Highlights
- फोर्ब्स 2026 की सूची में भारत के हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर के दिग्गज शामिल
- सन फार्मा के दिलीप सांघवी सबसे अमीर हेल्थकेयर कारोबारी
- अपोलो, टोरेंट, जाइडस, मैनकाइंड और डॉ. रेड्डीज जैसी कंपनियों का दबदबा
- वैक्सीन, अस्पताल, जेनेरिक दवाओं और डायग्नोस्टिक्स में भारतीय कंपनियों की मजबूत पकड़
नई दिल्ली: भारत का हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल सेक्टर दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में गिना जाता है। जेनेरिक दवाओं से लेकर वैक्सीन निर्माण, मल्टीस्पेशियलिटी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेवाओं तक भारतीय कंपनियां वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुकी हैं। इसी का असर देश के उद्योगपतियों की संपत्ति पर भी दिख रहा है।
Forbes World’s Billionaires List 2026 के अनुसार भारत के कई हेल्थकेयर और फार्मा उद्योग से जुड़े उद्योगपति देश के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं। इनमें सन फार्मा, टोरेंट फार्मा, अपोलो हॉस्पिटल्स, जाइडस लाइफसाइंसेज, मैनकाइंड, डॉ. रेड्डीज, सिप्ला और मैक्स हेल्थकेयर जैसी कंपनियों के प्रमोटर्स प्रमुख हैं।
1. दिलीप सांघवी – Sun Pharma
करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित संपत्ति के साथ दिलीप सांघवी भारत के सबसे अमीर हेल्थकेयर उद्योगपति हैं। उन्होंने वर्ष 1983 में अपने पिता से उधार लेकर Sun Pharmaceutical Industries की शुरुआत की थी।
आज सन फार्मा भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनी है और दुनिया के कई देशों में कारोबार करती है। हाल के वर्षों में कंपनी ने Organon और Checkpoint Therapeutics जैसी कंपनियों के अधिग्रहण के जरिए अपने वैश्विक कारोबार का विस्तार किया है।
2. सुधीर और समीर मेहता – Torrent Pharma
मेहता बंधु Torrent Pharmaceuticals को नियंत्रित करते हैं, जिसकी बाजार पूंजी करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये है।
कंपनी ने हाल के अधिग्रहणों के जरिए क्रॉनिक बीमारियों की दवाओं के पोर्टफोलियो को मजबूत किया है। जेनेरिक दवाओं और अंतरराष्ट्रीय विस्तार के दम पर टोरेंट लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रही है।
3. रेड्डी परिवार – Apollo Hospitals
भारत की सबसे बड़ी निजी अस्पताल श्रृंखला Apollo Hospitals का नेतृत्व रेड्डी परिवार करता है।
करीब 1.28 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली यह कंपनी अस्पताल विस्तार, डिजिटल हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी आधारित इलाज पर लगातार निवेश कर रही है। महामारी के बाद हेल्थकेयर सेवाओं की बढ़ती मांग का कंपनी को लाभ मिला है।
4. पंकज पटेल – Zydus Lifesciences
Zydus Lifesciences के चेयरमैन पंकज पटेल भारत के प्रमुख फार्मा उद्योगपतियों में शामिल हैं।
करीब 1.11 लाख करोड़ रुपये की मार्केट कैप वाली कंपनी ने भारत में जेनेरिक सेमाग्लूटाइड लॉन्च कर तेजी से बढ़ रहे वजन घटाने वाली दवाओं (GLP-1) के बाजार में प्रवेश किया है।
5. राजीव जुनेजा – Mankind Pharma
राजीव जुनेजा ने Mankind Pharma को भारत की अग्रणी फार्मा कंपनियों में शामिल किया है।
करीब 1.05 लाख करोड़ रुपये की मार्केट कैप वाली कंपनी जेनेरिक दवाओं के साथ-साथ कंज्यूमर हेल्थकेयर उत्पादों और कई लोकप्रिय ब्रांड्स के लिए जानी जाती है।
6. जी. वी. प्रसाद – Dr. Reddy’s Laboratories
Dr. Reddy’s Laboratories के को-चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जी. वी. प्रसाद कंपनी की वैश्विक रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं।
करीब 99,104 करोड़ रुपये की मार्केट कैप वाली कंपनी कॉम्प्लेक्स जेनेरिक दवाओं, ब्रांडेड बिजनेस और अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है।
7. डॉ. हाबिल खोराकीवाला – Wockhardt
Wockhardt के चेयरमैन डॉ. हाबिल खोराकीवाला भारतीय फार्मा उद्योग के वैश्वीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उद्योगपतियों में गिने जाते हैं।
करीब 30,190 करोड़ रुपये की मार्केट कैप वाली कंपनी कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स और एंटीबायोटिक्स पर फोकस कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने कर्ज कम कर अपनी वित्तीय स्थिति भी मजबूत की है।
8. महिमा दातला – Biological E
Biological E की मैनेजिंग डायरेक्टर महिमा दातला भारत की प्रमुख महिला उद्योगपतियों में शामिल हैं।
करीब 29,000 करोड़ रुपये की अनुमानित संपत्ति के साथ वे देश की अग्रणी वैक्सीन निर्माता कंपनियों में से एक का नेतृत्व कर रही हैं।
9. डॉ. यूसुफ हामिद – Cipla
Cipla के चेयरमैन डॉ. यूसुफ हामिद की अनुमानित संपत्ति करीब 23,150 करोड़ रुपये है।
कंपनी नए नेतृत्व के तहत GLP-1 दवाओं और नई साझेदारियों पर फोकस कर रही है, जिससे भविष्य में ग्रोथ की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।
10. अभय सोई – Max Healthcare
Max Healthcare के चेयरमैन अभय सोई भी देश के प्रमुख हेल्थकेयर अरबपतियों में शामिल हैं।
करीब 23,150 करोड़ रुपये की अनुमानित संपत्ति के साथ वे अस्पताल नेटवर्क के विस्तार, नई सुविधाओं और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
11. अरविंद लाल – Dr. Lal PathLabs
Dr. Lal PathLabs के चेयरमैन एवं एमडी अरविंद लाल की अनुमानित संपत्ति 14,466 करोड़ रुपये है।
कोविड महामारी के बाद डायग्नोस्टिक्स सेक्टर सामान्य होने के बावजूद कंपनी टेस्ट वॉल्यूम और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर फोकस कर रही है।
12. अक्षय और शिवेन अरोड़ा – Blue Jet Healthcare
पिता-पुत्र की जोड़ी Blue Jet Healthcare को वैश्विक स्तर पर कॉन्ट्रास्ट मीडिया केमिकल्स (CT और MRI स्कैन में इस्तेमाल होने वाले रसायन) के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिला चुकी है।
करीब 11,000 करोड़ रुपये की मार्केट कैप वाली कंपनी ने 2023 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद लगातार विकास दर्ज किया है।
भारत का हेल्थकेयर सेक्टर क्यों बन रहा है निवेशकों की पसंद?
भारत का हेल्थकेयर उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है। बढ़ती आबादी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग, मेडिकल टेक्नोलॉजी में निवेश, जेनेरिक दवाओं का निर्यात और डिजिटल हेल्थकेयर सेवाओं के कारण इस सेक्टर की विकास दर लगातार मजबूत बनी हुई है। यही वजह है कि भारतीय फार्मा कंपनियां आज वैश्विक बाजार में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।


