Bharat Coking Coal Share Price Today: कोल इंडिया (Coal India) की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के शेयरों में बुधवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कमजोर पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजों के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके चलते शेयर कारोबार के दौरान करीब 7% तक टूट गया। कंपनी का मुनाफा घाटे में बदल गया है, जबकि कोयला उत्पादन और ऑफटेक दोनों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। यही कारण है कि बाजार ने नतीजों पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
7% तक टूटा BCCL का शेयर
बुधवार को BCCL का शेयर ₹36.07 पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह ₹37.51 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान शेयर ₹34.40 के इंट्राडे लो तक फिसल गया। दोपहर करीब 2:07 बजे यह एनएसई पर 6.93% की गिरावट के साथ ₹34.91 पर कारोबार करता दिखा।
कमजोर तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों की बिकवाली बढ़ने से शेयर पर दबाव बना रहा।
Q1 FY27 में मुनाफे से सीधे घाटे में पहुंची कंपनी
BCCL ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ₹68.09 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹176.87 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था। वहीं, मार्च 2026 तिमाही में भी कंपनी ₹27.28 करोड़ के मुनाफे में थी।
यानी कंपनी का प्रदर्शन सालाना और तिमाही दोनों आधार पर कमजोर रहा।
रेवेन्यू में भी आई गिरावट
जून 2026 तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से राजस्व ₹3,587.27 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹3,719.59 करोड़ की तुलना में 3.55% कम है।
हालांकि, मार्च 2026 तिमाही के ₹3,282.95 करोड़ के मुकाबले राजस्व में 9.3% की तिमाही बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन यह सुधार निवेशकों का भरोसा कायम रखने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।
EBITDA भी घाटे में पहुंचा
ऑपरेटिंग स्तर पर भी कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा।
- Q1 FY27 EBITDA: ₹64.47 करोड़ का घाटा
- Q1 FY26 EBITDA: ₹191 करोड़ का मुनाफा
ऑपरेटिंग प्रॉफिट का घाटे में बदलना इस बात का संकेत है कि कंपनी की परिचालन लागत और उत्पादन संबंधी चुनौतियों का असर कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है।
कोयला उत्पादन और ऑफटेक दोनों घटे
तिमाही के दौरान कंपनी का कुल कोयला उत्पादन 6.56 मिलियन टन रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 9.04 मिलियन टन था।
इसी तरह ऑफटेक भी घटकर 7.72 मिलियन टन रह गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 8.98 मिलियन टन था।
हालांकि एक सकारात्मक पहलू यह रहा कि कंपनी की प्रति टन बिक्री प्राप्ति (Sales Realisation) ₹4,142 से बढ़कर ₹4,647 हो गई, जो सालाना आधार पर लगभग 12% की बढ़ोतरी है।
माइनिंग ऑपरेशन में भी कमजोरी
- ओपनकास्ट माइंस का उत्पादन 12.3% घटकर 2.24 मिलियन टन रहा।
- अंडरग्राउंड माइंस का उत्पादन 24.3% बढ़कर 0.05 मिलियन टन पहुंचा।
- वॉश्ड कोकिंग कोल उत्पादन 0.14 मिलियन टन रहा, जो सालाना आधार पर 0.8% कम है।
- ओवरबर्डन रिमूवल 16.1% घटकर 10.84 मिलियन क्यूबिक मीटर रह गया।
- रॉ कोल ऑफटेक 2.69 मिलियन टन पर लगभग स्थिर रहा।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उत्पादन गतिविधियों में आई कमजोरी का असर सीधे वित्तीय प्रदर्शन पर पड़ा।
BCCL शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा?
हाल के दिनों में BCCL के शेयरों में लगातार दबाव बना हुआ है।
- 1 सप्ताह: लगभग 5.14% की गिरावट
- 1 महीना: करीब 15.88% की कमजोरी
- YTD (2026): लगभग 14% की गिरावट
जनवरी 2026 में कंपनी का शेयर ₹45 पर सूचीबद्ध हुआ था, जो इसके ₹23 के IPO प्राइस से करीब 96% अधिक था। हालांकि, लिस्टिंग के बाद मिले शुरुआती प्रीमियम का बड़ा हिस्सा अब कमजोर नतीजों और बाजार की बिकवाली के कारण कम होता दिखाई दे रहा है।
आगे निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी?
विश्लेषकों के अनुसार आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर कंपनी के उत्पादन बढ़ाने, कोयले की बिक्री में सुधार, लागत नियंत्रण और मुनाफे में वापसी पर रहेगी। यदि उत्पादन और ऑफटेक में सुधार नहीं होता है, तो शेयर पर दबाव कुछ समय तक बना रह सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। NewsJagran निवेश की सलाह नहीं देता। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


