नई दिल्ली: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की दौड़ अब और तेज होती दिख रही है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम (विजाग) और महाराष्ट्र के पुणे में बड़े भूखंड खरीदकर भविष्य की AI डेटा सेंटर परियोजनाओं की नींव रख दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन परिसरों में अमेरिकी AI कंपनी OpenAI की भारत में पहली डेटा फैसिलिटीज विकसित की जा सकती हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की सबसे बड़ी साझेदारियों में से एक होगी।
AI डेटा सेंटर की रेस में उतरी TCS
भारत में AI आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए TCS ने रणनीतिक रूप से दो बड़े भूमि सौदे किए हैं।
- आंध्र प्रदेश सरकार ने अनाकापल्ली जिले में TCS को लगभग 200 एकड़ जमीन आवंटित की है।
- इसी क्षेत्र में Google पहले से अपना 1GW हाइपरस्केल डेटा सेंटर विकसित कर रही है।
- इसके अलावा TCS ने पुणे के बोपखेल में 88 एकड़ जमीन सरकारी कंपनी हेमिस्फियर प्रॉपर्टीज से 640.50 करोड़ रुपये में खरीदी है।
हेमिस्फियर प्रॉपर्टीज ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि इस बिक्री को 30 जून को शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी थी।
OpenAI के साथ हो सकती है बड़ी साझेदारी
हालांकि TCS और OpenAI की ओर से अभी तक किसी आधिकारिक समझौते की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों कंपनियों के बीच बातचीत उन्नत चरण में पहुंच चुकी है।
हाल ही में TCS के CEO के. कृतिवासन ने कहा था कि कंपनी कई वैश्विक हाइपरस्केलर्स के साथ बातचीत के अंतिम चरण में है और विभिन्न स्थानों पर जमीन का मूल्यांकन भी किया जा रहा है।
उन्होंने संकेत दिया कि:
- चालू तिमाही में एक-दो समझौते हो सकते हैं।
- दूसरी तिमाही (Q2) में औपचारिक घोषणा की संभावना है।
यदि OpenAI भारत में अपना पहला डेटा सेंटर TCS के साथ स्थापित करती है, तो यह देश में AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को नई दिशा देगा।
अंबानी और अदाणी को मिलेगी चुनौती
भारत में AI डेटा सेंटर बाजार में पहले ही बड़े कॉरपोरेट समूह सक्रिय हो चुके हैं।
- Adani Group ने Google के साथ डेटा सेंटर साझेदारी की है।
- Reliance Industries और Meta के बीच AI व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सहयोग की चर्चा रही है।
- अब TCS और OpenAI की संभावित साझेदारी इस प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है।
इस तरह वैश्विक AI कंपनियों और भारतीय उद्योग समूहों के बीच यह तीसरी बड़ी रणनीतिक साझेदारी मानी जा रही है।
सिर्फ अंबानी-अदाणी ही नहीं, इन कंपनियों से भी मुकाबला
AI डेटा सेंटर कारोबार में केवल बड़े कारोबारी समूह ही नहीं बल्कि प्रमुख आईटी कंपनियां भी तेजी से निवेश कर रही हैं।
HCLTech
HCLTech ने हाल ही में भारत में AI-केंद्रित डेटा सेंटर बनाने के लिए 3,500 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना घोषित की है। कंपनी का लक्ष्य लंबी अवधि में 50 मेगावाट (MW) क्षमता विकसित करना है।
Accenture
वैश्विक प्रोफेशनल सर्विस कंपनी Accenture ने डेटा सेंटर डिजाइन, इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंसल्टिंग क्षमताओं को मजबूत करने के लिए रणनीतिक अधिग्रहण किए हैं। इससे कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाओं में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
Cognizant
Cognizant ने लगभग 600 मिलियन डॉलर में Astreya का अधिग्रहण कर AI इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेशंस और डेटा सेंटर मैनेजमेंट क्षमताओं का विस्तार किया है।
भारत क्यों बन रहा है AI डेटा सेंटर हब?
विशेषज्ञों के अनुसार भारत तेजी से वैश्विक AI डेटा सेंटर निवेश का केंद्र बन रहा है। इसके प्रमुख कारण हैं—
- AI और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग
- डिजिटल इंडिया और डेटा लोकलाइजेशन पर जोर
- सस्ती बिजली और भूमि की उपलब्धता
- तेजी से बढ़ता इंटरनेट और डिजिटल उपभोक्ता आधार
- सरकार की सेमीकंडक्टर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर नीतियां
इन कारणों से आने वाले वर्षों में भारत में अरबों डॉलर का निवेश AI डेटा सेंटर सेक्टर में देखने को मिल सकता है।
शेयर बाजार पर असर
इस खबर के बीच बीएसई पर कारोबार के दौरान TCS का शेयर शुरुआती कारोबार में लगभग 0.27% की गिरावट के साथ 2,244.05 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर में दीर्घकालिक निवेश कंपनी के भविष्य के कारोबार के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।
आगे क्या?
यदि TCS और OpenAI के बीच समझौता अंतिम रूप लेता है, तो यह भारत के AI इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा मील का पत्थर होगा। इससे देश में अत्याधुनिक डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग और जनरेटिव AI सेवाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही, TCS सीधे तौर पर रिलायंस, अदाणी, HCLTech, Cognizant और Accenture जैसी कंपनियों के साथ AI इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रतिस्पर्धा में मजबूती से उतरती नजर आएगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई शेयर बाजार संबंधी जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


