Success Story: सफलता के लिए हमेशा बड़े निवेश की जरूरत नहीं होती, बल्कि सही सोच, मेहनत और धैर्य सबसे बड़ी पूंजी साबित होते हैं। तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले शशि धरन ने इसका बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। महज 6 लाख रुपये की पूंजी और 1000 स्क्वायर फीट के बेसमेंट से शुरू किया गया उनका कारोबार आज करोड़ों रुपये की कंपनी बन चुका है। उनकी कंपनी कोवई कियोस्क (Kovai Kiosk) का सालाना टर्नओवर करीब ₹8 करोड़ है और यह 100 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रही है।
₹9000 की नौकरी से शुरू हुआ सफर
34 वर्षीय शशि धरन ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने करियर की शुरुआत सिर्फ ₹9000 प्रति माह की नौकरी से की थी। मेहनत और अनुभव के दम पर उनकी सैलरी धीरे-धीरे बढ़कर ₹60,000 प्रति माह तक पहुंच गई।
हालांकि, नौकरी के दौरान ही उनके मन में अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना था। कई साल तक इंडस्ट्री में काम करने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर उद्यमी बनने का फैसला किया।
सिर्फ 6 लाख रुपये से रखी बिजनेस की नींव
साल 2020 में शशि धरन ने अपने घर के 1000 स्क्वायर फीट के बेसमेंट से कंपनी की शुरुआत की।
शुरुआती निवेश के लिए उन्होंने—
- ₹2 लाख अपनी बचत से लगाए
- ₹4 लाख प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत लोन लिया।
बिजनेस के शुरुआती डेढ़ साल काफी चुनौतीपूर्ण रहे। उस दौरान उनकी पत्नी धनु, जो एक आईटी कंपनी में कार्यरत थीं, अपनी नौकरी की सैलरी से कंपनी का खर्च और कर्मचारियों का वेतन संभालती रहीं। यही सहयोग इस स्टार्टअप की सबसे बड़ी ताकत बना।
एक छोटे ऑर्डर ने बदल दी कंपनी की किस्मत
शुरुआत में कोवई कियोस्क होटल और रेस्टोरेंट के लिए कमर्शियल किचन इक्विपमेंट तैयार करती थी।
लेकिन वर्ष 2022 में एक ग्राहक ने उनसे ₹1.8 लाख का फिश फ्राई कियोस्क बनाने का ऑर्डर दिया। यह प्रोजेक्ट इतना सफल रहा कि इसके बाद कंपनी को देशभर से इसी तरह के कियोस्क के ऑर्डर मिलने लगे।
आज कंपनी छोटे फूड स्टॉल से लेकर बड़े कमर्शियल कियोस्क तक डिजाइन और तैयार करती है। हाल ही में कंपनी ने ₹60 लाख का एक बड़ा कियोस्क प्रोजेक्ट भी सफलतापूर्वक पूरा किया।
2 कर्मचारियों से 100 कर्मचारियों तक का सफर
जिस कंपनी की शुरुआत केवल 2 कर्मचारियों के साथ हुई थी, आज वहां 100 से अधिक लोग काम कर रहे हैं।
सिर्फ चार साल में कंपनी का संचालन घर के बेसमेंट से निकलकर 80,000 स्क्वायर फीट की आधुनिक फैक्ट्री तक पहुंच गया है। इससे उत्पादन क्षमता के साथ-साथ कारोबार भी कई गुना बढ़ा है।
अब पोर्टेबल कैप्सूल हाउस भी बना रही है कंपनी
कोवई कियोस्क अब केवल कियोस्क और किचन इक्विपमेंट तक सीमित नहीं है। कंपनी पोर्टेबल कैप्सूल हाउस भी तैयार कर रही है।
ये ऐसे आधुनिक घर हैं जिन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से ले जाया जा सकता है। रिसॉर्ट, फार्महाउस और गार्डन प्रोजेक्ट्स में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
आज ₹8 करोड़ का कारोबार
वर्तमान में कंपनी का वार्षिक कारोबार करीब ₹8 करोड़ तक पहुंच चुका है।
कंपनी की आय का स्रोत इस प्रकार है—
- 60% आय – कियोस्क निर्माण
- 20% आय – कमर्शियल किचन इक्विपमेंट
- 20% आय – कैप्सूल हाउस
JSW और HCL जैसी बड़ी कंपनियां हैं ग्राहक
आज शशि धरन की कंपनी के क्लाइंट्स में कई प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
- JSW Steel
- HCL
- Wondrela
जैसी कंपनियां शामिल हैं। इससे उनकी कंपनी की गुणवत्ता और विश्वसनीयता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सफलता का मंत्र
शशि धरन का मानना है कि बिजनेस में सफलता रातों-रात नहीं मिलती। उनका कहना है कि हर नए उद्यमी को कम से कम 5 से 6 साल तक लगातार मेहनत, धैर्य और संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।
उनके अनुसार, संघर्ष कभी खत्म नहीं होता, बल्कि समय के साथ उसका स्वरूप बदलता रहता है। इसलिए सफलता पाने के लिए निरंतर सीखना, धैर्य रखना और काम करते रहना सबसे जरूरी है।
निष्कर्ष
शशि धरन की कहानी बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि इरादे मजबूत हों तो छोटी शुरुआत भी बड़ी सफलता में बदल सकती है। ₹9000 की नौकरी से लेकर ₹8 करोड़ के कारोबार तक का उनका सफर उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपना स्टार्टअप शुरू करने का सपना देखते हैं। सही योजना, परिवार का सहयोग और लगातार मेहनत किसी भी साधारण व्यक्ति को असाधारण सफलता दिला सकती है।


