SBI Funds Management Shares: SBI Mutual Fund का संचालन करने वाली SBI Funds Management ने शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत की है। लिस्टिंग के बाद ब्रोकरेज हाउस Emkay Global Financial Services ने कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए ‘Buy’ रेटिंग दी है और ₹750 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत में तेजी से बढ़ रही म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री, मजबूत ब्रांड वैल्यू और विशाल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के दम पर कंपनी आने वाले वर्षों में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग
SBI Funds Management का IPO ₹574 प्रति शेयर के भाव पर आया था। शेयर ने NSE पर 6.84% प्रीमियम के साथ ₹613.30 पर एंट्री की। लिस्टिंग के बाद खरीदारी के चलते यह दिन के उच्च स्तर ₹624.95 तक पहुंच गया।
हालांकि, मुनाफावसूली के चलते कारोबार के अंत में शेयर ₹609.75 पर बंद हुआ, जो लिस्टिंग प्राइस से 0.58% नीचे रहा। इसके बावजूद कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹1.24 लाख करोड़ रहा, जो इसे देश की प्रमुख एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल करता है।
Emkay Global ने दी ‘Buy’ रेटिंग
ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने SBI Funds Management पर अपनी पहली रिसर्च रिपोर्ट जारी करते हुए ‘Buy’ की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹750 का टारगेट प्राइस तय किया है।
- IPO प्राइस ₹574 के मुकाबले लगभग 31% का संभावित रिटर्न।
- मौजूदा क्लोजिंग प्राइस ₹609.75 के मुकाबले करीब 23% की संभावित तेजी।
ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के बिजनेस मॉडल, मजबूत वितरण क्षमता और बढ़ते निवेशक आधार को देखते हुए लंबी अवधि में शेयर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
क्यों बुलिश है Emkay?
Emkay का मानना है कि भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री अभी भी शुरुआती ग्रोथ स्टेज में है और आने वाले वर्षों में इसमें तेज विस्तार की संभावना है। इस ग्रोथ का सबसे बड़ा लाभ SBI Funds Management जैसी स्थापित कंपनी को मिल सकता है।
ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी की सबसे बड़ी ताकतें हैं:
- SBI का भरोसेमंद ब्रांड
- देशभर में फैला विशाल बैंकिंग नेटवर्क
- मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन चैनल
- लगातार बढ़ता निवेशक आधार
फिलहाल SBI Mutual Fund के करीब 55 लाख ग्राहक हैं, जबकि SBI के लगभग 2.1 करोड़ सैलरी अकाउंट हैं। इसका मतलब है कि कंपनी के पास मौजूदा बैंक ग्राहकों को म्यूचुअल फंड निवेशक बनाने की बड़ी संभावना मौजूद है।
B-30 शहरों और ग्रामीण बाजार पर रहेगा फोकस
ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में SBI Funds Management की रणनीति B-30 शहरों (बड़े 30 शहरों से बाहर के क्षेत्र) और ग्रामीण भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने की होगी।
भारत में वित्तीय जागरूकता बढ़ने, SIP निवेश में तेजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से कंपनी को नए निवेशक जोड़ने में मदद मिल सकती है।
हाई मार्जिन प्रोडक्ट्स से बढ़ सकती है कमाई
Emkay के मुताबिक कंपनी भविष्य में धीरे-धीरे अपने बिजनेस का फोकस अधिक लाभदायक प्रोडक्ट्स पर बढ़ाएगी। इनमें शामिल हैं:
- इक्विटी म्यूचुअल फंड
- AIF (Alternative Investment Funds)
- PMS (Portfolio Management Services)
इन प्रोडक्ट्स में मार्जिन अपेक्षाकृत अधिक होता है, जिससे कंपनी की आय और मुनाफे में बेहतर वृद्धि देखने को मिल सकती है।
EBITDA में 17% CAGR की उम्मीद
ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY29 के बीच कंपनी का EBITDA CAGR लगभग 17% रह सकता है।
यदि भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की भागीदारी बढ़ती रहती है और SIP फ्लो मजबूत बना रहता है, तो कंपनी की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) और मुनाफे में लगातार वृद्धि संभव है।
किन जोखिमों का जिक्र किया?
Emkay ने अपनी रिपोर्ट में कुछ प्रमुख जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया है।
- SBI नेटवर्क से नए निवेशकों की अपेक्षा से कम वृद्धि।
- म्यूचुअल फंड स्कीमों का कमजोर प्रदर्शन।
- शेयर बाजार में लंबे समय तक मंदी।
- SEBI या अन्य नियामकीय बदलावों का असर।
- प्रतिस्पर्धी AMC कंपनियों से बढ़ती चुनौती।
इन कारणों से कंपनी की आय और वैल्यूएशन पर दबाव बन सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विश्लेषकों का मानना है कि SBI Funds Management भारत की तेजी से बढ़ती एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री का एक मजबूत खिलाड़ी है। यदि कंपनी अपने वितरण नेटवर्क, डिजिटल विस्तार और हाई-मार्जिन प्रोडक्ट्स पर फोकस बनाए रखती है, तो लंबी अवधि में बेहतर ग्रोथ की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि, निवेशकों को बाजार की स्थिति, कंपनी के तिमाही नतीजों और नियामकीय बदलावों पर भी नजर रखनी चाहिए।
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