असम अवैध घुसपैठियों पर कार्रवाई: असम सरकार ने विधानसभा में पिछले 10 वर्षों के दौरान राज्य से बाहर भेजे गए अवैध विदेशी नागरिकों का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया है। सरकार के मुताबिक वर्ष 2016 से 30 जून 2026 तक कुल 2,089 अवैध विदेशी नागरिकों को उनके देशों में वापस भेजा गया। इनमें सबसे अधिक 2,023 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। सरकार ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में सबसे बड़ी कार्रवाई की गई, जबकि 2026 के पहले छह महीनों में भी बड़ी संख्या में घुसपैठियों को वापस भेजा गया है।
विधानसभा में सरकार ने क्या बताया?
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, असम समझौता क्रियान्वयन मंत्री अतुल बोरा ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक अब्दुल रहीम अहमद के प्रश्न का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि 2016 से 30 जून 2026 तक राज्य से कुल 2,089 अवैध विदेशी नागरिकों को निर्वासित या उनके देशों में वापस भेजा गया।
इनमें सबसे बड़ी संख्या बांग्लादेश के 2,023 नागरिकों की रही। इसके अलावा विभिन्न देशों के नागरिकों को भी उनके देश वापस भेजा गया।
किन-किन देशों के नागरिकों को वापस भेजा गया?
सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार—
| देश | वापस भेजे गए नागरिक |
|---|---|
| बांग्लादेश | 2,023 |
| म्यांमार | 39 |
| नाइजीरिया | 18 |
| अफगानिस्तान | 2 |
| यूक्रेन | 2 |
| रूस | 2 |
| पाकिस्तान | 1 |
| केन्या | 1 |
| युगांडा | 1 |
इस तरह कुल मिलाकर 2,089 विदेशी नागरिकों को उनके मूल देशों में भेजा गया।
2025 में हुई सबसे बड़ी कार्रवाई
सरकार के अनुसार पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक कार्रवाई वर्ष 2025 में हुई।
- वर्ष 2025 में 1,811 लोगों को वापस भेजा गया।
- इनमें नाइजीरिया के एक नागरिक को छोड़कर बाकी सभी बांग्लादेशी नागरिक थे।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि पिछले वर्ष अवैध घुसपैठियों के खिलाफ अभियान सबसे तेज रहा।
2026 के पहले छह महीने में भी बड़ी कार्रवाई
चालू वर्ष 2026 में भी कार्रवाई जारी रही।
30 जून 2026 तक:
- कुल 263 विदेशी नागरिकों को वापस भेजा गया।
- इनमें 261 बांग्लादेशी और 2 रूसी नागरिक शामिल हैं।
यह पिछले एक दशक में किसी एक वर्ष की दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
राज्य में कितने अवैध विदेशी चिन्हित किए गए?
विधानसभा में राइजर दल के विधायक अखिल गोगोई के प्रश्न के जवाब में सरकार ने राज्य में चिन्हित अवैध विदेशियों का आंकड़ा भी साझा किया।
31 मई 2026 तक:
- कुल चिन्हित अवैध विदेशी: 1,72,673
धार्मिक आधार पर उपलब्ध आंकड़े इस प्रकार हैं—
- मुस्लिम: 1,11,414
- हिंदू: 61,189
- अन्य धर्म: शेष
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा केवल चिन्हित अवैध विदेशियों से संबंधित है।
किस कानून के तहत हो रही है कार्रवाई?
असम सरकार के अनुसार अवैध विदेशियों को वापस भेजने की प्रक्रिया केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 2 मई 2025 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही है।
इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध घुसपैठियों के निष्कासन की कार्रवाई Immigrants (Expulsion from Assam) Act, 1950 के प्रावधानों के तहत की जाती है।
सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया मौजूदा भारतीय कानूनों और निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित की जा रही है।
‘असमिया व्यक्ति’ की परिभाषा पर क्या बोली सरकार?
विधानसभा में मंत्री से जब ‘असमिया व्यक्ति’ की परिभाषा को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसे संवेदनशील विषय बताया।
अतुल बोरा ने कहा कि इस मुद्दे पर विभिन्न राष्ट्रवादी संगठनों, सामाजिक संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा जारी है। सरकार सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बिप्लब कुमार शर्मा समिति की सिफारिशों, कानूनी पहलुओं और सभी वर्गों की राय पर विचार करने के बाद उचित समय पर निर्णय लेगी।
यह समिति वर्ष 2019 में 1985 के असम समझौते की धारा-6 के क्रियान्वयन के लिए गृह मंत्रालय द्वारा गठित की गई थी। इसका उद्देश्य मूल असमिया समुदाय की सांस्कृतिक, भाषाई और सामाजिक पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
निष्कर्ष
असम सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में राज्य से 2,089 अवैध विदेशी नागरिकों को उनके देशों में वापस भेजा गया है, जिनमें 2,023 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। सरकार का कहना है कि अवैध घुसपैठ के मामलों में कार्रवाई कानून के दायरे में की जा रही है और सीमा सुरक्षा तथा पहचान संबंधी मुद्दों पर भी लगातार काम जारी है।


