नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद में बताया कि देशभर में अब तक 10,389 किलोमीटर लंबे नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाएं आवंटित की जा चुकी हैं। इनमें से 4,809 किलोमीटर सड़क नेटवर्क का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 5,580 किलोमीटर लंबाई के प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम जारी है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने सभी निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए केंद्र, राज्य और परियोजना स्तर पर एक समन्वित निगरानी तंत्र विकसित किया है। इसमें संबंधित राज्य सरकारों और अन्य सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिससे परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन संभव हो सके।
राजस्थान सबसे आगे, 1,192 किलोमीटर सड़क निर्माण पूरा
सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में सबसे अधिक 1,340 किलोमीटर लंबाई के नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स आवंटित किए गए हैं। इनमें से 1,192 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष 148 किलोमीटर पर निर्माण कार्य जारी है।
इन राज्यों में भी तेजी से बन रहे हाई-स्पीड कॉरिडोर
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार कई बड़े राज्यों में हाई-स्पीड सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है।
- पंजाब: 923 किमी परियोजनाएं, जिनमें 774 किमी पर निर्माण कार्य जारी।
- आंध्र प्रदेश: 893 किमी परियोजनाएं, 308 किमी निर्माण पूरा और 585 किमी पर कार्य जारी।
- उत्तर प्रदेश: 884 किमी परियोजनाएं, 388 किमी तैयार, 496 किमी पर निर्माण जारी।
- हरियाणा: 839 किमी परियोजनाएं, जिनमें 615 किमी का निर्माण पूरा हो चुका है।
- गुजरात: 764 किमी कॉरिडोर नेटवर्क में से 605 किमी का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए सरकार के बड़े कदम
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को गति देने के लिए कई प्रशासनिक और तकनीकी सुधार लागू किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- ‘भूमि राशि’ पोर्टल और जीआईएस आधारित भूमि अधिग्रहण प्रणाली के माध्यम से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
- ‘परिवेश’ पोर्टल को अपग्रेड कर पर्यावरण एवं वन संबंधी मंजूरियां पहले की तुलना में अधिक तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- रेलवे से संबंधित रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) परियोजनाओं के लिए जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग (GAD) की ऑनलाइन स्वीकृति व्यवस्था शुरू की गई है।
- राज्य सरकारों और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं का समय पर समाधान किया जा रहा है।
बेहतर समन्वय से बढ़ी परियोजनाओं की रफ्तार
सरकार का कहना है कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित मॉनिटरिंग और डिजिटल प्रक्रियाओं के इस्तेमाल से राष्ट्रीय राजमार्ग, हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के निर्माण कार्य में उल्लेखनीय तेजी आई है। इससे देश में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सड़क नेटवर्क विकसित करने के लक्ष्य को गति मिली है।


