नई दिल्ली: भारत और स्पेन ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में सहयोग को नई गति देने का फैसला किया है। दोनों देश भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और स्पेन के लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म Bizum को आपस में जोड़ने को लेकर बातचीत तेज करेंगे। इस कदम से दोनों देशों के बीच सीमा-पार डिजिटल भुगतान अधिक आसान, तेज और सुरक्षित हो सकेंगे। यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी बयान में दी गई।
यह सहमति केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की 13 से 18 जुलाई के बीच यूरोप के चार देशों के दौरे के दौरान स्पेन यात्रा में बनी। इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की।
UPI और Bizum के बीच कनेक्टिविटी पर रहेगा फोकस
बैठक में दोनों देशों ने भारत के UPI और स्पेन के Bizum डिजिटल भुगतान नेटवर्क को जोड़ने की दिशा में वार्ता को तेज करने पर सहमति जताई। यदि यह पहल सफल होती है तो भारत और स्पेन के बीच कारोबार, पर्यटन और सीमा-पार लेनदेन पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधाजनक हो जाएंगे। साथ ही दोनों देशों के नागरिकों और व्यवसायों को डिजिटल भुगतान में नई सहूलियत मिलेगी।
उच्चस्तरीय मंत्रिस्तरीय बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा
पीयूष गोयल ने स्पेन के प्रथम उप-प्रधानमंत्री एवं अर्थव्यवस्था, व्यापार और व्यवसाय मंत्री कार्लोस कुएर्पो काबायेरो तथा उद्योग एवं पर्यटन मंत्री जोर्डी हेरेउ बोहेर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
बैठक के दौरान भारत ने व्यापारिक समुदाय की भागीदारी के साथ भारत-स्पेन संयुक्त आयोग (Joint Commission) की वार्षिक बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। वहीं स्पेन ने भारत के साथ सहयोग को और प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष “इंडिया टीम” गठित करने की पेशकश की।
इन प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
भारत और स्पेन ने कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की। इनमें शामिल हैं:
- ऑटोमोबाइल उद्योग
- फार्मास्युटिकल्स
- रसायन उद्योग
- वस्त्र एवं टेक्सटाइल
- नवीकरणीय ऊर्जा
- पर्यटन
- बुनियादी ढांचा विकास
दोनों देशों ने निवेश को बढ़ावा देने, पेशेवरों की आवाजाही आसान बनाने और लैटिन अमेरिका में संयुक्त निवेश के अवसरों पर भी चर्चा की। स्पेन की भौगोलिक स्थिति को यूरोप और लैटिन अमेरिका के प्रवेश द्वार के रूप में उपयोग करने पर विशेष जोर दिया गया।
‘मेक इन इंडिया’ और C-295 परियोजना को मिला समर्थन
पीयूष गोयल ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत चल रहे C-295 विमान निर्माण कार्यक्रम का स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रवासन एवं गतिशीलता साझेदारी तथा सामाजिक सुरक्षा समझौते में हुई प्रगति की भी सराहना की।
इन समझौतों से दोनों देशों के बीच कुशल पेशेवरों की आवाजाही और औद्योगिक सहयोग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बिजनेस फोरम में पेश किया ’10×10×10 विजन’
भारत-स्पेन बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से मिलने वाले अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने अगले दस वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और पर्यटन को 10 गुना बढ़ाने के उद्देश्य से “10×10×10 विजन” पेश किया। उनका कहना था कि शुरुआती स्तर पर साझेदारी स्थापित करने से भविष्य में दोनों देशों के उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
भारत-EU व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक में भी अहम फैसले
ब्रुसेल्स में आयोजित भारत-ईयू व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) की तीसरी मंत्रिस्तरीय बैठक में भी पीयूष गोयल ने सह-अध्यक्षता की।
बैठक में वर्ष 2026-27 के TTC एक्शन प्लान को अपनाने का स्वागत किया गया। इसके अलावा यूरोपीय संघ ने 21 अतिरिक्त भारतीय मत्स्य प्रसंस्करण प्रतिष्ठानों को मंजूरी दी, जिससे स्वीकृत भारतीय प्रतिष्ठानों की कुल संख्या बढ़कर 625 हो गई।
भारत ने उठाए कई महत्वपूर्ण मुद्दे
बैठक के दौरान भारत ने कई अहम विषयों पर यूरोपीय संघ के समक्ष अपने प्रस्ताव रखे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- भारतीय शिप रीसाइक्लिंग यार्डों को सूचीबद्ध करना
- कौशल, शिक्षा और प्रतिभा की आवाजाही पर भारत-ईयू संवाद शुरू करना
- निवेश संरक्षण समझौते को आगे बढ़ाना
- भौगोलिक संकेतक (GI) समझौते पर प्रगति
- कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) पर सहयोग
- कृषि उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ाना
- बासमती चावल और स्टील स्क्रैप पर शुल्क संबंधी रियायतें
जल्द FTA लागू करने पर दोहराई प्रतिबद्धता
भारत और यूरोपीय संघ दोनों ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर जल्द हस्ताक्षर करने और उसके शीघ्र क्रियान्वयन की दिशा में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। माना जा रहा है कि यह समझौता लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों, उद्योगों और निवेशकों को यूरोपीय बाजार में नए अवसर मिलेंगे।
भारत-स्पेन संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि UPI और Bizum के बीच इंटरऑपरेबिलिटी स्थापित होती है, तो यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे डिजिटल भुगतान के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन, निवेश और तकनीकी सहयोग को भी नई गति मिलने की संभावना है। भारत और स्पेन की यह पहल डिजिटल अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


