मुंबई: दिग्गज फार्मा कंपनी सिप्ला लिमिटेड (Cipla) ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) सालाना आधार पर 39.2 प्रतिशत गिरकर 789.05 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 1,297.91 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। हालांकि, इस दौरान कंपनी की आय में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली, लेकिन बढ़ते खर्चों और लेखांकन प्रस्तुति में बदलाव का असर नतीजों पर दिखाई दिया।
ऑपरेशंस से आय में 2.3% की बढ़ोतरी
सिप्ला के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ऑपरेशंस से आय बढ़कर 7,119.28 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 6,957.47 करोड़ रुपये थी। यानी कंपनी की परिचालन आय में 2.3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 7,330.18 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 7,216.03 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार कुल आय में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली।
मार्केटिंग खर्च की प्रस्तुति में बदलाव का पड़ा असर
कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस तिमाही के आंकड़ों की तुलना करते समय एक महत्वपूर्ण लेखांकन बदलाव को ध्यान में रखना जरूरी है।
1 अप्रैल 2026 से कंपनी ने मार्केटिंग और प्रमोशनल खर्चों को दिखाने का तरीका बदल दिया है। पहले इन खर्चों को ‘अन्य खर्च’ (Other Expenses) के तहत सेल्स प्रमोशन खर्च के रूप में दर्ज किया जाता था, लेकिन अब इन्हें सीधे ऑपरेशंस से होने वाली आय में समायोजित किया जा रहा है।
जून 2025 तिमाही में इस बदलाव से जुड़ी राशि 115.24 करोड़ रुपये थी। यदि इस बदलाव का प्रभाव हटाकर तुलना की जाए तो पिछले वर्ष की समान तिमाही की परिचालन आय 6,842.23 करोड़ रुपये होती। इस आधार पर कंपनी की वास्तविक आय वृद्धि लगभग 4 प्रतिशत रही।
कंपनी ने यह भी साफ किया कि इस लेखांकन बदलाव का शुद्ध लाभ (Net Profit), प्रति शेयर आय (EPS), कुल इक्विटी या नकदी प्रवाह (Cash Flow) पर कोई असर नहीं पड़ा है।
खर्च में 14.7% की तेज बढ़ोतरी
तिमाही के दौरान कंपनी के कुल खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, कुल खर्च 14.7 प्रतिशत बढ़कर 6,248.25 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 5,446.10 करोड़ रुपये था।
विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ते खर्चों का असर सीधे कंपनी की लाभप्रदता पर पड़ा, जिसके चलते मुनाफे में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
सीईओ ने जताया भविष्य को लेकर भरोसा
सिप्ला के प्रबंध निदेशक (एमडी) और ग्लोबल सीईओ अचिन गुप्ता ने कहा कि कंपनी के प्रमुख बाजारों में मजबूत प्रदर्शन जारी है।
उन्होंने बताया कि कंपनी के ब्रांडेड प्रिस्क्रिप्शन बिजनेस ने शानदार वृद्धि दर्ज की है और प्रमुख थेरेपी सेगमेंट ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके अलावा ट्रेड जेनेरिक्स कारोबार में भी स्वस्थ वृद्धि देखने को मिली, जबकि कंज्यूमर हेल्थ बिजनेस के प्रमुख ब्रांड अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखने में सफल रहे।
अचिन गुप्ता ने कहा कि कंपनी को उत्तर अमेरिकी बाजार में आने वाले नए उत्पादों की मजबूत पाइपलाइन से आने वाली तिमाहियों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। साथ ही दक्षिण अफ्रीका का प्राइवेट बिजनेस भी बाजार की तुलना में तेज गति से बढ़ रहा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
हालांकि सिप्ला के तिमाही नतीजों में मुनाफे में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन कंपनी की आय में बढ़ोतरी और प्रमुख बाजारों में मजबूत कारोबार भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं। यदि आगामी तिमाहियों में खर्चों पर नियंत्रण और नए उत्पादों की बिक्री अपेक्षा के अनुसार बढ़ती है, तो कंपनी की लाभप्रदता में सुधार देखने को मिल सकता है।
प्रमुख बातें (Highlights)
- पहली तिमाही में शुद्ध मुनाफा 39.2% घटकर 789.05 करोड़ रुपये रहा।
- ऑपरेशंस से आय 2.3% बढ़कर 7,119.28 करोड़ रुपये हुई।
- कुल आय 1.6% बढ़कर 7,330.18 करोड़ रुपये रही।
- कुल खर्च 14.7% बढ़कर 6,248.25 करोड़ रुपये पहुंच गया।
- लेखांकन प्रस्तुति में बदलाव के बाद वास्तविक आय वृद्धि करीब 4% रही।
- कंपनी ने कहा कि बदलाव का EPS, नेट प्रॉफिट और कैश फ्लो पर कोई असर नहीं पड़ा।
- उत्तर अमेरिका और दक्षिण अफ्रीका के कारोबार से भविष्य में बेहतर वृद्धि की उम्मीद।


