Narayana Murthy Quotes in Hindi: भारत की आईटी क्रांति के प्रमुख चेहरों में शामिल एन.आर. नारायण मूर्ति सिर्फ एक सफल उद्योगपति ही नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। इन्फोसिस के सह-संस्थापक के रूप में उन्होंने यह साबित किया कि ईमानदारी, अनुशासन और दूरदृष्टि के दम पर एक छोटी शुरुआत को वैश्विक सफलता में बदला जा सकता है। उनके विचार आज भी उद्यमियों, छात्रों और प्रोफेशनल्स को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
कौन हैं एन.आर. नारायण मूर्ति?
एन.आर. नारायण मूर्ति ने वर्ष 1981 में अपने छह साथियों के साथ मिलकर इन्फोसिस की स्थापना की थी। बेहद सीमित पूंजी से शुरू हुई यह कंपनी आज दुनिया की प्रमुख आईटी कंपनियों में गिनी जाती है। लगभग तीन दशकों तक कंपनी का नेतृत्व करने के बाद उन्होंने 2011 में चेयरमैन पद छोड़ा। बाद में 2013 में वे दोबारा कंपनी में लौटे और 2014 में प्रोफेशनल मैनेजमेंट को जिम्मेदारी सौंपकर सक्रिय भूमिका से अलग हो गए।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस, पारदर्शिता और कर्मचारियों को कंपनी की सफलता में भागीदार बनाने की उनकी सोच ने उन्हें उद्योग जगत में अलग पहचान दिलाई। फोर्ब्स के अनुसार, 18 जुलाई 2026 तक उनकी अनुमानित रियल-टाइम नेटवर्थ 3.6 अरब डॉलर थी।
क्यों प्रेरित करते हैं नारायण मूर्ति के विचार?
नारायण मूर्ति का मानना है कि केवल प्रतिभा ही सफलता की गारंटी नहीं होती। सही सोच, मजबूत चरित्र, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। उनके विचार बिजनेस, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और समाज—सभी क्षेत्रों के लोगों के लिए प्रेरणादायक हैं।
एन.आर. नारायण मूर्ति के 10 प्रेरणादायक विचार (Best Quotes in Hindi)
1. अपनी सही जगह तलाशिए
“विकास दर्दनाक होता है। बदलाव दर्दनाक होता है। लेकिन, ऐसी जगह अटके रहने से ज़्यादा दर्दनाक कुछ नहीं है, जहां आप फिट नहीं बैठते।”
यह विचार बताता है कि बदलाव से डरने के बजाय सही अवसर की तलाश करना ही आगे बढ़ने का रास्ता है।
2. औद्योगिक विकास ही राष्ट्र की ताकत है
“अगर इंग्लैंड एक विश्व शक्ति बना, तो इसकी वजह औद्योगिक क्रांति थी।”
मूर्ति का मानना है कि किसी भी देश की आर्थिक ताकत उसके उद्योग और नवाचार से बनती है।
3. गणित सोचने का सबसे सटीक माध्यम है
“मुझे हमेशा से गणित पसंद रहा है। यह किसी भी विचार को व्यक्त करने का सबसे सटीक और संक्षिप्त तरीका है।”
उनके अनुसार तार्किक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने में गणित महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
4. शिक्षा में राजनीति और नीति निर्माण की समझ जरूरी
“मेरा मानना है कि सभी विश्वविद्यालयों में कम से कम राजनीति और पॉलिसी से जुड़े कोर्स जरूर होने चाहिए।”
वे चाहते हैं कि युवाओं को केवल तकनीकी शिक्षा ही नहीं, बल्कि शासन और नीति निर्माण की भी समझ हो।
5. उद्यमिता बढ़ेगी तो रोजगार बढ़ेगा
“बिजनेस में आने वाली रुकावटों को कम करना होगा ताकि ज्यादा से ज्यादा उद्यमी आगे आएं, नौकरियां पैदा हों और लोगों की आय बढ़े।”
यह विचार आर्थिक विकास में उद्यमिता की अहम भूमिका को दर्शाता है।
6. एंटरप्रेन्योरशिप का असली अर्थ
“एंटरप्रेन्योरशिप भविष्य के बड़े लाभ के लिए आज की संतुष्टि को टालने का नाम है।”
सफल उद्यमी वही होता है जो लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए धैर्य रखता है।
7. अवसर हर जगह मौजूद हैं
“भारत के बाहर भी और भारत में भी अवसर मौजूद हैं। आज कई बड़े प्रोजेक्ट भारत में ही पूरे किए जा रहे हैं।”
उनका मानना है कि भारतीय प्रतिभा के लिए दुनिया भर में संभावनाएं हैं।
8. ज्ञान का उद्देश्य मानवता की सेवा
“इंजीनियर और डॉक्टर होने के नाते हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि हम दुख झेल रही मानवता के चेहरों पर मुस्कान लाएं।”
वे प्रोफेशनल्स से समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हैं।
9. उपभोक्ता और गरीब का हित सर्वोपरि
“कोई भी ऐसा तरीका जिससे उपभोक्ताओं को फायदा हो, अनाज की बर्बादी रुके और गरीबों की मदद हो, उसका स्वागत किया जाना चाहिए।”
यह विचार समावेशी विकास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को दर्शाता है।
10. टेक्नोलॉजी से बदलेगा हेल्थकेयर
“हमारे पास स्वास्थ्य सुविधाएं हैं, लेकिन वे अक्सर जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पातीं। ऐसे में टेक्नोलॉजी सबसे अच्छा समाधान है।”
उनके अनुसार डिजिटल तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बना सकती है।
नारायण मूर्ति की सोच से क्या सीख मिलती है?
नारायण मूर्ति के विचार बताते हैं कि सफलता का रास्ता ईमानदारी, मेहनत, अनुशासन और लगातार सीखने से होकर गुजरता है। चाहे करियर बनाना हो, स्टार्टअप शुरू करना हो या समाज के लिए कुछ बेहतर करना हो, उनके विचार हर व्यक्ति को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। आज के युवाओं के लिए उनका संदेश साफ है—बदलाव को अपनाइए, अपनी क्षमता पर भरोसा रखिए और ऐसे काम की तलाश कीजिए जहां आपकी प्रतिभा सही मायने में निखर सके।


