HFCL Q1 Results: टेलीकॉम इक्विपमेंट और ऑप्टिकल नेटवर्किंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी HFCL Ltd ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी पिछले साल के घाटे से निकलकर इस बार ₹228.6 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच गई है। मजबूत एक्सपोर्ट, रिकॉर्ड रेवेन्यू, बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन और AI डेटा सेंटर कनेक्टिविटी में बड़े निवेश की घोषणा के बाद निवेशकों ने शेयर पर भरोसा जताया। हालांकि इंट्राडे में तेज बढ़त के बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।
बीते छह महीनों में HFCL के शेयर ने निवेशकों को करीब 250% का शानदार रिटर्न दिया है, जिससे यह इस साल के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले मिडकैप शेयरों में शामिल हो गया है।
Q1 में घाटे से मुनाफे में लौटी HFCL
HFCL ने जून 2026 तिमाही में ₹228.6 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹32.2 करोड़ का घाटा हुआ था। यह बदलाव कंपनी की मजबूत परिचालन क्षमता और बढ़ती वैश्विक मांग को दर्शाता है।
वहीं कंपनी का कुल रेवेन्यू 120% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹1,915 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह अब तक का कंपनी का सबसे ऊंचा तिमाही राजस्व है।
EBITDA और मार्जिन में रिकॉर्ड सुधार
सिर्फ मुनाफा ही नहीं, कंपनी की ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी काफी मजबूत रही।
- EBITDA: ₹29 करोड़ से बढ़कर ₹414 करोड़
- EBITDA Margin: 3.3% से बढ़कर 21.6%
- Revenue Growth: 120% YoY
- Net Profit: घाटे से बढ़कर ₹228.6 करोड़
मार्जिन में आई यह बड़ी छलांग बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, ऊंचे रियलाइजेशन और लागत नियंत्रण का परिणाम मानी जा रही है।
एक्सपोर्ट बना कंपनी की सबसे बड़ी ताकत
HFCL की ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान एक्सपोर्ट बिजनेस का रहा।
जून तिमाही के दौरान कंपनी ने ₹1,063.3 करोड़ का एक्सपोर्ट रेवेन्यू हासिल किया, जो कुल आय का 55.5% रहा। पिछले साल इसी अवधि में एक्सपोर्ट से केवल ₹209.7 करोड़ की आय हुई थी, जिसका योगदान कुल रेवेन्यू में 24.1% था।
हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ऑप्टिकल नेटवर्किंग सॉल्यूशंस और ग्लोबल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग ने कंपनी के निर्यात कारोबार को नई ऊंचाई दी है।
प्रोडक्ट बिजनेस का योगदान लगातार बढ़ा
HFCL का प्रोडक्ट आधारित कारोबार भी तेजी से मजबूत हुआ है।
- प्रोडक्ट बिजनेस का योगदान बढ़कर 85%
- पिछले वर्ष समान अवधि में यह 66% था
कंपनी का कहना है कि हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की मांग और बेहतर प्राइस रियलाइजेशन ने राजस्व और मार्जिन दोनों को मजबूत किया है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची ऑर्डर बुक
HFCL की ऑर्डर बुक भी लगातार मजबूत होती जा रही है।
कंपनी के पास अब ₹26,665 करोड़ का ऑर्डर बुक है, जो उसके FY26 के कुल रेवेन्यू का लगभग पांच गुना है। इससे आने वाले वर्षों में कंपनी की आय को मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।
AI डेटा सेंटर कनेक्टिविटी में करेगी ₹215 करोड़ का निवेश
भविष्य की मांग को देखते हुए HFCL ने बड़ा निवेश करने का फैसला किया है।
कंपनी का बोर्ड ₹215 करोड़ के निवेश को मंजूरी दे चुका है। इस निवेश के जरिए नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी, जहां AI डेटा सेंटर कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस तैयार किए जाएंगे।
इसके अलावा कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता भी बढ़ा रही है।
- ऑप्टिकल फाइबर क्षमता: 2.8 करोड़ से 3.4 करोड़ फाइबर किलोमीटर
- ऑप्टिकल फाइबर केबल क्षमता: 3.4 करोड़ से 4.3 करोड़ फाइबर किलोमीटर
साथ ही कंपनी एक नई ग्रीनफील्ड प्रीफॉर्म मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी भी विकसित कर रही है।
FY27 के लिए बढ़ाया ग्रोथ गाइडेंस
जून तिमाही की मजबूत शुरुआत के बाद HFCL ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान भी बढ़ा दिया है।
अब कंपनी को पूरे FY27 में लगभग 40% रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है, जो उसके पहले के अनुमान से अधिक है। यह संकेत देता है कि प्रबंधन आने वाले वर्षों में भी मजबूत मांग और बेहतर प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त है।
क्या बोले मैनेजिंग डायरेक्टर?
HFCL के मैनेजिंग डायरेक्टर महेंद्र नाहटा ने कहा कि AI, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑप्टिकल कनेक्टिविटी और डिफेंस मॉडर्नाइजेशन जैसे क्षेत्रों में तेजी से अवसर बढ़ रहे हैं।
उनके अनुसार, कंपनी की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, उन्नत टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो और मजबूत वैश्विक मौजूदगी आने वाले वर्षों में HFCL की ग्रोथ को नई दिशा देगी।
शेयर बाजार में कैसा रहा प्रदर्शन?
तिमाही नतीजों के बाद HFCL के शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान जोरदार तेजी देखने को मिली।
- इंट्राडे हाई: ₹228
- बढ़त: लगभग 6.5%
- क्लोजिंग प्राइस: ₹217.95 (मुनाफावसूली के बाद लगभग सपाट)
हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए पिछले छह महीने में कंपनी का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है और शेयर करीब 250% तक चढ़ चुका है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
HFCL के ताजा नतीजे बताते हैं कि कंपनी सिर्फ घरेलू टेलीकॉम सेक्टर पर निर्भर नहीं है, बल्कि ग्लोबल एक्सपोर्ट, AI डेटा सेंटर, ऑप्टिकल नेटवर्किंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे हाई-ग्रोथ क्षेत्रों में तेजी से अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। रिकॉर्ड ऑर्डर बुक, बढ़ता एक्सपोर्ट और क्षमता विस्तार भविष्य में भी कंपनी की आय को सहारा दे सकते हैं। हालांकि, किसी भी निवेश निर्णय से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, जोखिम और अपने वित्तीय लक्ष्यों का मूल्यांकन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


