और रियल एस्टेट सेक्टर को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।


