भारत के ई-कॉमर्स बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाने के बाद अब फ्लिपकार्ट ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेक्टर में कदम रखने की तैयारी कर रही है। यदि कंपनी का यह प्लान सफल रहता है, तो आने वाले समय में ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल इस बाजार में जोमैटो और स्विगी का दबदबा है, लेकिन फ्लिपकार्ट की एंट्री से प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।
कंपनी जल्द ही फूड डिलीवरी सर्विस का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। शुरुआती चरण में सीमित क्षेत्रों में इस सेवा का परीक्षण किया जाएगा। यदि ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है और संचालन सफल रहता है, तो इसे चरणबद्ध तरीके से देश के अन्य शहरों में भी लॉन्च किया जा सकता है।
अगले 30 दिनों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
फ्लिपकार्ट ग्रुप के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने जानकारी दी है कि कंपनी अगले 30 दिनों के भीतर फूड डिलीवरी सर्विस का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगी। शुरुआत में चुनिंदा इलाकों में टेस्टिंग की जाएगी, जहां कंपनी डिलीवरी नेटवर्क, ऑर्डर मैनेजमेंट और ग्राहक अनुभव का आकलन करेगी।
पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों के आधार पर कंपनी यह तय करेगी कि इस सेवा को बड़े स्तर पर देशभर में कब और कैसे शुरू किया जाए। फ्लिपकार्ट का मानना है कि फूड डिलीवरी ई-कॉमर्स इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह ग्राहकों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का एक बड़ा अवसर है।
पहली बार नहीं सामने आई ऐसी चर्चा
फूड डिलीवरी बिजनेस में फ्लिपकार्ट की एंट्री को लेकर यह पहली बार चर्चा नहीं हो रही है। इससे पहले भी इस साल की शुरुआत में खबरें सामने आई थीं कि कंपनी बेंगलुरु में फूड डिलीवरी सर्विस का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने पर विचार कर रही है।
उस समय यह भी कहा गया था कि फ्लिपकार्ट या तो अपनी अलग फूड डिलीवरी ऐप लॉन्च कर सकती है या फिर सरकार के Open Network for Digital Commerce (ONDC) के जरिए इस सेवा को शुरू करने का विकल्प चुन सकती है। हालांकि कंपनी की ओर से उस समय कोई आधिकारिक लॉन्च नहीं किया गया था।
Minutes नेटवर्क देगा बड़ा फायदा
फ्लिपकार्ट पिछले कुछ समय से अपने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Minutes का तेजी से विस्तार कर रही है। कंपनी कई शहरों में डार्क स्टोर नेटवर्क तैयार कर चुकी है और मिनटों में ग्रॉसरी व अन्य जरूरी सामान की डिलीवरी कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यही मौजूदा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क फूड डिलीवरी बिजनेस में भी फ्लिपकार्ट के लिए बड़ी ताकत साबित हो सकता है। पहले से मौजूद डिलीवरी पार्टनर, वेयरहाउस और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण कंपनी अपेक्षाकृत कम समय में अपनी नई सेवा का विस्तार कर सकती है।
Zomato और Swiggy के सामने बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
वर्तमान में भारत के ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार में जोमैटो और स्विगी की मजबूत पकड़ है। दोनों कंपनियां करोड़ों ग्राहकों तक अपनी सेवाएं पहुंचा रही हैं और हजारों रेस्तरां के साथ साझेदारी कर चुकी हैं।
यदि फ्लिपकार्ट इस सेक्टर में सफलतापूर्वक उतरती है, तो ग्राहकों को अधिक विकल्प, बेहतर ऑफर्स और प्रतिस्पर्धी कीमतों का लाभ मिल सकता है। वहीं रेस्तरां पार्टनर्स के लिए भी एक नया बड़ा प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा, जिससे उन्हें अधिक ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ेगी।
तेजी से बढ़ रहा है भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार
भारत में ऑनलाइन फूड डिलीवरी इंडस्ट्री पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। स्मार्टफोन और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच, डिजिटल पेमेंट्स का विस्तार, क्विक डिलीवरी की बढ़ती मांग और बदलती लाइफस्टाइल के कारण बड़ी संख्या में लोग घर बैठे खाना ऑर्डर करना पसंद कर रहे हैं।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह बाजार और तेजी से बढ़ेगा। इसी वजह से नई कंपनियां भी इस सेक्टर में निवेश करने और अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही हैं।
ग्राहकों को क्या मिल सकता है फायदा?
यदि फ्लिपकार्ट की फूड डिलीवरी सेवा सफल रहती है, तो ग्राहकों को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं, जैसे—
- फूड डिलीवरी के लिए एक नया विकल्प।
- आकर्षक लॉन्च ऑफर्स और डिस्काउंट।
- तेज डिलीवरी नेटवर्क का फायदा।
- फ्लिपकार्ट के मौजूदा लॉयल्टी और रिवॉर्ड प्रोग्राम का लाभ।
- बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण बेहतर कीमतें और बेहतर सेवा।
निष्कर्ष
फ्लिपकार्ट की फूड डिलीवरी सेक्टर में संभावित एंट्री भारतीय ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार के लिए एक बड़ा घटनाक्रम साबित हो सकती है। हालांकि फिलहाल कंपनी केवल पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है और राष्ट्रीय स्तर पर सेवा लॉन्च करने का फैसला उसके परिणामों पर निर्भर करेगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में जोमैटो और स्विगी को एक मजबूत प्रतिस्पर्धी का सामना करना पड़ सकता है।


