अगर आप प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अक्सर कर्मचारियों के मन में सवाल होता है कि यदि 10 साल पूरे होने से पहले नौकरी छोड़ दी जाए तो Employees’ Pension Scheme (EPS) में जमा पैसे का क्या होगा? क्या पेंशन मिलेगी या पूरा पैसा निकाल सकते हैं?
अब Employees’ Pension Scheme (EPS) 2026 लागू होने के बाद इस नियम को लेकर और अधिक स्पष्टता आ गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 10 साल से पहले नौकरी छोड़ने पर आपके पास कौन-कौन से विकल्प मौजूद हैं।
EPS क्या है और यह EPF से कैसे अलग है?
प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए EPFO दो प्रमुख योजनाएं संचालित करता है।
- EPF (Employees’ Provident Fund): इसमें जमा राशि रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने के बाद कर्मचारी को एकमुश्त मिलती है।
- EPS (Employees’ Pension Scheme): इस योजना का उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को हर महीने पेंशन उपलब्ध कराना है।
यानी EPF आपको एकमुश्त राशि देता है, जबकि EPS नियमित मासिक पेंशन सुनिश्चित करता है।
क्या 10 साल की नौकरी पूरी करना जरूरी है?
जी हां। EPS 2026 में भी वही मूल नियम बरकरार रखा गया है जो पहले EPS 1995 में था।
यदि किसी कर्मचारी ने कम से कम 10 साल की पात्र सेवा (Eligible Service) पूरी की है, तभी वह रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन पाने का हकदार होगा।
अगर नौकरी 10 साल से पहले छोड़ दी जाती है, तो कर्मचारी को नियमित पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, उसके पास अन्य विकल्प मौजूद रहते हैं।
10 साल से पहले नौकरी छोड़ने पर क्या होंगे विकल्प?
यदि आपकी पात्र सेवा 10 साल से कम है, तो EPS के तहत आपके पास दो विकल्प होते हैं।
1. EPS का पैसा निकाल सकते हैं
कर्मचारी निर्धारित नियमों के अनुसार अपने EPS खाते में जमा राशि का Withdrawal Benefit प्राप्त कर सकता है।
हालांकि EPS 2026 में इस नियम में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है।
2. Scheme Certificate ले सकते हैं
यदि आप भविष्य में फिर किसी EPFO से जुड़ी नौकरी करने की योजना बना रहे हैं, तो Scheme Certificate लेना अधिक फायदेमंद हो सकता है।
इससे आपकी पिछली नौकरी की सेवा अवधि सुरक्षित रहती है और अगली नौकरी में जुड़कर कुल सेवा अवधि 10 साल या उससे अधिक होने पर पेंशन की पात्रता प्राप्त की जा सकती है।
EPS 2026 में बदला गया विड्रॉल नियम
नई योजना के तहत अब नौकरी छोड़ते ही EPS का पैसा निकालना संभव नहीं होगा।
नियम के अनुसार यदि कर्मचारी रिटायरमेंट की आयु से पहले नौकरी छोड़ता है और उसकी सेवा 10 साल से कम है, तो वह:
- EPS खाते में अंतिम योगदान (Last Contribution) के 36 महीने बाद Withdrawal Benefit ले सकता है।
- या रिटायरमेंट की निर्धारित आयु पूरी होने पर राशि निकाल सकता है।
इन दोनों में जो स्थिति पहले आएगी, उसी के अनुसार भुगतान किया जाएगा।
Scheme Certificate क्यों है महत्वपूर्ण?
यदि आप नौकरी बदल रहे हैं और भविष्य में फिर किसी कंपनी में EPF के दायरे में काम करेंगे, तो Scheme Certificate लेना बेहतर विकल्प माना जाता है।
इसके फायदे:
- पिछली नौकरी की सेवा अवधि सुरक्षित रहती है।
- नई नौकरी में वही सेवा अवधि जुड़ जाती है।
- कुल सेवा अवधि 10 साल पूरी होने पर पेंशन का अधिकार मिल सकता है।
- भविष्य में पेंशन लाभ लेने में आसानी होती है।
Withdrawal Benefit कैसे कैलकुलेट होता है?
EPS 2026 के Schedule-II के अनुसार Withdrawal Benefit की गणना दो चीजों पर आधारित होती है।
- कर्मचारी की Pensionable Salary
- कुल Eligible Service (महीनों या वर्षों के अनुसार निर्धारित फैक्टर)
गणना का सामान्य फॉर्मूला इस प्रकार है:
Withdrawal Amount = Pensionable Salary × Schedule-II में निर्धारित Factor
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए:
- नौकरी की अवधि: 36 महीने (3 वर्ष)
- Pensionable Salary: ₹15,000 प्रति माह
ऐसी स्थिति में कर्मचारी को मिलने वाली Withdrawal Benefit राशि का निर्धारण Schedule-II में 36 महीने की सेवा के लिए तय फैक्टर के आधार पर किया जाएगा। यानी ₹15,000 को संबंधित फैक्टर से गुणा करके भुगतान योग्य राशि निकाली जाएगी।
किन कर्मचारियों पर लागू होगा यह नियम?
यह नियम उन कर्मचारियों पर लागू होता है जो:
- EPFO के सदस्य हैं।
- EPS के अंतर्गत आते हैं।
- 10 साल की पात्र सेवा पूरी होने से पहले नौकरी छोड़ देते हैं।
- रिटायरमेंट की आयु तक नहीं पहुंचे हैं।
नौकरी बदलने वालों के लिए क्या है बेहतर विकल्प?
यदि आप कुछ समय बाद दूसरी नौकरी करने वाले हैं, तो विशेषज्ञ आमतौर पर Scheme Certificate लेने की सलाह देते हैं। इससे आपकी सेवा अवधि जुड़ी रहती है और भविष्य में पेंशन पाने की पात्रता प्रभावित नहीं होती।
वहीं यदि आप भविष्य में EPFO के तहत नौकरी करने की योजना नहीं बना रहे हैं, तो निर्धारित समय पूरा होने के बाद Withdrawal Benefit लेने का विकल्प चुन सकते हैं।
निष्कर्ष
EPS 2026 में पेंशन के लिए 10 साल की पात्र सेवा की शर्त पहले की तरह बरकरार है। यदि कर्मचारी इससे पहले नौकरी छोड़ देता है तो उसे तत्काल पेंशन नहीं मिलेगी। हालांकि, उसके पास Withdrawal Benefit और Scheme Certificate जैसे दो महत्वपूर्ण विकल्प मौजूद हैं। नई व्यवस्था के तहत EPS का पैसा निकालने के लिए अंतिम योगदान के 36 महीने बाद ही दावा किया जा सकेगा, इसलिए नौकरी बदलने या छोड़ने से पहले इन नियमों को अच्छी तरह समझना बेहद जरूरी है।


