FIIs Holding Stocks: भारतीय शेयर बाजार में पिछले एक साल के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कुल मिलाकर बिकवाली का रुख अपनाया है। महंगे वैल्यूएशन, कमजोर कॉर्पोरेट आय, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण विदेशी निवेशकों ने करीब 3.8 अरब डॉलर की नेट बिकवाली की। हालांकि, इस व्यापक बिकवाली के बीच कुछ चुनिंदा कंपनियां ऐसी भी रहीं, जिन पर FIIs का भरोसा लगातार मजबूत हुआ और उन्होंने लगातार चार तिमाहियों तक अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।
अगर आपके पोर्टफोलियो में भी ये शेयर शामिल हैं या आप नए निवेश के अवसर तलाश रहे हैं, तो इन कंपनियों पर नजर रखना आपके लिए उपयोगी हो सकता है।
बाजार से पैसा निकाला, लेकिन चुनिंदा शेयरों में बढ़ाया निवेश

जून 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, निफ्टी-100 की 80 कंपनियों के आंकड़ों में देखा गया कि विदेशी निवेशकों ने 63 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी घटाई, जबकि केवल 17 कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई।
इससे साफ संकेत मिलता है कि FIIs ने पूरे बाजार से दूरी नहीं बनाई, बल्कि चुनिंदा सेक्टर और कंपनियों में रणनीतिक निवेश जारी रखा।
इन शेयरों पर FIIs का सबसे ज्यादा भरोसा
चार लगातार तिमाहियों के दौरान विदेशी निवेशकों ने जिन कंपनियों में लगातार हिस्सेदारी बढ़ाई, उनमें प्रमुख नाम शामिल हैं—
- MTAR Technologies
- Knowledge Marine & Engineering Works
- Virtuoso Optoelectronics
- South Indian Bank
- Polycab India
- Committed Cargo Care
- UPL
- Shanti Educational Initiatives
- Great Eastern Shipping Company
- Waaree Energies
- Hitachi Energy India
- Vedanta
- Tata Capital
- Shriram Properties
- Deccan Cements
- Bank of Maharashtra
- Hindalco Industries
MTAR Technologies में सबसे बड़ी खरीदारी
विदेशी निवेशकों की सबसे अधिक दिलचस्पी MTAR Technologies में देखने को मिली।
| कंपनी | FIIs की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी |
|---|---|
| MTAR Technologies | 7.6% से बढ़कर 24.8% |
| Knowledge Marine & Engineering Works | 11.6 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी, कुल 12.1% |
| Virtuoso Optoelectronics | 9.1 प्रतिशत अंक बढ़कर 11.3% |
इसके अलावा South Indian Bank, Polycab India, Committed Cargo Care, UPL, Shanti Educational Initiatives, Great Eastern Shipping और Waaree Energies में भी FIIs ने 5.9 से 7.8 प्रतिशत अंक तक हिस्सेदारी बढ़ाई।
इन कंपनियों में भी लगातार बढ़ी विदेशी हिस्सेदारी
चार तिमाहियों के दौरान FIIs ने कई अन्य कंपनियों में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। इनमें प्रमुख हैं—
- R&B Denims
- Cummins India
- SAIL
- Max Financial Services
- Siemens Energy India
- UFlex
- Thyrocare Technologies
- Salzer Electronics
- Tamilnad Mercantile Bank
- Segal India
- Wonder Electricals
- TSF Investments
- Apar Industries
- Indian Bank
- Ahluwalia Contracts
- Himadri Speciality Chemical
- Optimus Infracom
- L&T Finance
- Tata Technologies
- Texmaco Infrastructure
- Titagarh Rail Systems
- Alkem Laboratories
- Honeywell Automation India
- Nitin Spinners
- Bajaj Healthcare
FIIs आखिर क्यों चुन रहे हैं ये शेयर?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों ने भारत से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई है। उन्होंने मुख्य रूप से बड़े (Large Cap) शेयरों में मुनाफावसूली की, जबकि आकर्षक वैल्यूएशन वाले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश बढ़ाया।
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक जी. चोक्कालिंगम के अनुसार, कई मिड और स्मॉल कैप कंपनियां मजबूत बिजनेस मॉडल के बावजूद आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध थीं। विदेशी निवेशकों ने इसी अवसर का फायदा उठाते हुए इन शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।
DII ने संभाला बाजार का मोर्चा
जून 2026 तिमाही में जहां FIIs नेट सेलर्स रहे, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा देने का प्रयास किया।
- 55 कंपनियों में DII ने हिस्सेदारी बढ़ाई।
- 24 कंपनियों में हिस्सेदारी घटाई।
यानी विदेशी बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार पर दबाव को काफी हद तक संतुलित किया।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
किसी कंपनी में FIIs की बढ़ती हिस्सेदारी यह संकेत दे सकती है कि विदेशी निवेशक उसके दीर्घकालिक बिजनेस, ग्रोथ और वैल्यूएशन को लेकर सकारात्मक हैं। हालांकि, केवल FII होल्डिंग देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स, कमाई, सेक्टर आउटलुक, कर्ज और वैल्यूएशन का भी विस्तृत विश्लेषण करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। NewsJagran निवेश की कोई सलाह नहीं देता। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


