Nestlé India Q1 Results 2026: एफएमसीजी दिग्गज नेस्ले इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 48% बढ़कर 958.7 करोड़ रुपये पहुंच गया। मजबूत बिक्री, घरेलू बाजार में बढ़ती मांग और एक्सपोर्ट में तेज ग्रोथ के चलते कंपनी ने बाजार के अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया। बेहतर नतीजों के बाद निवेशकों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कंपनी के शेयर में 3% से अधिक की तेजी देखने को मिली।
बाजार के अनुमान से कहीं बेहतर रहा प्रदर्शन
नेस्ले इंडिया का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 47.9% बढ़कर 975.1 करोड़ रुपये रहा। यह बाजार की उम्मीदों से काफी बेहतर रहा। CNBC-TV18 के पोल के अनुसार, विश्लेषकों ने कंपनी के लगभग 857 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज करने का अनुमान लगाया था।
वहीं कंपनी की कुल बिक्री (Sales) भी उम्मीद से बेहतर रही। जून तिमाही में कंपनी की बिक्री 25.4% बढ़कर 6,363.3 करोड़ रुपये रही, जबकि विश्लेषकों का अनुमान करीब 6,065 करोड़ रुपये था।
रेवेन्यू में 25% की मजबूत बढ़ोतरी
नेस्ले इंडिया का ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 25% बढ़कर 6,378.2 करोड़ रुपये पहुंच गया। मजबूत डिमांड और विभिन्न प्रोडक्ट कैटेगरी में अच्छी बिक्री ने कंपनी की आय को नई ऊंचाई पर पहुंचाया।
नतीजों के बाद शेयर बाजार में भी कंपनी के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। दोपहर करीब 11:45 बजे नेस्ले इंडिया का शेयर 3.32% की तेजी के साथ 1,500.60 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया।
घरेलू बाजार में शानदार मांग
कंपनी की घरेलू बिक्री (Domestic Sales) में भी 25% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा कंपनी का EBITDA Margin 24.2% रहा, जो मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन को दर्शाता है।
कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी बढ़कर 5.06 रुपये रही।
चेयरमैन बोले- वॉल्यूम ग्रोथ और ब्रांड निवेश दोनों मजबूत
नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने कहा कि जून तिमाही कंपनी के लिए बेहद मजबूत रही। उनके अनुसार,
- बिक्री में शानदार वृद्धि दर्ज हुई।
- वॉल्यूम ग्रोथ मजबूत रही।
- कंपनी ने ऑपरेशनल कॉस्ट को नियंत्रित रखने पर फोकस किया।
- भारत में प्रमुख ब्रांड्स पर निवेश लगातार बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जून तिमाही के दौरान विज्ञापन एवं ब्रांड प्रमोशन पर खर्च में लगभग 40% की बढ़ोतरी की गई, जिससे भविष्य में ब्रांड की पहुंच और मजबूत होने की उम्मीद है।
एक्सपोर्ट बिजनेस में 35.6% की छलांग
वैश्विक चुनौतियों और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बावजूद नेस्ले इंडिया का एक्सपोर्ट कारोबार 35.6% बढ़ा। कंपनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पादों की मांग मजबूत बनी हुई है।
इसके अलावा कंपनी की चारों प्रमुख प्रोडक्ट कैटेगरी ने जून तिमाही में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की, जो कंपनी के व्यापक पोर्टफोलियो की मजबूती को दर्शाता है।
इस साल अब तक 16% चढ़ चुका है शेयर
नेस्ले इंडिया का शेयर वर्ष 2026 में अब तक लगभग 15.9% का रिटर्न दे चुका है। वहीं इसी अवधि में निफ्टी 50 इंडेक्स करीब 7.5% कमजोर रहा है। यानी कंपनी का प्रदर्शन व्यापक बाजार से काफी बेहतर रहा है।
हालांकि, नतीजों वाले दिन व्यापक बाजार दबाव में रहा। कारोबार के दौरान:
- निफ्टी 50 करीब 156 अंक (0.65%) गिरकर 24,031 पर कारोबार कर रहा था।
- सेंसेक्स लगभग 587 अंक (0.76%) टूटकर 76,881 के स्तर पर था।
- बैंक निफ्टी और मिडकैप इंडेक्स में भी कमजोरी देखने को मिली।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
तिमाही नतीजे बताते हैं कि नेस्ले इंडिया मजबूत उपभोक्ता मांग, बेहतर वॉल्यूम ग्रोथ, लागत नियंत्रण और ब्रांड निवेश की रणनीति के दम पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। बाजार के अनुमान से बेहतर मुनाफा और बिक्री कंपनी के बिजनेस मॉडल की मजबूती को दर्शाते हैं। यदि आने वाली तिमाहियों में भी यही रफ्तार बनी रहती है, तो कंपनी एफएमसीजी सेक्टर में अपनी मजबूत स्थिति और सुदृढ़ कर सकती है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


