अगर आप नियमित रूप से Diet Coke पीते हैं, तो यह खबर आपके बजट पर असर डाल सकती है। भारत में अब डाइट कोक खरीदने के लिए पहले से अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रम का असर अब वैश्विक सप्लाई चेन पर साफ दिखाई देने लगा है। इसी वजह से Coca-Cola ने भारत में डाइट कोक के पैक साइज और कीमत में बदलाव किया है।
अब बाजार में पहले की तरह 300ml का कैन कम देखने को मिलेगा। उसकी जगह 330ml का नया कैन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी कीमत पहले की तुलना में अधिक रखी गई है। हालांकि कंपनी ने इस बदलाव को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन बाजार में नई पैकेजिंग और कीमत लागू होने लगी है।
क्यों महंगी हुई Diet Coke?
जानकारी के अनुसार, ईरान से जुड़े संघर्ष और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर समुद्री व्यापार पर पड़ा है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के जरिए होने वाली माल ढुलाई प्रभावित हुई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा माल और औद्योगिक उत्पादों का परिवहन होता है।
सप्लाई में आई रुकावट के कारण एल्युमिनियम कैन की उपलब्धता प्रभावित हुई है। ऐसे में Coca-Cola को भारत के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया से बड़े आकार के कैन आयात करने पड़ रहे हैं। इससे कंपनी की लागत बढ़ी है, जिसका असर अब उपभोक्ताओं पर भी दिखाई दे रहा है।
भारत में क्या बदला?
अब तक भारत में डाइट कोक का सबसे लोकप्रिय पैक 300ml का कैन था, जिसकी कीमत 40 रुपये थी। लेकिन अब कंपनी धीरे-धीरे 330ml का कैन उपलब्ध करा रही है, जिसकी कीमत 50 रुपये रखी गई है।
हालांकि नए कैन में 30ml अतिरिक्त पेय मिलता है, लेकिन कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी के कारण उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। प्रति मिलीलीटर लागत के हिसाब से भी यह पहले से महंगा पड़ रहा है।
300ml और 330ml पैक का अंतर
| पैक साइज | पुरानी कीमत | नई कीमत |
|---|---|---|
| 300ml कैन | ₹40 | सीमित उपलब्धता |
| 330ml कैन | उपलब्ध नहीं | ₹50 |
विशेषज्ञों के अनुसार, नए पैक के साथ प्रति मिलीलीटर कीमत में लगभग 13.6% तक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
200ml ग्लास बोतल भी बाजार में
सप्लाई की चुनौती को देखते हुए Coca-Cola के कुछ बॉटलिंग पार्टनर्स ने 200ml की कांच की बोतलों में भी Diet Coke की आपूर्ति शुरू की है। हालांकि यह विकल्प हर शहर में उपलब्ध नहीं है और कई जगह इसकी कीमत कैन के मुकाबले अधिक बताई जा रही है।
इसका उद्देश्य उन बाजारों में डाइट कोक की उपलब्धता बनाए रखना है, जहां एल्युमिनियम कैन की कमी अधिक महसूस की जा रही है।
पहले भी चर्चा में रही थी Diet Coke की कमी
यह पहली बार नहीं है जब भारत में Diet Coke की उपलब्धता चर्चा का विषय बनी हो। कुछ समय पहले भी दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों में डाइट कोक की कमी देखने को मिली थी। उस दौरान सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसकी उपलब्धता को लेकर पोस्ट साझा किए थे।
दिलचस्प बात यह रही कि कुछ पब और इन्फ्लुएंसर्स ने इस ट्रेंड को थीम बनाकर विशेष इवेंट आयोजित किए थे, जहां लोगों को एंट्री टिकट के साथ Diet Coke पर आधारित अनुभव और म्यूजिक इवेंट का हिस्सा बनाया गया था।
उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर?
यदि आप नियमित रूप से Diet Coke खरीदते हैं, तो अब आपको पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ सकता है। हालांकि कंपनी ने पैक साइज भी बढ़ाया है, लेकिन कीमत में हुई बढ़ोतरी का असर उपभोक्ताओं के मासिक खर्च पर दिखाई दे सकता है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव और सप्लाई चेन की चुनौतियां लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में अन्य आयातित पेय पदार्थों और पैकेज्ड फूड उत्पादों की कीमतों पर भी असर देखने को मिल सकता है।


