Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार, 24 जुलाई को लगातार दबाव में रहा और प्रमुख सूचकांक कमजोरी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 331.62 अंक टूटकर 76,059.77 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 102.15 अंक फिसलकर 23,767.45 के स्तर पर आ गया। बाजार में बिकवाली का असर ऑटो, मेटल और एनर्जी शेयरों में सबसे अधिक देखने को मिला। हालांकि आईटी और बैंकिंग शेयरों ने कुछ हद तक बाजार को संभालने की कोशिश की। अब निवेशकों की नजर 27 जुलाई के कारोबारी सत्र पर है, जहां घरेलू और वैश्विक संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे।
बाजार का हाल: गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख इंडेक्स
शुक्रवार के कारोबार में बाजार पूरे दिन उतार-चढ़ाव के बीच रहा। कारोबार समाप्त होने तक:
- सेंसेक्स: 331.62 अंक (0.43%) गिरकर 76,059.77
- निफ्टी 50: 102.15 अंक (0.43%) गिरकर 23,767.45
- करीब 2050 शेयरों में तेजी
- 1961 शेयरों में गिरावट
- 196 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, एटरनल, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), श्रीराम फाइनेंस और भारती एयरटेल शामिल रहे। वहीं HCL टेक्नोलॉजीज, विप्रो, सिप्ला, ITC और HDFC लाइफ बढ़त के साथ बंद हुए।
सेक्टरवार प्रदर्शन कैसा रहा?
बाजार में सेक्टर आधारित प्रदर्शन मिला-जुला रहा।
सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टर
- निफ्टी मीडिया : +1.8%
- निफ्टी IT : +0.8%
- निफ्टी PSU बैंक : +0.5%
- निफ्टी बैंक : +0.18%
सबसे ज्यादा गिरावट वाले सेक्टर
- निफ्टी ऑटो : -1.10%
- निफ्टी एनर्जी : -0.57%
- निफ्टी मेटल : -0.55%
- निफ्टी रियल्टी : -0.55%
- निफ्टी ऑयल एंड गैस : -0.46%
- निफ्टी फार्मा : -0.40%
- निफ्टी इंफ्रा : -0.40%
ब्रॉडर मार्केट में भी दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप 100 लगभग सपाट बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 0.3% की गिरावट दर्ज की गई।
क्यों बढ़ सकती है बाजार में कमजोरी?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार आने वाले दिनों में बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना रह सकता है।
उनका कहना है कि:
- कच्चे तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
- इससे महंगाई और आर्थिक वृद्धि दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।
- अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
- इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार ऊर्जा महंगाई, मजबूत अमेरिकी लेबर मार्केट और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख को लेकर चिंतित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परिस्थितियों में सितंबर में अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत हो सकती है। इसके अलावा अमेरिका द्वारा लगाए गए नए आयात शुल्क (टैरिफ) भी निर्यात आधारित अर्थव्यवस्थाओं के लिए चुनौती बन सकते हैं। ऐसे माहौल में टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव बना रह सकता है, जबकि मजबूत वैल्यूएशन और बेहतर क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीद से बैंकिंग शेयर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
27 जुलाई के लिए निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक
SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह के अनुसार:
सपोर्ट लेवल
- 23,650 – 23,600
यदि निफ्टी इस स्तर के नीचे टिकता है तो गिरावट बढ़ सकती है और इंडेक्स:
- 23,450
- 23,300
तक फिसल सकता है।
रेजिस्टेंस लेवल
- 23,950 – 24,000
यह क्षेत्र 50-दिवसीय EMA के आसपास है। यदि निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो बाजार में रिकवरी देखने को मिल सकती है।
बैंक निफ्टी का आउटलुक
सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी में शुरुआती कमजोरी जरूर रही, लेकिन निचले स्तरों से शानदार रिकवरी देखने को मिली।
मुख्य संकेत:
- इंडेक्स ने मजबूत बुलिश कैंडल बनाई।
- बैंक निफ्टी ने दोबारा अपना 200-डे EMA हासिल कर लिया।
- यह लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
बैंक निफ्टी रेजिस्टेंस
- 57,100 – 57,200
इस स्तर के ऊपर टिकने पर बैंक निफ्टी:
- 57,600
- 58,000
तक जा सकता है।
बैंक निफ्टी सपोर्ट
- 56,300 – 56,200
यदि यह स्तर टूटता है तो दोबारा दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति हो?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को:
- सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रखनी चाहिए।
- ऊंचे स्तरों पर जल्दबाजी में खरीदारी से बचना चाहिए।
- मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर फोकस रखना चाहिए।
- वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। NewsJagran.in किसी भी निवेश निर्णय की सलाह नहीं देता। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


